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Maharajganj News: बागापार से महराजगंज जाने में यात्रियों को हो रही परेशानी
Mon, 29 Jan 2024 03:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 29 Jan 2024 03:06 AM IST
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बागापार। ग्राम पंचायत बागापार एवं आसपास के दर्जनों ग्राम सभाओं के लोगों को जिला मुख्यालय आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्राइवेट वाहन चालक लोगों से मनमाना किराया वसूल करते हैं। कहने के लिए तो एक सरकारी बस फुर्सतपुर, बागापार होते हुए महराजगंज जाती है, लेकिन उसका कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी सुबह 6 बजे ही बागापार से महराजगंज के लिए निकलेगी तो कभी 10 बजे। ऐसे में जिला मुख्यालय जाने के लिए कस्बे में इंतजार कर रहे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विश्वनाथ यादव ने बताया कि केवल एक बस से एक लाख आबादी को रोडवेज की सुविधा नहीं दी जा सकती। विभाग को चाहिए की एक और बस का संचालन करे, जिससे लोगों को सहूलियत मिल सके।
जितेंद्र आर्य ने कहा की सरकारी बस न होने से प्राइवेट वाहन चालक मनमानी किराया वसूलते हैं। यात्री को कितनी भी जरूरत क्यों ना हो लेकिन वह अपने गंतव्य तक तभी जाएंगे जब तक वाहन पूरी तरह से भर न जाए।
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रणविजय चौधरी ने कहा आबादी के हिसाब से बागापार में एक और बस संचालित होनी चाहिए। जिससे छात्रों, अन्य जरूरत से जिला मुख्यालय जाने वाले यात्रियों को आसानी से वाहन उपलब्ध हो सके। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि जो बस सुबह महराजगंज जाती है, वह देर शाम को वापस आती है। बीच में आठ घंटे प्राइवेट वाहन चालकों की मनमानी चरम पर रहती है। सात किलोमीटर की दूरी पर 30 रुपये किराया वसूलते हैं। कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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विश्वनाथ यादव ने बताया कि केवल एक बस से एक लाख आबादी को रोडवेज की सुविधा नहीं दी जा सकती। विभाग को चाहिए की एक और बस का संचालन करे, जिससे लोगों को सहूलियत मिल सके।
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जितेंद्र आर्य ने कहा की सरकारी बस न होने से प्राइवेट वाहन चालक मनमानी किराया वसूलते हैं। यात्री को कितनी भी जरूरत क्यों ना हो लेकिन वह अपने गंतव्य तक तभी जाएंगे जब तक वाहन पूरी तरह से भर न जाए।
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रणविजय चौधरी ने कहा आबादी के हिसाब से बागापार में एक और बस संचालित होनी चाहिए। जिससे छात्रों, अन्य जरूरत से जिला मुख्यालय जाने वाले यात्रियों को आसानी से वाहन उपलब्ध हो सके। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि जो बस सुबह महराजगंज जाती है, वह देर शाम को वापस आती है। बीच में आठ घंटे प्राइवेट वाहन चालकों की मनमानी चरम पर रहती है। सात किलोमीटर की दूरी पर 30 रुपये किराया वसूलते हैं। कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।