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Maharajganj News: चकदह में तेंदुए के चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत
Mon, 14 Apr 2025 05:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 14 Apr 2025 05:37 PM IST
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नौतनवा। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग उत्तरी चौक रेंज के जंगल के किनारे बसे गांव चकदह में तेंदुए का आतंक कम नहीं हो रहा है। कहीं न कहीं वह दिख जा रहा है। कभी मवेशियों हमला करता है तो कभी वह बकरियों को अपना निवाला बनाता है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीणों का कहना है कि कहीं तेंदुआ किसी पर हमला न कर दे। चकदह गांव के शाहपुर टोले से पूरब गोशाला के पास एक नाला है जहां एक तेंदुआ अपने बच्चे के साथ चहलकदमी करते हुए दिख रहा है। बीते 23 मार्च को भी चकदह गांव के बेलभार टोले के जगदीश राजभर की बकरी को बघेला नदी के पास से झाड़ी में छुपा तेंदुआ दबोचकर जंगल में लेकर चला गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि 7 अप्रैल 2024 को शाहपुर टोले से पूरब जंगल के किनारे कुटी में रह रहे साधू शिवपूजन दास पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसके बाद 18 अप्रैल को दूसरे साधू शिवप्रसाद पर हमला कर घायल कर दिया था, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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ग्रामीण बंदेश्वर सिंह, शिवनाथ, रामजी, विक्रम, निर्मला, दुर्गावती, जयप्रकाश, कन्हैया, गणेश आदि लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष अप्रैल माह में तेंदुए ने आतंक मचाया था जिसमें एक साधू की मौत हो गई थी। इस साल भी अप्रैल में तेंदुआ शावक के साथ दिख रहा है, जिससे भय लग रहा है कि कहीं तेंदुआ किसी और को न अपना निशाना बना ले।
उत्तरी चौक रेंजर रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वनकर्मियों को गश्त करने और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि कहीं तेंदुआ किसी पर हमला न कर दे। चकदह गांव के शाहपुर टोले से पूरब गोशाला के पास एक नाला है जहां एक तेंदुआ अपने बच्चे के साथ चहलकदमी करते हुए दिख रहा है। बीते 23 मार्च को भी चकदह गांव के बेलभार टोले के जगदीश राजभर की बकरी को बघेला नदी के पास से झाड़ी में छुपा तेंदुआ दबोचकर जंगल में लेकर चला गया था।
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ग्रामीणों का कहना है कि 7 अप्रैल 2024 को शाहपुर टोले से पूरब जंगल के किनारे कुटी में रह रहे साधू शिवपूजन दास पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसके बाद 18 अप्रैल को दूसरे साधू शिवप्रसाद पर हमला कर घायल कर दिया था, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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ग्रामीण बंदेश्वर सिंह, शिवनाथ, रामजी, विक्रम, निर्मला, दुर्गावती, जयप्रकाश, कन्हैया, गणेश आदि लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष अप्रैल माह में तेंदुए ने आतंक मचाया था जिसमें एक साधू की मौत हो गई थी। इस साल भी अप्रैल में तेंदुआ शावक के साथ दिख रहा है, जिससे भय लग रहा है कि कहीं तेंदुआ किसी और को न अपना निशाना बना ले।
उत्तरी चौक रेंजर रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वनकर्मियों को गश्त करने और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।