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Maharajganj News: एक से होगी धान खरीद, 160 क्रय केंद्र बने
Sun, 06 Oct 2024 03:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 06 Oct 2024 03:54 AM IST
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महराजगंज। जिले में एक नवंबर से धान खरीद होगी। इसके लिए 160 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। किसानों को धान बेचने संबंधित जानकारी के लिए विभाग प्रचार-प्रसार भी करा रहा है। किसानों को खरीद से पूरी जानकारी देने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर भी लगाए जाएंगे।
जिले में धान खरीद के लिए विभाग की ओर से कुल 160 क्रय केंद्र खोलने की अनुमति मिली है। इसके अलावा अभी नौ और केंद्र खुलेंगे। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। शासन स्तर से इसकी अनुमति मिलते ही केंद्र खुल जाएंगे। पिछले वर्ष जिले में 2 लाख 85 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला था। इस बार 2 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डिप्टी एआरएमओ विवेक कुमार सिंह ने बताया कि धान खरीद से जुड़ीं सभी तैयारियां पूरी की जा रहीं हैं। कुल 160 क्रय केंद्र बना दिए गए हैं। अभी 9 और केंद्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है। शासन से अनुमति के बाद बनाया जाएगा। किसानों को धान खरीद में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सभी केंद्र प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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धान तौल के लिए केंद्र पर भाग दौड़ करना पड़ता
बैदा गांव के किसान संतोष कुमार कहते हैं कि धान बेचने के लिए हर वर्ष किसानों को जागरूक किया जाता है। क्रय केंद्रों की वास्तविकता यह है कि केंद्र पर बिचौलियों की सबसे पहले धान की तौल होती है। किसानों को एक सप्ताह तक धान तौल के लिए केंद्र पर भाग दौड़ करना पड़ता है। अगर किसी तरह धान की तौल हो भी जाती है तो कमीशन के चक्कर में भुगतान के लिए दौड़ाया जाता है। पिछले वर्ष साधन सहकारी समिति मुजुरी पर 95 क्विंटन धान का तौल कराया था। भुगतान के लिए दो महीनों तक इंतजार करना पड़ा था। बैदा गांव के शिवहरि ने कहा कि सरकार को इस मामले में ठोस कदम उठाते हुए बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक पारदर्शी खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए।
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जिले में धान खरीद के लिए विभाग की ओर से कुल 160 क्रय केंद्र खोलने की अनुमति मिली है। इसके अलावा अभी नौ और केंद्र खुलेंगे। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। शासन स्तर से इसकी अनुमति मिलते ही केंद्र खुल जाएंगे। पिछले वर्ष जिले में 2 लाख 85 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला था। इस बार 2 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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डिप्टी एआरएमओ विवेक कुमार सिंह ने बताया कि धान खरीद से जुड़ीं सभी तैयारियां पूरी की जा रहीं हैं। कुल 160 क्रय केंद्र बना दिए गए हैं। अभी 9 और केंद्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है। शासन से अनुमति के बाद बनाया जाएगा। किसानों को धान खरीद में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सभी केंद्र प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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धान तौल के लिए केंद्र पर भाग दौड़ करना पड़ता
बैदा गांव के किसान संतोष कुमार कहते हैं कि धान बेचने के लिए हर वर्ष किसानों को जागरूक किया जाता है। क्रय केंद्रों की वास्तविकता यह है कि केंद्र पर बिचौलियों की सबसे पहले धान की तौल होती है। किसानों को एक सप्ताह तक धान तौल के लिए केंद्र पर भाग दौड़ करना पड़ता है। अगर किसी तरह धान की तौल हो भी जाती है तो कमीशन के चक्कर में भुगतान के लिए दौड़ाया जाता है। पिछले वर्ष साधन सहकारी समिति मुजुरी पर 95 क्विंटन धान का तौल कराया था। भुगतान के लिए दो महीनों तक इंतजार करना पड़ा था। बैदा गांव के शिवहरि ने कहा कि सरकार को इस मामले में ठोस कदम उठाते हुए बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक पारदर्शी खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए।