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Maharajganj News: ऑस्टियोपोरोसिस कर रहा हड्डियों को खोखला, बढ़ रहे मरीज
Sat, 20 Jul 2024 06:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 20 Jul 2024 06:01 AM IST
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मरीज को परामर्श देते हड्डी रोग विशेषज्ञ
महराजगंज। ऑस्टियोपोरोसिस अब उम्र बढ़ने का रोग नहीं रह गया है। अब इसकी गिरफ्त में युवा भी आने लगे हैं। अनियंत्रित दिनचर्या, खानपान में पोषक तत्वों की कमी समेत अन्य कारणों से ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें महिलाओं की संख्या अधिक है।
जिला अस्पताल में औसतन 150 मरीजों के हड्डी विभाग के ओपीडी में रोजाना 40 से 50 मरीज ऑस्टियोपोरोसिस के पहुंच रहे हैं। चिकित्सक के मुताबिक पहले यह संख्या 30 के आसपास होती थी।
जिला अस्पताल में हड्डी रोग के आपीडी में ऑस्टोपीनिया और ऑस्टियोपोरोसिस कि समस्या को लेकर अधिक मरीज आ रहे हैं। 50 से 60 साल के बाद होने वाला यह रोग अब 30 से 40 पार वालों में भी देखने को मिल रहा है। चिकित्सक इसे वंशानुगत कारण के अलावा, अनियमित दिनचर्या, खानपान पर ध्यान न देना, स्टेराइड का प्रयोग समेत अन्य कारण मान रहे हैं।
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क्या है ऑस्टियोपोरोसिस
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रितेश गुप्ता के मुताबिक सामान्य तौर पर हमारी हड्डियां लगातार नवीनीकरण की अवस्था में होती हैं। यानि कि हड्डियों के पुराने ऊत्तक नष्ट होते रहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में ऊतक तो नष्ट होते जाते हैं पर नए ऊत्तकों का निर्माण नहीं हो पाता है।
बचाव के उपाय
प्रतिदिन व्यायाम करें।
शरीर में विटामिन की कमी न होने दें।
विटामिन डी के लिए नियमित रूप से धूप सेंके।
स्मोकिंग और शराब से बचे।
मोटापा कम करें।
तनाव से दूर रहे।
इन रोगों के शिकार हैं तो बरतें सावधानी
-कुछ रोगों के शिकार लोगों को असॅस्टियोपोरोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है
-इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज।
-किडनी या लीवर रोग और कैंसर।
-रूमेटाइड आर्थराइटिस
अनियमित दिनचर्या, खानपान में पोषक तत्वों की कमी, पारिवारिक इतिहास और उम्र की वजह से भी ऑस्टियोपोरोसिस रोग होता है। ऑस्टियोपोरोसिस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसके पहले स्टेज ऑस्टोपीनिया का पता लगने पर सतर्क हो जाना चाहिए।
-डॉ. रितेश गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ
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जिला अस्पताल में औसतन 150 मरीजों के हड्डी विभाग के ओपीडी में रोजाना 40 से 50 मरीज ऑस्टियोपोरोसिस के पहुंच रहे हैं। चिकित्सक के मुताबिक पहले यह संख्या 30 के आसपास होती थी।
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जिला अस्पताल में हड्डी रोग के आपीडी में ऑस्टोपीनिया और ऑस्टियोपोरोसिस कि समस्या को लेकर अधिक मरीज आ रहे हैं। 50 से 60 साल के बाद होने वाला यह रोग अब 30 से 40 पार वालों में भी देखने को मिल रहा है। चिकित्सक इसे वंशानुगत कारण के अलावा, अनियमित दिनचर्या, खानपान पर ध्यान न देना, स्टेराइड का प्रयोग समेत अन्य कारण मान रहे हैं।
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क्या है ऑस्टियोपोरोसिस
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रितेश गुप्ता के मुताबिक सामान्य तौर पर हमारी हड्डियां लगातार नवीनीकरण की अवस्था में होती हैं। यानि कि हड्डियों के पुराने ऊत्तक नष्ट होते रहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या में ऊतक तो नष्ट होते जाते हैं पर नए ऊत्तकों का निर्माण नहीं हो पाता है।
बचाव के उपाय
प्रतिदिन व्यायाम करें।
शरीर में विटामिन की कमी न होने दें।
विटामिन डी के लिए नियमित रूप से धूप सेंके।
स्मोकिंग और शराब से बचे।
मोटापा कम करें।
तनाव से दूर रहे।
इन रोगों के शिकार हैं तो बरतें सावधानी
-कुछ रोगों के शिकार लोगों को असॅस्टियोपोरोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है
-इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज।
-किडनी या लीवर रोग और कैंसर।
-रूमेटाइड आर्थराइटिस
अनियमित दिनचर्या, खानपान में पोषक तत्वों की कमी, पारिवारिक इतिहास और उम्र की वजह से भी ऑस्टियोपोरोसिस रोग होता है। ऑस्टियोपोरोसिस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसके पहले स्टेज ऑस्टोपीनिया का पता लगने पर सतर्क हो जाना चाहिए।
-डॉ. रितेश गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ