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Maharajganj News: शिक्षकों की निगरानी का आदेश ठंडे बस्ते में
Mon, 24 Jun 2024 04:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 24 Jun 2024 04:34 AM IST
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महराजगंज। सरकारी स्कूलों के शिक्षक कक्षाएं चलने के दौरान भी नदारद रहते हैं। इससे निपटने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से निगरानी को लेकर विगत वर्ष आदेश जारी किया गया था। आदेश के बाद शिक्षकों की ऑनलाइन निगरानी की जानी थी, लेकिन जिले में तैनात शिक्षा विभाग के अधिकारी एक साल बाद भी आदेश का पालन नहीं करा पाए।
बीते कुछ सालों में शासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने को लेकर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। आदेश तो पारित कर दिए जाते हैं, लेकिन पालन जिले में बैठे अधिकारी नहीं करा पाते हैं। आदेश था कि शिक्षकों की ऑनलाइन निगरानी हो, जिसका अनुपालन नहीं हो सका। औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षकों के कक्षाओं से नदारद रहने के कई मामले सामने आने के बाद शिक्षा निदेशक की ओर से आदेश जारी किया गया था। इसमें निपुण भारत मिशन को मानकों के अनुरूप लागू करने व स्कूलों की गतिविधियों की निगरानी के लिए प्रकोष्ठ गठित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन यह आदेश सिर्फ फाइलों तक ही रहा और जिला स्तर पर निगरानी के लिए कमेटी गठित नहीं हो सकी।
निदेशक की ओर से जारी आदेश के बाद जिले में निगरानी के लिए कमेटी गठित की जानी थी। इस कमेटी को बीएसए की ओर से जिलेभर के शिक्षा कर्मियों के मोबाइल नंबर मुहैया कराए जाने थे। यह निगरानी कमेटी रोजाना 10 स्कूलों को चिह्नित करती और कक्षा संचालन के दौरान वीडियो या वॉयस कॉल से शिक्षकों की लोकेशन लेती। तीन से अधिक बार फोन नहीं उठाने पर शिक्षक को खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान था।
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यह पुराना आदेश है। उसके बाद हाजिरी के लिए स्कूलों में टैबलेट भेजे गए, लेकिन विरोध के कारण वह फलीभूत नहीं हुआ। स्कूलों का निरीक्षण मैं भी करता हूं, खंड शिक्षा अधिकारी भी कार्रवाई करते हैं। सभी वस्तुस्थिति से उच्चाधिकारी अवगत हैं।
-श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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बीते कुछ सालों में शासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने को लेकर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। आदेश तो पारित कर दिए जाते हैं, लेकिन पालन जिले में बैठे अधिकारी नहीं करा पाते हैं। आदेश था कि शिक्षकों की ऑनलाइन निगरानी हो, जिसका अनुपालन नहीं हो सका। औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षकों के कक्षाओं से नदारद रहने के कई मामले सामने आने के बाद शिक्षा निदेशक की ओर से आदेश जारी किया गया था। इसमें निपुण भारत मिशन को मानकों के अनुरूप लागू करने व स्कूलों की गतिविधियों की निगरानी के लिए प्रकोष्ठ गठित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन यह आदेश सिर्फ फाइलों तक ही रहा और जिला स्तर पर निगरानी के लिए कमेटी गठित नहीं हो सकी।
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निदेशक की ओर से जारी आदेश के बाद जिले में निगरानी के लिए कमेटी गठित की जानी थी। इस कमेटी को बीएसए की ओर से जिलेभर के शिक्षा कर्मियों के मोबाइल नंबर मुहैया कराए जाने थे। यह निगरानी कमेटी रोजाना 10 स्कूलों को चिह्नित करती और कक्षा संचालन के दौरान वीडियो या वॉयस कॉल से शिक्षकों की लोकेशन लेती। तीन से अधिक बार फोन नहीं उठाने पर शिक्षक को खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान था।
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यह पुराना आदेश है। उसके बाद हाजिरी के लिए स्कूलों में टैबलेट भेजे गए, लेकिन विरोध के कारण वह फलीभूत नहीं हुआ। स्कूलों का निरीक्षण मैं भी करता हूं, खंड शिक्षा अधिकारी भी कार्रवाई करते हैं। सभी वस्तुस्थिति से उच्चाधिकारी अवगत हैं।
-श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी