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डॉक्टर हड़ताल पर, ओपीडी बंद
महराजगंज/ ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2016 01:12 AM IST
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Docter on stike
- फोटो : अमर उजाला
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निचलौल, स्थानीय सीएचसी परिसर में रविवार की रात महिला के शव को एंबुलेंस से घर पहुंचवाने की बात पर शुरू हुए हंगामे के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों पर उपद्रवियों का कहर जमकर टूटा।
डॉक्टर सहित एंबुलेंस कर्मचारियों को मारने पीटने के बाद उपद्रवियों ने तीन एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त कर अस्पताल में भी जमकर तोड़फोड़ की जिसके बाद सोमवार को स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। पूरे दिन ओपीडी सेवा ठप रही जिससे मरीजों को भारी दुश्वरियां झेलनी पड़ीं।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बैदौली के पहाड़ी टोला निवासी राजकुमार की पत्नी गंगा देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल लाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर इमरजेंसी ड्यूटी में रहे डॉ. अनूप कुमार व डीएन सिंह ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन व ग्रामीण महिला के शव को 108 नंबर की एंबुलेंस से घर पहुंचाने की मांग करने लगे। मना करने पर एंबुलेंस कर्मी को मारने पीटने लगे। बीच -बचाव करने आये डॉक्टर डीएन सिंह को भी बुरी तरह मारा पीटा गया। इतने से भी जी न भरा तो अस्पताल में खड़ी 108 नंबर की दो और 102 नंबर की एक एंबुलेंस को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
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करीब सवा घंटा अस्पताल परिसर उपद्रवियों के दहशत में रहा। लोग अस्पताल छोड़ कर भागने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखते ही उपद्रवी भाग निकले घंटों बाद स्थिति सामान्य हुई। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन में खासा आक्रोश है। सोमवार को डाक्टरों सहित अस्पताल कर्मी व एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी परिस्थिति में अस्पताल में काम कर पाना मुश्किल है।
आए दिन ऐसी स्थिति बनी रहती है और पुलिस मामलों को गंभीरता से नहीं लेती। प्रशासन सुरक्षा देगी तभी अस्पताल में काम काज शुरू होगा। प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर अंग्रेस सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों को समझा बूझा कर इमरजेंसी सेवा बहाल करा दी गई है और इस मामले में पुलिस को तहरीर दी जा चुकी है। ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो अस्पताल की व्यवस्था का संचालन कठिन होगा। दूसरी ओर, मरीजों की परेशानी देखने को मिली। इस गर्मी के सीजन में भीषण लू चलने से लोग दवा लेने भी अस्पताल विभिन्न रोग के कारण पहुंच रहे हंै। अस्पताल में हंगामा खड़ा हो जाने से सीएचसी में आनेवाले लोग हैरान परेशान रहे।इसे देखकर कर्मी भी परेशान रहे।
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डॉक्टर सहित एंबुलेंस कर्मचारियों को मारने पीटने के बाद उपद्रवियों ने तीन एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त कर अस्पताल में भी जमकर तोड़फोड़ की जिसके बाद सोमवार को स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। पूरे दिन ओपीडी सेवा ठप रही जिससे मरीजों को भारी दुश्वरियां झेलनी पड़ीं।
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मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बैदौली के पहाड़ी टोला निवासी राजकुमार की पत्नी गंगा देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल लाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर इमरजेंसी ड्यूटी में रहे डॉ. अनूप कुमार व डीएन सिंह ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन व ग्रामीण महिला के शव को 108 नंबर की एंबुलेंस से घर पहुंचाने की मांग करने लगे। मना करने पर एंबुलेंस कर्मी को मारने पीटने लगे। बीच -बचाव करने आये डॉक्टर डीएन सिंह को भी बुरी तरह मारा पीटा गया। इतने से भी जी न भरा तो अस्पताल में खड़ी 108 नंबर की दो और 102 नंबर की एक एंबुलेंस को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
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करीब सवा घंटा अस्पताल परिसर उपद्रवियों के दहशत में रहा। लोग अस्पताल छोड़ कर भागने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखते ही उपद्रवी भाग निकले घंटों बाद स्थिति सामान्य हुई। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन में खासा आक्रोश है। सोमवार को डाक्टरों सहित अस्पताल कर्मी व एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी परिस्थिति में अस्पताल में काम कर पाना मुश्किल है।
आए दिन ऐसी स्थिति बनी रहती है और पुलिस मामलों को गंभीरता से नहीं लेती। प्रशासन सुरक्षा देगी तभी अस्पताल में काम काज शुरू होगा। प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर अंग्रेस सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों को समझा बूझा कर इमरजेंसी सेवा बहाल करा दी गई है और इस मामले में पुलिस को तहरीर दी जा चुकी है। ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो अस्पताल की व्यवस्था का संचालन कठिन होगा। दूसरी ओर, मरीजों की परेशानी देखने को मिली। इस गर्मी के सीजन में भीषण लू चलने से लोग दवा लेने भी अस्पताल विभिन्न रोग के कारण पहुंच रहे हंै। अस्पताल में हंगामा खड़ा हो जाने से सीएचसी में आनेवाले लोग हैरान परेशान रहे।इसे देखकर कर्मी भी परेशान रहे।