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Maharajganj News: चार सीएचसी पर मिलेगी ऑनलाइन पर्ची
Tue, 22 Apr 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 22 Apr 2025 12:35 AM IST
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महराजगंज। जिले के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के लिए डिजिटल ऑनलाइन पर्ची की सुविधा शुरू हो गई है। यह सुविधा पहले चरण में रतनपुर, सदर, निचलौल और फरेंदा सीएचसी में प्रारंभ की गई है।
डिजिटल पर्ची सीधे संबंधित डॉक्टर के पास पहुंच जाएगी। इससे मरीज को शीघ्र इलाज मिल सकेगा। जानकारी के अनुसार, जिले में 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं।
शासन की मंशा है कि इन सभी केंद्रों पर मरीजों को बेहतर और समय से इलाज उपलब्ध कराया जाए। इस उद्देश्य से इन केंद्रों पर डिजिटल ऑनलाइन पर्ची व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत मरीजों को पहले काउंटर पर जाकर अपना पंजीकरण कराना होगा।
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पंजीकरण के बाद मरीज की जानकारी संबंधित चिकित्सक के पास सीधे डिजिटल माध्यम से पहुंच जाएगी। चिकित्सक मरीज की जांच के आधार पर दवा लिखेंगे या आवश्यक जांच के लिए सलाह देंगे। डिजिटल प्रणाली से डाटा सुरक्षित रहेगा। भविष्य में भी मरीज की बीमारी का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
डिजिटल ऑनलाइन पर्ची की यह सुविधा खास तौर पर उन मरीजों के लिए मददगार साबित होगी, जो अन्य जिलों या अन्य अस्पतालों में भी इलाज कराना चाहते हैं। पर्ची की डिजिटल प्रति होने के कारण उन्हें बार-बार रिपोर्ट और पर्ची साथ ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी। चिकित्सकों के लिए भी मरीज का पिछला रिकॉर्ड देख पाना आसान होगा।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमओ
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डिजिटल पर्ची सीधे संबंधित डॉक्टर के पास पहुंच जाएगी। इससे मरीज को शीघ्र इलाज मिल सकेगा। जानकारी के अनुसार, जिले में 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं।
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शासन की मंशा है कि इन सभी केंद्रों पर मरीजों को बेहतर और समय से इलाज उपलब्ध कराया जाए। इस उद्देश्य से इन केंद्रों पर डिजिटल ऑनलाइन पर्ची व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत मरीजों को पहले काउंटर पर जाकर अपना पंजीकरण कराना होगा।
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पंजीकरण के बाद मरीज की जानकारी संबंधित चिकित्सक के पास सीधे डिजिटल माध्यम से पहुंच जाएगी। चिकित्सक मरीज की जांच के आधार पर दवा लिखेंगे या आवश्यक जांच के लिए सलाह देंगे। डिजिटल प्रणाली से डाटा सुरक्षित रहेगा। भविष्य में भी मरीज की बीमारी का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
डिजिटल ऑनलाइन पर्ची की यह सुविधा खास तौर पर उन मरीजों के लिए मददगार साबित होगी, जो अन्य जिलों या अन्य अस्पतालों में भी इलाज कराना चाहते हैं। पर्ची की डिजिटल प्रति होने के कारण उन्हें बार-बार रिपोर्ट और पर्ची साथ ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी। चिकित्सकों के लिए भी मरीज का पिछला रिकॉर्ड देख पाना आसान होगा।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमओ