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स्वास्थ्य
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ओमिक्रॉन : बचाव के लिए बाहर से जिले में आने वालों की जांच तेज
महराजगंज। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से बचाव के लिए तैयारी तेज कर दी गई है। जिले में सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। भारत-नेपाल की सोनौली सीमा पर एक टीम और दूसरी टीम जिले में प्रवेश की सीमा कतरारी में लगी है। इन टीमों द्वारा प्रत्येक दिन बाहर से आने वालों की जांच की जा रही है। कोरोना के नए वैरिएंट से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ ही जरूरत के अनुसार इलाज का बेहतर इंतजाम किया जा रहा है।
जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी घुघली, धानी, नौतनवां, पीएचसी गोपाला में इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई है। मास्क एवं सैनिटाइजर का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कतरारी में एलटी नरेंद्र सिंह, सविनय कुमार, हरिलाल के द्वारा लोगों की जांच की जा रही है। इसी तरह से सोनौली में टीम जांच करने में जुटी है। वहीं, नेपाली सीमा में भी नेपाल के स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी जांच करने में जुटे हैं।
ड्राई रन के जरिए मशीनों की क्रियाशीलता की परख
महराजगंज। सीएमओ कार्यालय परिसर में पुराने ब्लड बैंक के भवन में बने आरटीपीसीआर लैब में बृहस्पतिवार रात टीम ने ड्राई रन को पूरा किया। लैब में तैनात कर्मियों के अलावा गोरखपुर से आई टीम ने रात में पूर्वाभ्यास कर कोरोना जांच के लिए लगी मशीनों की क्रियाशीलता की परख की। जिले में अब कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध हो गई है। वैज्ञानिक सोनौली चंद्रा, रंभा त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव, डिप्टी सीएमओ डॉ.आईए अंसारी एवं गोरखपुर से आई टीम ने कोरोना जांच की व्यवस्था की परख की। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि ड्राई रन के जरिए मशीनों की क्रियाशीलता की परख कर ली गई है। अब जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध होने से रिपोर्ट जल्द मिल जाएगी। संवाद
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ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए विभाग की ओर से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। अस्पताल में व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही बाहर से आने वाले की जांच तेजी से की जा रही है। इसके लिए कतरारी एवं सोनौली में टीम लगी है।
-डॉ.आईए अंसारी, डिप्टी सीएमओ
कोरोना जांच में लापरवाही, डेढ़ घंटे बाद जांच करने पहुंचे कर्मी
सोनौली। ओमिक्रॉन के प्रभाव को देखते हुए शुक्रवार को जांच में सरहद पर लापरवाही दिखी। करीब डेढ़ घंटे बाद टीम सोनौली सीमा पर जांच करने में पहुंचे। टीम को जाने के पहले तमाम यात्री बगैर जांच के ही प्रवेश कर गए। भारत की तरफ से दो तो नेपाल की तरफ से पांच सदस्यीय टीम सरहद पर जांच में जुटी है। नेपाल में सुबह आठ बजे से रात सात बजे तक और भारत की तरफ सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक जांच किया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक टीम जांच के लिए नहीं पहुंची थी। दूरदराज एवं विदेशों से यात्रा कर नेपाल आए और भारत में जाने के लिए सोनौली पहुंचे करीब 36 लोग बिना जांच भारत में प्रवेश कर गए। करीब 11 बजकर 46 बजे के बाद टीम पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू हुई। शुक्रवार को दोपहर 12.30 बजे तक टीम सीमा पर 38 लोगों की जांच की। उसी प्रकार नेपाल की तरफ भारत से जाने वाले 105 लोगों के सैंपल लिए गए। एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे से चार बजे तक 72 लोगों का सैंपल लिया गया। लापरवाही की जांच की जाएगी।
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महराजगंज। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से बचाव के लिए तैयारी तेज कर दी गई है। जिले में सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। भारत-नेपाल की सोनौली सीमा पर एक टीम और दूसरी टीम जिले में प्रवेश की सीमा कतरारी में लगी है। इन टीमों द्वारा प्रत्येक दिन बाहर से आने वालों की जांच की जा रही है। कोरोना के नए वैरिएंट से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ ही जरूरत के अनुसार इलाज का बेहतर इंतजाम किया जा रहा है।
जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी घुघली, धानी, नौतनवां, पीएचसी गोपाला में इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई है। मास्क एवं सैनिटाइजर का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कतरारी में एलटी नरेंद्र सिंह, सविनय कुमार, हरिलाल के द्वारा लोगों की जांच की जा रही है। इसी तरह से सोनौली में टीम जांच करने में जुटी है। वहीं, नेपाली सीमा में भी नेपाल के स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी जांच करने में जुटे हैं।
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ड्राई रन के जरिए मशीनों की क्रियाशीलता की परख
महराजगंज। सीएमओ कार्यालय परिसर में पुराने ब्लड बैंक के भवन में बने आरटीपीसीआर लैब में बृहस्पतिवार रात टीम ने ड्राई रन को पूरा किया। लैब में तैनात कर्मियों के अलावा गोरखपुर से आई टीम ने रात में पूर्वाभ्यास कर कोरोना जांच के लिए लगी मशीनों की क्रियाशीलता की परख की। जिले में अब कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध हो गई है। वैज्ञानिक सोनौली चंद्रा, रंभा त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव, डिप्टी सीएमओ डॉ.आईए अंसारी एवं गोरखपुर से आई टीम ने कोरोना जांच की व्यवस्था की परख की। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि ड्राई रन के जरिए मशीनों की क्रियाशीलता की परख कर ली गई है। अब जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध होने से रिपोर्ट जल्द मिल जाएगी। संवाद
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ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए विभाग की ओर से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। अस्पताल में व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही बाहर से आने वाले की जांच तेजी से की जा रही है। इसके लिए कतरारी एवं सोनौली में टीम लगी है।
-डॉ.आईए अंसारी, डिप्टी सीएमओ
कोरोना जांच में लापरवाही, डेढ़ घंटे बाद जांच करने पहुंचे कर्मी
सोनौली। ओमिक्रॉन के प्रभाव को देखते हुए शुक्रवार को जांच में सरहद पर लापरवाही दिखी। करीब डेढ़ घंटे बाद टीम सोनौली सीमा पर जांच करने में पहुंचे। टीम को जाने के पहले तमाम यात्री बगैर जांच के ही प्रवेश कर गए। भारत की तरफ से दो तो नेपाल की तरफ से पांच सदस्यीय टीम सरहद पर जांच में जुटी है। नेपाल में सुबह आठ बजे से रात सात बजे तक और भारत की तरफ सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक जांच किया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक टीम जांच के लिए नहीं पहुंची थी। दूरदराज एवं विदेशों से यात्रा कर नेपाल आए और भारत में जाने के लिए सोनौली पहुंचे करीब 36 लोग बिना जांच भारत में प्रवेश कर गए। करीब 11 बजकर 46 बजे के बाद टीम पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू हुई। शुक्रवार को दोपहर 12.30 बजे तक टीम सीमा पर 38 लोगों की जांच की। उसी प्रकार नेपाल की तरफ भारत से जाने वाले 105 लोगों के सैंपल लिए गए। एसीएमओ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे से चार बजे तक 72 लोगों का सैंपल लिया गया। लापरवाही की जांच की जाएगी।