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Maharajganj News: पांच पीढ़ियों से जमीन पर कब्जा, बेतिया एस्टेट के हस्तक्षेप से आक्रोश

Sun, 09 Mar 2025 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 09 Mar 2025 01:03 AM IST
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Occupation of land for five generations, resentment over interference of Bettia Estate
महराजगंज/परतावल। क्षेत्र के ग्राम सभा पिपरिया के ग्रामीण काफी चिंतित हैं। गांव की 7.34 एकड़ भूमि बेतिया एस्टेट की संपत्ति बताई जा रही है। शुक्रवार को उक्त जमीनों के सत्यापन के लिए बिहार राजस्व विभाग की टीम भी आई थी। लोगों ने विरोध किया तो टीम चली गई।
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गांव के लोगों के पास जमीन के पूरे दस्तावेज हैं। लोगों में आक्रोश है की अचानक ऐसा क्यों किया जा रहा है। लोग आने वाले दिनों में न्यायालय तक मामले को ले जाएंगे।
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शनिवार को गांव में पहुंचने पर यहां लोग आपस में चर्चा कर रहे थे। लोगों ने कहा कि लगभग 115 साल पुराना दस्तावेज टीम के सामने प्रस्तुत किया गया। इसमें नाम चार से पांच पीढ़ियों से चलता चला आ रहा है। कई जमीनों पर तो पक्के मकान भी बने हैं। यह सब देखने के बाद टीम ने अपने कागजात नहीं दिखाए। इस वजह से टीम चली गई।
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ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पूर्व अखबार के माध्यम से पता चला कि हमारे गांव में बेतिया एस्टेट की संपत्ति है। जानकारी होने पर हमने दस्तावेज इकट्ठा करना शुरू कर दिया। दस्तावेज इकट्ठा करने में समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। यूपी सरकार को इसे लेकर कड़े कदम उठाने चाहिए, जिससे की किसानों को परेशान न किया जाए।
शनिवार को गांव में दिनभर इसी बात को लेकर चर्चाएं होती रही। गांव में मिले शाह आलम ने बताया कि गाटा संख्या 119 रकवा 2.75 एकड़ जिसमें तबरेज, सनफरेज, सैदुल्लाह, मुश्किल, हकीकुल्लाह, आलमगीर, जब्बार आदि का नाम चार पीढ़ियों से चलता आ रहा है। उक्त जमीन पर वह काबिज भी हैं। बाप दादा उसपर खेती करते हुए चले आ रहे हैं। अचानक उक्त जमीन पर बेतिया राज का बताया जाना समझ से परे है।
मिठाई लाल, संजय, हरिलाल, गंगा प्रसाद, संध्या देवी आदि का कहना रहा कि गाटा संख्या 230 में हम लोगों के पांच पीढ़ियों के पूर्वजों का नाम चलता आ रहा है। सौ वर्ष पुराना अभिलेख भी हम लोगों के पूर्वजों के नाम से ही है। ऐसे में बेतिया राज की संपत्ति होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। बेवजह हम लोगों को परेशान किया जा रहा है।

वहीं गाटा संख्या 210 में कई मकान बन चुके हैं। गांव के छोटू, रोगी, सूर्यराज, सिब्बन, गोमती, शिवनरायन, खूबलाल, जयश्री, रामवृक्ष आदि लोगों का कहना है कि हमारे पूर्वजों के नाम से पीढ़ी दर पीढ़ी जमीन होता चला आ रहा है। अब यह जमीन हम लोगों के नाम से है। गाटा संख्या 213 रकवा 3.3 एकड़ में नेसार अहमद, इस्तेयाक, सरफराज, मतीन, रामप्रसाद, फूला देवी, नईमुद्दीन, सोमारी, जाहिद, निशा, जमीरून, रूकसाना, मजिबुल्लाह आदि दर्जनों लोगों के पूर्वजों का नाम पिछले पांच पीढ़ियों से चलता आ रहा है। उनका कहना है कि हमारे पास 115 वर्ष पुराना अभिलेख भी है। उससे पहले पता नहीं कबसे हमारे पूर्वज खेती करते चले आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे में उक्त जमीन पर बेतिया राज की संपत्ति होने का मामला चौंकाने वाला है। उन्होंने यूपी सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलंब निस्तारण कराने का आग्रह किया है।

सभी दस्तावेजों को देखने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दोनों पक्षों के दस्तावेजों का अध्ययन होगा। इसी आधार पर ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
-पंकज शाही, सदर तहसीलदार
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