{"_id":"647ce3a056829dccff011314","slug":"obstacle-in-better-treatment-of-innocents-maharajganj-news-c-7-1-193611-2023-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: मासूमों के बेहतर इलाज में रोड़ा बना पर्याप्त स्टाफ न होना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: मासूमों के बेहतर इलाज में रोड़ा बना पर्याप्त स्टाफ न होना
Mon, 05 Jun 2023 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 05 Jun 2023 12:48 AM IST
विज्ञापन
एक शिफ्ट में सात की जगह चार स्टाफ नर्स की तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में सिर्फ डॉक्टरों की ही कमी नहीं है, बल्कि नवजात शिशुओं की देखरेख करने के लिए स्टाफ नर्सों की बेहद कमी है। नवजात शिशु देख भाल इकाई में 21 स्टाफ नर्स की जरूरत है, लेकिन 12 स्टाफ नर्स सेवा दे रही हैं। कर्मचारी कम होने से यहां के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिला अस्पताल के नवजात शिशु देख भाल इकाई में चार बेड के संचालन के लिए एक स्टाफ नर्स की तैनाती होनी चाहिए। 26 बेड पर शिशुओं की बेहतर देखरेख के लिए कुल सात स्टाफ नर्स का एक शिफ्ट में सेवा देनी चाहिए। वर्तमान में एक शिफ्ट में केवल चार स्टाफ नर्स सेवा दे रही हैं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 और 2023 में छह स्टाफ नर्सों को उच्च पद पर सेवा मिलने के कारण वह जिला अस्पताल की नौकरी छोड़कर चली गईं। इससे यहां स्टाफ की कमी हो गई।
मरीज के साथ आए तीमारदारों ने बताया कि जब स्टाफ की तैनाती ही मानक के अनुसार नहीं होंगी तो सेवा बेहतर कैसे हो सकेगी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि नवजात शिशु देखभाल इकाई में 12 स्टाफ नर्स सेवा दे रही हैं। स्टाफ नर्स कम होने की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। जल्द ही तैनाती होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
...
26 बेड पर 53 मरीजों का उपचार
नवजात शिशु देख भाल इकाई 26 बेड का है। वर्तमान में 53 शिशुओं का उपचार किया जा रहा है। एक बेड पर दो बच्चों का उपचार चल रहा है। ऐसे में एक बच्चे का संक्रमण दूसरे बच्चे को होने की आशंका रहती है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल में सिर्फ डॉक्टरों की ही कमी नहीं है, बल्कि नवजात शिशुओं की देखरेख करने के लिए स्टाफ नर्सों की बेहद कमी है। नवजात शिशु देख भाल इकाई में 21 स्टाफ नर्स की जरूरत है, लेकिन 12 स्टाफ नर्स सेवा दे रही हैं। कर्मचारी कम होने से यहां के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जिला अस्पताल के नवजात शिशु देख भाल इकाई में चार बेड के संचालन के लिए एक स्टाफ नर्स की तैनाती होनी चाहिए। 26 बेड पर शिशुओं की बेहतर देखरेख के लिए कुल सात स्टाफ नर्स का एक शिफ्ट में सेवा देनी चाहिए। वर्तमान में एक शिफ्ट में केवल चार स्टाफ नर्स सेवा दे रही हैं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 और 2023 में छह स्टाफ नर्सों को उच्च पद पर सेवा मिलने के कारण वह जिला अस्पताल की नौकरी छोड़कर चली गईं। इससे यहां स्टाफ की कमी हो गई।
विज्ञापन
मरीज के साथ आए तीमारदारों ने बताया कि जब स्टाफ की तैनाती ही मानक के अनुसार नहीं होंगी तो सेवा बेहतर कैसे हो सकेगी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि नवजात शिशु देखभाल इकाई में 12 स्टाफ नर्स सेवा दे रही हैं। स्टाफ नर्स कम होने की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। जल्द ही तैनाती होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
...
26 बेड पर 53 मरीजों का उपचार
नवजात शिशु देख भाल इकाई 26 बेड का है। वर्तमान में 53 शिशुओं का उपचार किया जा रहा है। एक बेड पर दो बच्चों का उपचार चल रहा है। ऐसे में एक बच्चे का संक्रमण दूसरे बच्चे को होने की आशंका रहती है।