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Maharajganj News: अब तीन से 11 साल की उम्र के बच्चों की पढ़ाई पर होगा जोर
Fri, 16 Feb 2024 05:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 16 Feb 2024 05:07 PM IST
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महराजगंज। घुघली बीआरसी में शिक्षकों के लिए चल रहे पांच दिवसीय फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी के प्रथम बैच का प्रशिक्षण शुक्रवार को कराया गया। खंड शिक्षा अधिकारी डाॅ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि अब पांच नहीं, बल्कि तीन साल से ही बच्चों की पढ़ाई पर फोकस हाेगा।
फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) के तहत प्री स्कूलिंग को बेहतर बनाया जाएगा। आंगनबाड़ी में ही बच्चों को अक्षर ज्ञान मिल जाएगा। वहीं तीसरी कक्षा तक बच्चों को उस स्तर तक पहुंचा दिया जाएगा कि वह वाक्य बनाना सीख जाएं और एक हजार तक की गिनती कर लें। इस तरह तीन से नौ साल की उम्र तक के बच्चों की पढ़ाई पर जोर दिया जाएगा।
एआरपी पारस नाथ ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार तीसरी कक्षा तक हर बच्चा पढ़ने-लिखने व बुनियादी संख्या ज्ञान के स्तर को प्राप्त कर ले। बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहे और वे प्रभावी संवाद में निपुण बने। इसकाे लेकर बच्चों को जाेड़े बनाकर कार्य कराना, प्रोजेक्ट कार्य, प्रश्नाेत्तरी, राेल प्ले, खेल, माैखिक-लिखत प्रस्तुतीकरण जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। बच्चों में शारीरिक विकास, अभिव्यक्ति, क्रिएटीविटी, अपनी भावनाओं को समझना, अभिव्यक्त करना और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने जैसी भावना पैदा की जाएगी।
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एआरपी रविशंकर शुक्ल ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत एफएलएन कार्यक्रम में बच्चों में प्रवाह और सटीकता के साथ 45 से 60 शब्द प्रति मिनट पढ़ पाने की क्षमता विकसित की जाएगी। प्रशिक्षण में एआरपी परमानंद विश्वकर्मा, पारसनाथ, संतोष कुमार ने एफएलएन की बारीकियों से सबकाे अवगत कराया। बताया कि विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बना कर कार्यक्रम हाेंगे। इस दौरान डाॅ. धनंजय मणि त्रिपाठी, घनश्याम यादव, रिजवानुल्लाह खां, प्रवीण मिश्र, जागृति त्रिपाठी मौजूद रहीं।
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फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) के तहत प्री स्कूलिंग को बेहतर बनाया जाएगा। आंगनबाड़ी में ही बच्चों को अक्षर ज्ञान मिल जाएगा। वहीं तीसरी कक्षा तक बच्चों को उस स्तर तक पहुंचा दिया जाएगा कि वह वाक्य बनाना सीख जाएं और एक हजार तक की गिनती कर लें। इस तरह तीन से नौ साल की उम्र तक के बच्चों की पढ़ाई पर जोर दिया जाएगा।
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एआरपी पारस नाथ ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार तीसरी कक्षा तक हर बच्चा पढ़ने-लिखने व बुनियादी संख्या ज्ञान के स्तर को प्राप्त कर ले। बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहे और वे प्रभावी संवाद में निपुण बने। इसकाे लेकर बच्चों को जाेड़े बनाकर कार्य कराना, प्रोजेक्ट कार्य, प्रश्नाेत्तरी, राेल प्ले, खेल, माैखिक-लिखत प्रस्तुतीकरण जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। बच्चों में शारीरिक विकास, अभिव्यक्ति, क्रिएटीविटी, अपनी भावनाओं को समझना, अभिव्यक्त करना और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने जैसी भावना पैदा की जाएगी।
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एआरपी रविशंकर शुक्ल ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत एफएलएन कार्यक्रम में बच्चों में प्रवाह और सटीकता के साथ 45 से 60 शब्द प्रति मिनट पढ़ पाने की क्षमता विकसित की जाएगी। प्रशिक्षण में एआरपी परमानंद विश्वकर्मा, पारसनाथ, संतोष कुमार ने एफएलएन की बारीकियों से सबकाे अवगत कराया। बताया कि विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बना कर कार्यक्रम हाेंगे। इस दौरान डाॅ. धनंजय मणि त्रिपाठी, घनश्याम यादव, रिजवानुल्लाह खां, प्रवीण मिश्र, जागृति त्रिपाठी मौजूद रहीं।