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Maharajganj News: वायुमंडल की घटती नमी से फूट रही किशोरों में नकसीर
Tue, 22 Apr 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 22 Apr 2025 12:35 AM IST
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महराजगंज। बदलता मौसम और चढ़ता तापमान लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। इस समय अधिकतम पारा 41 तक पहुंचने के कारण वायुमंडल की नमी तेजी से घट रही है, जिससे किशोरों की नकसीर फूट रही है। नाक से रक्तस्राव की समस्या शुरू हो गई है।
इसके साथ ही निर्जलीकरण का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में नकसीर फूटने से 13 व 7 डिहाइड्रेशन के रोगी उपचार के लिए पहुंचे। बढ़ता तापमान वायुमंडल की नमी सोख रहा है, जिससे लोगों को सांस लेने में असुविधा महसूस होने लगी है। तापमान बढ़ने से रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ने और नाक की झिल्ली शुष्क होकर फट जाती है जिससे नाक के रास्ते रक्तस्राव शुरू हो रहा है।
किशोरों में यह समस्या अधिक पाई जा रही। ऐसे मरीजों के परीक्षण के बाद नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिरुद्ध ने बताया कि तापमान बढ़ने के कारण यह दिक्कत अक्सर गर्मी के दौरान होती है। नाक की झिल्ली सूखने व शरीर के बढ़ते तापमान के प्रभाव से नकसीर जिसे अंग्रेजी में एपीस्टेक्सिस कहा जाता है इसकी समस्या शुरू हो जाती है। रक्तस्राव बार-बार होने से शरीर दुर्बल हो जाता है और चक्कर आने जैसी दिक्कत होती है।
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कम उम्र वाले ऐसे तापमान के अभ्यस्त नहीं होते, जिससे उनमें यह दिक्कत अधिक होती है। बचाव के लिए अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या न होने पाए। ऐसे मरीजों को दवा के साथ शरीर हाईड्रेट रखने और धूप में कम निकलने की सलाह दी जा रही है।
सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने कहा कि तापमान बढ़ने से कई तरह की दिक्कत लोगों को हो रही है। बचाव के उपाय पर विशेष ध्यान देने की सलाह व दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
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इसके साथ ही निर्जलीकरण का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में नकसीर फूटने से 13 व 7 डिहाइड्रेशन के रोगी उपचार के लिए पहुंचे। बढ़ता तापमान वायुमंडल की नमी सोख रहा है, जिससे लोगों को सांस लेने में असुविधा महसूस होने लगी है। तापमान बढ़ने से रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ने और नाक की झिल्ली शुष्क होकर फट जाती है जिससे नाक के रास्ते रक्तस्राव शुरू हो रहा है।
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किशोरों में यह समस्या अधिक पाई जा रही। ऐसे मरीजों के परीक्षण के बाद नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिरुद्ध ने बताया कि तापमान बढ़ने के कारण यह दिक्कत अक्सर गर्मी के दौरान होती है। नाक की झिल्ली सूखने व शरीर के बढ़ते तापमान के प्रभाव से नकसीर जिसे अंग्रेजी में एपीस्टेक्सिस कहा जाता है इसकी समस्या शुरू हो जाती है। रक्तस्राव बार-बार होने से शरीर दुर्बल हो जाता है और चक्कर आने जैसी दिक्कत होती है।
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कम उम्र वाले ऐसे तापमान के अभ्यस्त नहीं होते, जिससे उनमें यह दिक्कत अधिक होती है। बचाव के लिए अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या न होने पाए। ऐसे मरीजों को दवा के साथ शरीर हाईड्रेट रखने और धूप में कम निकलने की सलाह दी जा रही है।
सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने कहा कि तापमान बढ़ने से कई तरह की दिक्कत लोगों को हो रही है। बचाव के उपाय पर विशेष ध्यान देने की सलाह व दवा उपलब्ध कराई जा रही है।