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Maharajganj News: नेपाल के नए भंसार नियमों से सोनौली में घट गए 60 प्रतिशत नेपाली ग्राहक

Mon, 11 May 2026 01:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 01:36 AM IST
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Nepal's new customs rules have reduced the number of Nepali customers in Sonauli by 60 percent.
सोनौली नेपाल के नए भंसार नियम से सीमावर्ती बाजारों में रौनक फीकी।
भंसार के कारण सबसे अधिक कपड़ा, जूता, बर्तन, किराना समेत दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर पड़ रहा असर
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नेपाली ग्राहकों से गुलजार रहने वाले सोनौली बाजार में पसरा सन्नाटा, नेपाल में सामान नहीं मिलने पर ही सोनौली आ रहे ग्राहक
सोनौली। नेपाल सरकार द्वारा भंसार के नए नियम लागू किए जाने के बाद से नेपाल सीमा से जुड़े बाजारों में कारोबार प्रभावित हो रहा है। नए नियमों के तहत भारत से 100 रुपये से अधिक का सामान लेने पर नेपाली नागरिकों को 9 से 40 प्रतिशत तक भंसार शुल्क देना होगा। इस वजह से नेपाली ग्राहक सोनौली बाजार आने से कतराने लगे हैं और दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो गई है। व्यापारियों के मुताबिक, इन दिनों सोनौली बाजार में 60 प्रतिशत नेपाली ग्राहकों की कमी आ गई है।
यह नियम लागू होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाली ग्राहकों की आवाजाही में भारी कमी देखी जा रही है। पहले जहां सोनौली बाजार नेपाली ग्राहकों से गुलजार रहता था, वहीं अब बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ दिखाई दे रहा है। इसका सबसे अधिक असर कपड़ा, जूता, बर्तन, किराना समेत दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर पड़ा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि लगन और शादी-विवाह के सीजन के बावजूद ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। इससे बिक्री घट गई है। दुकानदारों ने बताया कि सीमावर्ती बाजारों की अर्थव्यवस्था काफी हद तक नेपाली ग्राहकों पर निर्भर रहती है।
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व्यापारी नीरज कुमार ने बताया कि नेपाल में कस्टम ड्यूटी संबंधी नियमों में बदलाव के बाद यहां नेपाली ग्राहकों की संख्या घटी है। सामान्य दिनों में रोज चार से पांच सौ नेपाली नागरिक बाजार में दिखाई देते थे लेकिन अब करीब 60 प्रतिशत ग्राहकों की कमी हो गई है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। साप्ताहिक बाजार में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। यहां भी बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक खरीदारी करने आते थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से नेपाल सरकार के नए कस्टम नियमों के चलते लोगों की आवाजाही कम हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक बाजार तो पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीदारी करने से बच रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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सोनौली कपड़ा व्यापारी मनीष कुमार ने बताया कि नेपाल सरकार द्वारा लागू किया गया 100 रुपये पर भंसार देने का नियम दोनों देशों के पारंपरिक रोटी-बेटी संबंध को प्रभावित कर सकता है। कपड़े पर नेपाली नागरिकों को 15 प्रतिशत भंसार देना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सोनौली बाजार में लगभग 100 प्रतिशत ग्राहक नेपाली होते हैं और नए नियम के बाद ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने कहा कि नेपाल सरकार ने यह नियम अपने हित में लागू किया है लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रियायत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक संबंध हैं, इसे बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों से मांग की है कि ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे व्यापार और रोजगार प्रभावित न हो।
सीमावर्ती क्षेत्र के साप्ताहिक बाजार भी प्रभावित

सीमा पर नेपाल सरकार की ओर से कस्टम ड्यूटी को लेकर बदले गए नियमों का असर अब सीमावर्ती बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। बॉर्डर पर नेपाल आने-जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। भंसार जमा करने या वापस ले जाने की कड़ाई से नेपाली ग्राहकों की आवाजाही में भारी कमी आई है। सोनौली स्थित फरेनिया बाजार, सोनौली मंगल बाजार और भगवानपुर के साप्ताहिक बाजारों में पहले बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक खरीदारी करने आते थे। इसके अलावा सोनौली नगर के मुख्य बाजारों में भी नेपाली ग्राहक रोजमर्रा के सामान की खरीदारी के लिए पहुंचते थे लेकिन नए नियम लागू होने के बाद नियमित दुकान के साथ साप्ताहिक बाजार भी प्रभावित हुए है।
सीमावर्ती परिवारों की बढ़ी परेशानी

नेपाल सरकार द्वारा लागू किए गए नए भंसार नियम का असर अब सीमावर्ती इलाकों के परिवारों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। 100 रुपये से अधिक का सामान नेपाल ले जाने पर शुल्क अनिवार्य किए जाने के बाद लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अब शादियों में उपहार ले जाना, रिश्तेदारों से मिलने के लिए सामान लेकर जाना या घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी करना भी जांच और शुल्क के दायरे में आ गया है। इससे सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है और दोनों देशों के बीच वर्षों पुराने सामाजिक संबंधों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सीमावर्ती नागरिकों का कहना है कि छोटे-मोटे घरेलू सामान और पारिवारिक जरूरतों पर सख्ती से लोगों की आवाजाही और आपसी संबंध प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने दोनों देशों की सरकारों से इस नियम में व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है।
9 से 40 प्रतिशत तक लग रहा भंसार
नेपाल सरकार के द्वारा 100 रुपये से अधिक के सामान पर 9 से लेकर 40 रुपये तक भंसार शुल्क लिया जा रहा है। इसके तहत कपड़े पर 15, चावल पर 9, चीनी पर 40, दाल पर 9 इसके अलावा बिस्कुट और नमकीन पर 40 प्रतिशत तक भंसार शुल्क लिया जा रहा है। भंसार शुल्क की वजह से नेपाली ग्राहकों के लिए सामान मंहगे हो जा रहे हैं। जैसे- 100 रुपये का बिस्कुट खरीदने पर 40 रुपये का भंसार देना पड़ रहा है। इस वजह से नेपाली नागरिक सोनौली बाजार आने से बच रहे हैं।
स्पीकअप

एक दो पीस साड़ी के अलावा अन्य सामान लेकर जाने में परेशानी हो रही है। भंसार कर्मचारियों का कहना है कि या तो ड्यूटी शुल्क जमा कीजिए या वापस लेकर जाइए। कुछ सस्ते सामानों के कारण यहां से खरीदारी करनी होती है।


-सूरज थापा, निवासी बुटवल
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नेपाल पुलिस की सख्ती के बाद सोनौली से सामान खरीदना कम कर दिया है। जब कोई सामान नेपाल में नहीं मिलता है तब सोनौली से खरीदारी की जा रही है। बॉर्डर के दोनों तरफ बहुत कड़ाई है।
- राजू पोखरेल, निवासी बुटवल
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