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एमडीएम में लापरवाही : 18 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोका गया

Sat, 01 Nov 2025 02:25 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 02:25 AM IST
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Negligence in MDM: Salary of headmasters of 18 schools withheld
महराजगंज। जिले में मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) के संचालन में लापरवाही उजागर हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि सिद्धि पांडेय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 18 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का अक्तूबर माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
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साथ ही 10 प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके अलावा बीएसए ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर आठ ग्राम प्रधानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। बीएसए कार्यालय की ओर जारी पत्र के अनुसार, यह कार्रवाई जिला समन्वयक (एमडीएम) की निरीक्षण रिपोर्ट और आईवीआरएस से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर की गई है। रिपोर्ट में पाया गया कि 1 अक्तूबर से 25 अक्टूबर के बीच जिले के कई विद्यालयों में फल और दूध का वितरण नहीं कराया गया। जबकि शासन के निर्देशानुसार सप्ताह में एक दिन फल और एक दिन दूध बच्चों को देना अनिवार्य है।
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जिन विद्यालयों में लापरवाही पाई गई है उनमें प्राथमिक विद्यालय शिरसिया घुघली, कंपोजिट विद्यालय दनदंहवा लक्ष्मीपुर, प्राथमिक विद्यालय पिपरा नारायण मिठौरा, कंपोजिट विद्यालय बजहा उर्फ अहिरौली निचलौल, कंपोजिट विद्यालय बलहीखोर निचलौल, प्राथमिक विद्यालय मथनिया सिसवा, प्राथमिक विद्यालय दीहवा पनियरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय तेंदुअहिया छावनी टोला पनियरा शामिल हैं। इन विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों नंदनी वर्मा, सुभाष पांडेय, सपना मौर्या, बृजेंद्र पटेल, आनंद मिश्रा, अनिल चौरसिया, शेष मणि यादव और संजय लाल प्रजापति का अक्तूबर माह का वेतन बाधित कर दिया गया है।
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वहीं दूसरे सामने आया कि कई विद्यालयों में प्याज, तेल, मसाले और सोयाबीन जैसी आवश्यक सामग्री का उपयोग बेहद सीमित मात्रा में कर रहे हैं। कहीं मौसमी सब्जियों और टमाटर का उपयोग नहीं हो रहा था तो कहीं मध्यान्ह भोजन रजिस्टर का दायां पन्ना तक नहीं भरा गया था जिससे उपलब्ध खाद्यान्न और धनराशि का सही लेखा-जोखा नहीं हो पा रहा।
जिला समन्वयक की रिपोर्ट में बताया गया कि मिठौरा ब्लॉक के पूमावि नाथनगर में केवल आलू-सोयाबीन की सब्जी बिना प्याज और मौसमी सब्जी के तैयार की जा रही थी। प्राथमिक विद्यालय नाथनगर द्वितीय में केवल आलू-चना और रोटी परोसी जा रही थी जबकि सोयाबीन और टमाटर का प्रयोग नहीं हुआ। इसी प्रकार प्रावि कम्हरिया कला विद्यालय में प्याज, तेल और मसालों की अत्यंत अल्प मात्रा में खपत दर्ज की गई।
वहीं प्रावि बेलभरिया में बनी सब्जी की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि वह केवल पानी जैसी लग रही थी। आश्चर्यजनक रूप से यहां अध्यापकों के लिए अलग से टमाटर-मटर की सब्जी बनती मिली। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पूमावि बेलभरिया में भोजन लकड़ी के चूल्हे पर पकाया जा रहा था जबकि विद्यालय को गैस कनेक्शन के लिए धनराशि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी थी और उसका आहरण भी किया जा चुका था। यह वित्तीय अनियमितता और लापरवाही दोनों की श्रेणी में आता है।

प्राथमिक विद्यालय जमुनहिया में बनी खिचड़ी की जांच के दौरान पाया गया कि उसमें केवल हल्दी और नमक का ही प्रयोग किया गया था। आलू, दाल, सोयाबीन या कोई मौसमी सब्जी इसमें नहीं थी। रिपोर्ट में इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। बीएसए कार्यालय से जारी निर्देश के अनुसार जिन प्रधानाध्यापकों का वेतन बाधित किया गया है उनमें पारसनाथ, करूणा गुप्ता, आशीष कुमार गुप्ता, जाकिर हुसैन, विजय कुमार, अनुराधा सिंह, प्रेमचंद्र, अजय कुमार श्रीवास्तव और अनादिनाथ शामिल हैं।
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