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Maharajganj News: एनसीईआरटी ने खत्म किया किताबों का बोझ
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महराजगंज। एनसीईआरटी ने माध्यमिक स्कूल के बच्चों का स्कूल बैग हल्का कर दिया है। अब छठवीं से 12 वीं तक के सभी विषयों की किताब पृष्ठवार आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पीडीएफ संस्करण में उपलब्ध करा दिया है। विद्यार्थी अब जरूरत के मुताबिक अपने स्मार्टफोन या डिजिटल क्लास के एलईडी पैनल पर इसे अपलोड कर पढ़ाई कर सकते हैं। उन्हें महंगे किताबों की खरीद से एक तरह की राहत दी गई है।
जनपद में कुल 278 माध्यमिक स्कूलों का संचालन है जिसमें अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या पिछले शिक्षा सत्र तक 1.17 लाख थी। इसके अलावा 400 से अधिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छठवीं से आठवीं तक 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण। इनके लिए किताबें एनसीईआरटी पाठ्यक्रम आधारित हैं। अबतक एनसीईआरटी की किताबों की डुप्लीकेसी के मामले सामने आते रहते थे जिसपर रोक के लिए इ, बार शासन ने सिर्फ तीन प्रकाशकों की छपी एनसीईआरटी की किताब बिक्री का प्रावधान लागू किया साथ ही अप्रैल 2026 के सत्रारंभ में सभी किताबों का डिजिटल संस्करण भी अपलोड करा दिया।
ऑनलाइन भी किताबों के आर्डर की सुविधा ई-कामर्स के जरिये दी गई। राजकीय माध्यमिक सिंहपुर के प्रधानाध्यापक अनमोल कुमार यादव ने बताया कि एनसीईआरटी की किताबें वैसे तो सस्ती ही होतीं, लेकिन डिजिटल पीडीएफ संस्करण ने किताब खरीदने की जरूरत एक तरह खत्म कर दिया है। अप्रैल में किताबें तो आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड हुई, लेकिन इनका साइज काफी बड़ा था जिसमें अधिक डाटा खर्च व डिजिटल गैजेट में अधिक स्थान घिर रहा था लेकिन नया पीडीएफ संस्करण केवी फाइल की साइज में है जो कम स्थान व कम डाटा खर्च में पाया जा सकता। यह सहूलियत विद्यार्थियों के लिए काफी कारगर साबित होगी।
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एनसीईआरटी ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर कुल आठ विषय की किताबों का पीडीएफ संस्करण कक्षा छह से 12 तक के लिए अपलोड करा दिया है। विद्यार्थी स्कूल शिक्षक की मदद से इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस, महराजगंज
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जनपद में कुल 278 माध्यमिक स्कूलों का संचालन है जिसमें अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या पिछले शिक्षा सत्र तक 1.17 लाख थी। इसके अलावा 400 से अधिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छठवीं से आठवीं तक 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण। इनके लिए किताबें एनसीईआरटी पाठ्यक्रम आधारित हैं। अबतक एनसीईआरटी की किताबों की डुप्लीकेसी के मामले सामने आते रहते थे जिसपर रोक के लिए इ, बार शासन ने सिर्फ तीन प्रकाशकों की छपी एनसीईआरटी की किताब बिक्री का प्रावधान लागू किया साथ ही अप्रैल 2026 के सत्रारंभ में सभी किताबों का डिजिटल संस्करण भी अपलोड करा दिया।
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ऑनलाइन भी किताबों के आर्डर की सुविधा ई-कामर्स के जरिये दी गई। राजकीय माध्यमिक सिंहपुर के प्रधानाध्यापक अनमोल कुमार यादव ने बताया कि एनसीईआरटी की किताबें वैसे तो सस्ती ही होतीं, लेकिन डिजिटल पीडीएफ संस्करण ने किताब खरीदने की जरूरत एक तरह खत्म कर दिया है। अप्रैल में किताबें तो आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड हुई, लेकिन इनका साइज काफी बड़ा था जिसमें अधिक डाटा खर्च व डिजिटल गैजेट में अधिक स्थान घिर रहा था लेकिन नया पीडीएफ संस्करण केवी फाइल की साइज में है जो कम स्थान व कम डाटा खर्च में पाया जा सकता। यह सहूलियत विद्यार्थियों के लिए काफी कारगर साबित होगी।
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एनसीईआरटी ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर कुल आठ विषय की किताबों का पीडीएफ संस्करण कक्षा छह से 12 तक के लिए अपलोड करा दिया है। विद्यार्थी स्कूल शिक्षक की मदद से इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस, महराजगंज