{"_id":"68bf3e0d88a6c837f40ac1af","slug":"mujibur-rahman-used-to-come-to-the-village-to-make-a-speech-during-elections-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-159121-2025-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: चुनाव के दौरान तकरीर कराने गांव में आता था मुजीबुर्रहमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: चुनाव के दौरान तकरीर कराने गांव में आता था मुजीबुर्रहमान
Tue, 09 Sep 2025 02:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 09 Sep 2025 02:05 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। कुशीनगर में धर्मांतरण के खेल में शामिल मुजीबुर्रहमान कट्टरपंथी विचारधारा का व्यक्ति है। ऐसा गांव के लोग कहते हैं। उसका नाम सामने आने के बाद लोग सन्न रह गए। इस मामले में उसके घर वाले कुछ कहने से बचते रहे। वह गांव में तकरीर कराने आता था। लोगों को गुमराह करने में लगा रहता था।
भिटौली थाना क्षेत्र के पकडी दीक्षित निवासी मुजीबुर्रहमान मजहबी व कट्टरपंथी विचारधारा का व्यक्ति है। वह कुशीनगर के कोहड़गड्डी के मदरसे में करीब 15 साल से बच्चों को तालिम देता था। आसपास के लोगों के मुताबिक चुनाव के दौरान वह घर आता था। युवाओं को अपनी मजहबी व कट्टरपंथी बातों से आकर्षित करने का प्रयास करता था।
गांव में जब भी आता है तकरीर निश्चित रूप से कराता था। अपने अनुयायियों की संख्या बढ़ाने का प्रयास करता था। उसकी पत्नी व चार बच्चे हैं, जो घर पर ही रहते हैं। मां-बाप का इंतकाल हो चुका है। दो और भाई हैं, जो बाहर रहते हैं। गांव के लोगों के मुताबिक जिले में उसकी ओर से धर्मांतरण जैसी कोई गतिविधि करने की बात सामने नहीं आई है। यहां उसके खिलाफ स्थानीय थाने में केस भी नहीं दर्ज है। गांव के लोग कहते हैं कि मजहबी बातों को लोगों के बीच करके वह कट्टरपंथी विचारधारा को आगे बढ़ाने में जुटा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
भिटौली थाना क्षेत्र के पकडी दीक्षित निवासी मुजीबुर्रहमान मजहबी व कट्टरपंथी विचारधारा का व्यक्ति है। वह कुशीनगर के कोहड़गड्डी के मदरसे में करीब 15 साल से बच्चों को तालिम देता था। आसपास के लोगों के मुताबिक चुनाव के दौरान वह घर आता था। युवाओं को अपनी मजहबी व कट्टरपंथी बातों से आकर्षित करने का प्रयास करता था।
विज्ञापन
गांव में जब भी आता है तकरीर निश्चित रूप से कराता था। अपने अनुयायियों की संख्या बढ़ाने का प्रयास करता था। उसकी पत्नी व चार बच्चे हैं, जो घर पर ही रहते हैं। मां-बाप का इंतकाल हो चुका है। दो और भाई हैं, जो बाहर रहते हैं। गांव के लोगों के मुताबिक जिले में उसकी ओर से धर्मांतरण जैसी कोई गतिविधि करने की बात सामने नहीं आई है। यहां उसके खिलाफ स्थानीय थाने में केस भी नहीं दर्ज है। गांव के लोग कहते हैं कि मजहबी बातों को लोगों के बीच करके वह कट्टरपंथी विचारधारा को आगे बढ़ाने में जुटा था।
विज्ञापन