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Maharajganj News: रूठे मानसून..किसान मायूस, अलर्ट जोन में बारिश नहीं
Mon, 07 Jul 2025 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 07 Jul 2025 12:20 AM IST
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महराजगंज। प्रदेश को आच्छादित कर लेने के बाद भी मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे जिले के किसान मायूस हैं। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार ही जनपद को अलर्ट जोन में शामिल कर बारिश व वज्रपात की चेतावनी दी तो शुक्रवार हल्की ही सही दो बार बारिश हुई।
शनिवार व रविवार मेघ रूठे रहे। इसके कारण बारिश की एक बूंद भी नसीब न हो सकी। मानसून की इस बेरुखी से किसान जहां मायूस हैं वहीं उमस भरी गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ी है। रविवार को अधिकतम पारा बढ़कर 36 डिग्री तो न्यूनतम भी 29 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
शुक्रवार के बाद शनिवार का पूरा दिन भी उमस से भरा रहा। बादलों की ओट से सूर्य झांकता और छिपता रहा, लेकिन हवा का रुख पूरी तरह शांत रहने के कारण उमस ने सिर्फ घर के भीतर ही नहीं बाहर भी लोगों को परेशान रखा। पूर्वी यूपी में सबसे पहले मानसून के दाखिल होने और बारिश का दौर शुरू हुआ तो अधिकतम पारा लुढ़ककर 30 डिग्री पहुंचा और लोगों को राहत मिली।
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किसान खुश थे कि बारिश का क्रम प्रारंभ हुआ है न सिर्फ उनकी रोपाई विकास की गति पकड़ लेगी, बल्कि उन्हें बार-बार रोपाई के खेत में पानी नहीं भरना पड़ेगा, लेकिन अबतक मानसून की बेहतर बारिश का इंतजार ही बना है।
बादल तो लगातार घिर रहे, लेकिन बिना बारिश कहां लौट रहे किसान इस पशोपेश में हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष राम अशीष ने कहा कि इस बार किसान अच्छी बारिश के उम्मीद में थे इसलिए मानसून से पहले नहर व निजी पंपिगसेट से पानी चलाकर रोपाई पूरी किए कि मानसूनी बारिश शुरू होने पर लाभ रहेगा।
जनपद को अलर्ट जोन में शामिल किया गया तो उम्मीद बढ़ी, लेकिन तीन दिन में महज एक दिन शुक्रवार को हल्की बारिश हुई इसके बाद बारिश मुंह मोड़ बैठा है। दिन में बारिश और हवा दोनों शांत बने रहते हैं। देर रात चल रही हल्की हवा से लोगों को कुछ राहत मिल रही।
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शनिवार व रविवार मेघ रूठे रहे। इसके कारण बारिश की एक बूंद भी नसीब न हो सकी। मानसून की इस बेरुखी से किसान जहां मायूस हैं वहीं उमस भरी गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ी है। रविवार को अधिकतम पारा बढ़कर 36 डिग्री तो न्यूनतम भी 29 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
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शुक्रवार के बाद शनिवार का पूरा दिन भी उमस से भरा रहा। बादलों की ओट से सूर्य झांकता और छिपता रहा, लेकिन हवा का रुख पूरी तरह शांत रहने के कारण उमस ने सिर्फ घर के भीतर ही नहीं बाहर भी लोगों को परेशान रखा। पूर्वी यूपी में सबसे पहले मानसून के दाखिल होने और बारिश का दौर शुरू हुआ तो अधिकतम पारा लुढ़ककर 30 डिग्री पहुंचा और लोगों को राहत मिली।
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किसान खुश थे कि बारिश का क्रम प्रारंभ हुआ है न सिर्फ उनकी रोपाई विकास की गति पकड़ लेगी, बल्कि उन्हें बार-बार रोपाई के खेत में पानी नहीं भरना पड़ेगा, लेकिन अबतक मानसून की बेहतर बारिश का इंतजार ही बना है।
बादल तो लगातार घिर रहे, लेकिन बिना बारिश कहां लौट रहे किसान इस पशोपेश में हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष राम अशीष ने कहा कि इस बार किसान अच्छी बारिश के उम्मीद में थे इसलिए मानसून से पहले नहर व निजी पंपिगसेट से पानी चलाकर रोपाई पूरी किए कि मानसूनी बारिश शुरू होने पर लाभ रहेगा।
जनपद को अलर्ट जोन में शामिल किया गया तो उम्मीद बढ़ी, लेकिन तीन दिन में महज एक दिन शुक्रवार को हल्की बारिश हुई इसके बाद बारिश मुंह मोड़ बैठा है। दिन में बारिश और हवा दोनों शांत बने रहते हैं। देर रात चल रही हल्की हवा से लोगों को कुछ राहत मिल रही।