फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Man pretending to be a fake CBI officer and snatching Rs 23 lakh from a female officer

Maharajganj News: फर्जी सीबीआई अफसर बनकर महिला अधिकारी से हड़पे 23 लाख

Mon, 05 Aug 2024 04:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Mon, 05 Aug 2024 04:23 AM IST
विज्ञापन
Man pretending to be a fake CBI officer and snatching Rs 23 lakh from a female officer
महराजगंज। सीबीआई अफसर बनकर जालसाजों ने एक महिला अफसर से 23 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने महिला अफसर को मानसिक रूप से भी काफी परेशान किया।
विज्ञापन


जेल भेजने की धमकी दी तो महिला अधिकारी घबरा गईं। रकम गंवाने के बाद उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

महिला अधिकारी की तहरीर के अनुसार, दो जुलाई 2024 को उनके मोबाइल नंबर पर कॉल आई जो रिकार्डेड थी। बोला गया कि ये कॉल सीबीआई की तरफ से ई-डिस्ट्रिक्ट कोर्ट लखनऊ में सुनवाई से संबंधित है। अधिक जानकारी के लिए नौ दबाएं, मैंने नौ दबाया तो एक व्यक्ति ने फोन उठाया, उसने कहा कि वह डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का एडवोकेट बोल रहा है।
विज्ञापन


उसने बताया कि मेरे नाम पर एक इन्वेस्टमेंट कंपनी रजिस्टर्ड है, जिसने 17 लोगों से फ्राॅड किया है। आज केस की सुनवाई है। मैंने इसके बारे में अनभिज्ञता जताई तो उसने कहा कि अगर आपको लगता है कि आपके नाम का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी हुई है तो आप शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैने हां बोला तो उसने कृष्णा नगर पुलिस स्टेशन लखनऊ में एफआईआर करवाने की बात कही। मैंने असमर्थता जताई तो उसने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की बात कहते हुए काॅल किसी को ट्रांसफर कर दिया।

काॅल उठाने वाले ने बोला कि मेरे नाम का गलत उपयोग कर एक कंपनी 10 अक्तूबर 2023 को खोली गई और 17 अप्रैल 2024 को बंद हो गई। कंपनी के खिलाफ जांच चल रही है, जिसमें वह मुख्य आरोपी हैं। उसने ऑनलाइन केस दर्ज कराने के लिए गूगल पर लखनऊ पुलिस सर्च करने और उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाने को कहा।

उसने कहा कि वह उनका केस वहीं दर्ज करेगा। उसने कहा कि वेबसाइट पर डिस्ट्रिक्ट में लखनऊ एवं स्टेशन में कृष्णा नगर चुन लिजिए और ओके करिए मैंने वैसा ही किया। फिर एक पेज खुला, जिसमें कृष्णा नगर पुलिस स्टेशन एसएचओ की फोटो व दो मोबाइल नंबर थे। कॉल करने वाले ने बोला कि नंबर नोट कर लिजिए। फिर उसी नंबर से मुझे काॅल आई।

कॉल करने वाले ने कहा कि आपकी शिकायत यूपी पुलिस के टेलीग्राम चैनेल के माध्यम से ली जाएगी तो मैंने उन्हें अपना यूजरनेम बताया तब उसने मुझे लखनऊ पुलिस की आईडी से मैसेज भेजा और मेरा आधार मांगा। बोला आप काॅल पर रहें मैं हेडक्वार्टर से चेक करता हूं क्या आपकी आईडी पर और भी शिकायतें तो नहीं हैं। फिर उसने किसी से बात की और मेरा आधार नंबर बताकर जांच करने को बोला। थोड़ी देर बाद वहां से जवाब आया कि ये गंभीर मामला है। इसके नाम पर अरेस्ट वारंट है। इसे अरेस्ट करो, तो मैं डर गई।

कई बार खाते में रकम ट्रांसफर कराई
06 जुलाई 2024 को जांच के नाम पर उन्होंने मेरा एफडी अमाउंट यस बैंक में ट्रांसफर करवाया और बोला जब जांच खत्म हो जाएगी तो पैसे वापस हो जाएंगे। 18 जुलाई को उन्होंने बेल के लिए 3,80,000 रुपये लिए। 22 जुलाई को बोला गया कि जांच पूरी हो गई है। आपको 8,60,000 रुपये देने हैं। मैंने उधार लेकर 22 जुलाई 2024 को एक लाख रुपये गूगल पे, एसबीआई के माध्यम से फिर 59,000 गूगल पे पीएनबी से ट्रांसफर किए। फिर उन्होंने बोला कि 1,60,000 रुपये आप दें तो गिरफ्तारी टल जाएगी। फिर 23 जुलाई 2024 को बाकी के 4,90,000 रुपये निफ्ट के माध्यम से भेजे। दो लाख रुपये 24 जुलाई को भेजे। कुल मिलाकर 23,51,023 रुपये उन्होंने जालसाजों के खाते में भेजे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed