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Maharajganj News: हर साल फसल बर्बाद कर किसानों के लिए अभिशाप बना महाव नाला
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महराजगंज/नौतनवा। नेपाल के पहाड़ी से निकलकर नौतनवा तहसील क्षेत्र में प्रवाहित होने वाला महाव नाला क्षेत्रवासियों के लिए अभिशाप बन गया है। हर साल बरसात में महाव का तांडव दिखने लगता है। इस बार भी तटबंध टूटते ही किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। सिल्ट सफाई व तटबंध मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर दिया जाता है। बावजूद इसके पानी का दबाब बढ़ते ही तटबंध टूट जाते हैं।
नेपाल के पहाड़ियों से निकलकर महाव नाला कनरी चकरार गांव के पास भारतीय सीमा में प्रवेश करता है। बरगदवा व परसा मलिक थाना क्षेत्र में प्रवाहित करते हुए प्यास नदी में मिलता है। जंगल में महाव का तल संकरा व बहाव टेढ़ा-मेढ़ा होने से बाढ़ के समय पानी का दबाव तटबंधों पर पड़ता है। आसपास के लोगों का कहना है कि हर साल पोकलैंड मशीन से सिल्ट निकलवाया जाता है।
सिंचाई विभाग के आंकड़े में महाव एक नाला है। जबकि किसान इसे पहाड़ी नदी मानते हैं। नेपाल के पहाड़ियों से निकलने के बाद भारतीय क्षेत्र में महाव नाला कुल 23 किमी लंबाई में प्रवाहित होती है। इसमे लगभग आठ किमी हिस्सा जंगल से होकर गुजरता है। महाव में 65 से अधिक खतरनाक मोड़ हैं। क्षेत्र के नरेंद्र, महदेव, वीरेंद्र, प्रकाश ने बताया कि महाव का पूर्वी बांध टूटने से बरगदवा क्षेत्र के बरगदवा, देवघट्टी, हरखपुरा,शिकारगढ़ नरायनपुर, हरपुर ,अमहवा, बेलहिया, खजहिया ,गनेशपुर आदि गांव प्रभावित होते हैं। जबकि पश्चिमी तटबंध टूटने से खैरहवा दूबे ,कोहरगड्डी, असुरैना, दोगहरा, विशुनपुरा , जहरी, सागरहवा, महरी घोड़हवा, लुठहवा, गंगवालिया आदि गांवों में तबाही मचाती है।
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कब कब टूटा महाव का तटबंध
22 जुलाई 2013 को तीन स्थानों पर कनरी, बरवा, खैरहवा दुबे। 21 जून 2014 को खैरहवा दुबे, बरगदवा। 19 जुलाई 2014 को बरगदवा सिवान में। 14 अगस्त 2014 को बरगदवा और बिशनपुरा गांव के पास सिवान में। 15 अक्तूबर 2014 को नारायनपुर, कोहरगड्डी , अमहवा और बिशनपुरा के सिवान में। 25 जून 2015 को दोगहरा व बिशनपुरा के सिवान में। 16 जुलाई 2015 को कोहरगड्डी, खैरहवा दुबे नारायनपुर। 31 जुलाई 2015 नारायणपुर के सिवान में । 21 अगस्त 2015 खैरहवा गांव के पास । 15 जून 2016 को दोगहरा गांव के सामने । एक जुलाई 2016 को दोगहरा, कोहरगड्डी, कनरी चकरार गांव के पास। चार सितंबर 2016 को दोगहरा व कोहरगड्डी के पास। 18 सितंबर 2016 को कोहरगड्डी गांव के सामने। चार अक्तूबर 2016 को देवघट्टी गांव के सामने। 21 जून 2017 को छितवनिया , खैरहवा दुबे, कनरी चकरार के पास। 2 जुलाई 2017 छितवानिया गांव के पास। 10 जुलाई 2017 को छितवनिया और हरखपुरा गांव के पास। तीन अगस्त 2017 को कोहरगड्डी तथा मल्लाह टोली के पास महाव का तटबंध टूटा वर्ष 2018 में एक जून को देवघट्टी गांव के सिवान में, वर्ष 2020 में। 14 जुलाई दोगहरा व देवघट्टी गांव के सिवान में। 13 सितंबर अमहवा के सिवान में, वर्ष 2022 में बाढ़ कम आई थी इसलिए केवल देवघट्टी गांव के पास ही एक बार तटबंध टूटा था।
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नेपाल के पहाड़ियों से निकलकर महाव नाला कनरी चकरार गांव के पास भारतीय सीमा में प्रवेश करता है। बरगदवा व परसा मलिक थाना क्षेत्र में प्रवाहित करते हुए प्यास नदी में मिलता है। जंगल में महाव का तल संकरा व बहाव टेढ़ा-मेढ़ा होने से बाढ़ के समय पानी का दबाव तटबंधों पर पड़ता है। आसपास के लोगों का कहना है कि हर साल पोकलैंड मशीन से सिल्ट निकलवाया जाता है।
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सिंचाई विभाग के आंकड़े में महाव एक नाला है। जबकि किसान इसे पहाड़ी नदी मानते हैं। नेपाल के पहाड़ियों से निकलने के बाद भारतीय क्षेत्र में महाव नाला कुल 23 किमी लंबाई में प्रवाहित होती है। इसमे लगभग आठ किमी हिस्सा जंगल से होकर गुजरता है। महाव में 65 से अधिक खतरनाक मोड़ हैं। क्षेत्र के नरेंद्र, महदेव, वीरेंद्र, प्रकाश ने बताया कि महाव का पूर्वी बांध टूटने से बरगदवा क्षेत्र के बरगदवा, देवघट्टी, हरखपुरा,शिकारगढ़ नरायनपुर, हरपुर ,अमहवा, बेलहिया, खजहिया ,गनेशपुर आदि गांव प्रभावित होते हैं। जबकि पश्चिमी तटबंध टूटने से खैरहवा दूबे ,कोहरगड्डी, असुरैना, दोगहरा, विशुनपुरा , जहरी, सागरहवा, महरी घोड़हवा, लुठहवा, गंगवालिया आदि गांवों में तबाही मचाती है।
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कब कब टूटा महाव का तटबंध
22 जुलाई 2013 को तीन स्थानों पर कनरी, बरवा, खैरहवा दुबे। 21 जून 2014 को खैरहवा दुबे, बरगदवा। 19 जुलाई 2014 को बरगदवा सिवान में। 14 अगस्त 2014 को बरगदवा और बिशनपुरा गांव के पास सिवान में। 15 अक्तूबर 2014 को नारायनपुर, कोहरगड्डी , अमहवा और बिशनपुरा के सिवान में। 25 जून 2015 को दोगहरा व बिशनपुरा के सिवान में। 16 जुलाई 2015 को कोहरगड्डी, खैरहवा दुबे नारायनपुर। 31 जुलाई 2015 नारायणपुर के सिवान में । 21 अगस्त 2015 खैरहवा गांव के पास । 15 जून 2016 को दोगहरा गांव के सामने । एक जुलाई 2016 को दोगहरा, कोहरगड्डी, कनरी चकरार गांव के पास। चार सितंबर 2016 को दोगहरा व कोहरगड्डी के पास। 18 सितंबर 2016 को कोहरगड्डी गांव के सामने। चार अक्तूबर 2016 को देवघट्टी गांव के सामने। 21 जून 2017 को छितवनिया , खैरहवा दुबे, कनरी चकरार के पास। 2 जुलाई 2017 छितवानिया गांव के पास। 10 जुलाई 2017 को छितवनिया और हरखपुरा गांव के पास। तीन अगस्त 2017 को कोहरगड्डी तथा मल्लाह टोली के पास महाव का तटबंध टूटा वर्ष 2018 में एक जून को देवघट्टी गांव के सिवान में, वर्ष 2020 में। 14 जुलाई दोगहरा व देवघट्टी गांव के सिवान में। 13 सितंबर अमहवा के सिवान में, वर्ष 2022 में बाढ़ कम आई थी इसलिए केवल देवघट्टी गांव के पास ही एक बार तटबंध टूटा था।