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Maharajganj News: जल्द अमीर बनने की चाह ने डुबाया, करोड़पति बनने के लालच में गंवा दिए 45 लाख-केस दर्ज

Tue, 17 Sep 2024 05:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 17 Sep 2024 05:27 PM IST
सार

पीड़ित की तहरीर की मुताबिक, 23 अगस्त 2024 को 5.90 लाख बैंक ऑफ महाराष्ट्रा। 27 अगस्त को 12.84 लाख आईसीआईसी बैंक दम-दम रोड पश्चिम बंगाल। 30 अगस्त को 13.94 लाख रुपये जना बैंक स्माल फाइनेंस इलाहाबाद, 16 अगस्त को चार लाख रुपये यूको बैंक झारखंड पूर्वी में। 4.32 लाख बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में जमा किया था। कुल 45 लाख रुपये का फ्राड हुआ है।
 

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Lost 45 lakhs in the greed of becoming a millionaire in Maharajganj
साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

महराजगंज में जल्दी अमीर बनने की चाह में युवक ने 45 लाख रुपये गवां दिए। ठगी का शिकार होने के बाद साइबर थाने में केस दर्ज कराया है। एक दोस्त ने लिंक भेजा था। उसी पर क्लिक कर एक ग्रुप में जुड़ गया। फिर रकम बढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। एक साथ मोटी रकम लगाया तो ठगी के शिकार हो गया।

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जानकारी के अनुसार, अमरूतिया मोहल्ले के विद्यासागर प्रजापति शेयर से जुड़ा कारोबार करते हैं। करीब तीन माह पहले उनके एक दोस्त ने लिंक भेजा। यही लिंक आगे चलकर बर्बादी का कारण बना। विद्यासागर बताते हैं कि तीन माह पूर्व दोस्त ने एक लिंक मेरे वाट्सएप पर भेजा था।

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Lost 45 lakhs in the greed of becoming a millionaire in Maharajganj
साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्री-पिक
लिंक पर क्लिक करने के बाद मेरा नंबर एलएसवी एसेसमेंट मैनेजमेंट ग्रुप में जुड़ गया। ग्रुप में जुड़ने के बाद जल्द अमीर बनने के लुभावने ऑफर्स आने लगे। उन्होंने कहा कि एप के जरिए अमीर बनने की चाहत इस कदर बढ़ गई कि अलग-अलग तरीकों से लगभग 45 लाख रुपये का निवेश किया। ऑफर्स के अनुसार, निवेश किए गए रुपये से जल्द ही अधिक लाभ मिलने की गारंटी दी गई थी।

ग्रुप से जुड़े सदस्य अपनी कमाई का ब्योरा महीने वार ग्रुप में शेयर करते थे, जिससे एप पर भरोसा होता गया। मुझे लगा कि लोग बिना मेहनत किए एप के माध्यम से करोड़ों रुपये शेयर मार्केटिंग में लगाकर चंद दिनों आगे बढ़ रहे हैं तो फिर मैं क्यों नहीं आगे बढ़ सकता हूं।

एप में रुपये लगाने के लिए मैंने यूट्यूब पर सर्च कर विधि जानने लगा, जिससे मुझे एहसास हुआ कि अब तो मैं इस एप के रुपये से बहुत जल्द आगे बढ़ जाउंगा। धीरे-धीरे एप के प्रति मेरी विश्वसनीयता बढ़ती गई और मैंने इसमें काम करना शुरू किया।
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Lost 45 lakhs in the greed of becoming a millionaire in Maharajganj
Cyber Scam - फोटो : FREEPIK
तीन बार एप पर शेयर मार्केटिंग में लगाए रुपये
पीड़ित विद्यासागर ने बताया कि ग्रुप में एक सदस्य ने अपनी कामयाबी की कुछ बातें शेयर की। मैं उसके काम से प्रभावित हो गया। ग्रुप से उसका मोबाइल नंबर निकालकर उसके पास फोन किया। उसने बताया कि हमने इस एप के जरिए करोड़ों रुपये कमाकर लखनऊ समेत अन्य शहरों में जमीन खरीदी और दो महीनों में तीन लग्जरी गाड़ियां खरीदी। उसके बातों में तीन बार एप पर शेयर मार्केटिंग में रुपये लगाया।

ग्रुप के सदस्यों ने ऐसे दिया झांसा
पीड़ित विद्यासागर ने बताया कि धीरे-धीरे ज्यादा समय बीतने के बाद जब मेरे खाते में एप में लगाए रुपये रिफंड नहीं हुए तो फिर उसमें जुड़े सदस्यों को फोन करके पूछना शुरू किया। लोगों ने बताया जल्द ही अधिक रकम आएंगे। यह विदेशी एप है। इससे कितने लोग कम दिनों में अमीर बन गए।
 
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Lost 45 lakhs in the greed of becoming a millionaire in Maharajganj
Cyber Scam - फोटो : FREEPIK
थोड़ा वक्त लगेगा। इसमें जब करोड़ों रुपये कमाकर आगे बढ़कर दुनिया में एक अलग-अलग पहचान बनाओगे तो लोग तुम्हारे आगे पीछे घूमेंगे। इसका अलग-अलग राज्यों में अन्य देशों में शाखा है। उसमें हजारों की संख्या में लोग काम करते हैं। इसमें जो कर्मचारी कंप्यूटर पर काम करता है।

उसको महीने में एक लाख रुपये एप के जरिए सैलरी मिलती है। पीड़ित ने बताया कि शुरू में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ दिनों बाद जब मेरी उम्मीद के अनुसार रिफंड नहीं आया तो एप में दिए गए टोल-फ्री नंबर पर संपर्क किया, लेकिन कोई सटीक और संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद पता चला की ठगी का शिकार हो गया।

Lost 45 lakhs in the greed of becoming a millionaire in Maharajganj
Cyber Scam - फोटो : FREEPIK
कब कब खाते में जमा की रकम
पीड़ित की तहरीर की अनुसार, 23 अगस्त 2024 को 5.90 लाख बैंक ऑफ महाराष्ट्रा। 27 अगस्त को 12.84 लाख आईसीआईसी बैंक दम-दम रोड पश्चिम बंगाल। 30 अगस्त को 13.94 लाख रुपये जना बैंक स्माल फाइनेंस इलाहाबाद, 16 अगस्त को चार लाख रुपये यूको बैंक झारखंड पूर्वी में। 4.32 लाख बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में जमा किया था। कुल 45 लाख रुपये का फ्राड हुआ है।

साइबर थाना प्रभारी सजनू यादव ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
 
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