{"_id":"6647d7f735f0c21e29071224","slug":"liquid-oxygen-tank-could-not-be-installed-yet-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-122680-2024-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: अस्पताल परिसर में अब तक नहीं लग सका लिक्विड ऑक्सीजन टैंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: अस्पताल परिसर में अब तक नहीं लग सका लिक्विड ऑक्सीजन टैंक
Sat, 18 May 2024 03:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 18 May 2024 03:49 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण योजना परवान नहीं चढ़ पा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल परिसर में लिक्विड ऑक्सीजन टैंक के लिए जगह चिह्नित होने के बाद भी टैंक लग नहीं सका है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है।
जिला अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन के लिए प्लांट न होने का खामियाजा लोगों ने कोविड काल में झेला था। कोरोना काल समाप्त होने के बाद यहां लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए सरकार की ओर से मंजूरी मिली। इसके बाद टैंक भी आ गया और जगह भी चिह्नित कर ली गई, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। टेंडर भी प्रक्रिया में है।
अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलिंडर गोरखपुर से खरीदना और रिफिल करवाना पड़ता है। प्रक्रिया न शुरू होने से सभी पेशोपेश में हैं कि इस समस्या से छुटकारा कब मिलेगा। अगर प्लांट में लिक्विड आक्सीजन का काम शुरू हो जाता तो सभी निजी अस्पताल गोरखपुर सिलिंडर लाने के लिए नहीं जाते और खरीदारी यहीं से करते। अभी तक इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि जरूरी औपचारिकता पूरी की जा रही है। जल्द टैंक लगाने के लिए खोदाई शुरू करा दी जाएगी।
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल परिसर में लिक्विड ऑक्सीजन टैंक के लिए जगह चिह्नित होने के बाद भी टैंक लग नहीं सका है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है।
जिला अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन के लिए प्लांट न होने का खामियाजा लोगों ने कोविड काल में झेला था। कोरोना काल समाप्त होने के बाद यहां लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए सरकार की ओर से मंजूरी मिली। इसके बाद टैंक भी आ गया और जगह भी चिह्नित कर ली गई, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। टेंडर भी प्रक्रिया में है।
विज्ञापन
अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलिंडर गोरखपुर से खरीदना और रिफिल करवाना पड़ता है। प्रक्रिया न शुरू होने से सभी पेशोपेश में हैं कि इस समस्या से छुटकारा कब मिलेगा। अगर प्लांट में लिक्विड आक्सीजन का काम शुरू हो जाता तो सभी निजी अस्पताल गोरखपुर सिलिंडर लाने के लिए नहीं जाते और खरीदारी यहीं से करते। अभी तक इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि जरूरी औपचारिकता पूरी की जा रही है। जल्द टैंक लगाने के लिए खोदाई शुरू करा दी जाएगी।