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Maharajganj News: विद्युत उपकेंद्र पर करंट से लाइनमैन की मौत, लोगों ने सड़क किया जाम
Sat, 27 Jul 2024 03:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 27 Jul 2024 03:41 AM IST
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लाइनमैन हरिओम सिंह के मौत के बाद बिलखती पत्नी गुड्डन सिंह को संभालते लोग।
निचलौल। शहर स्थित विद्युत उपकेंद्र पर तकनीकी दिक्कत ठीक करते समय करंट की चपेट में आने से एक संविदा लाइनमैन की मौत हो गई। जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। मौत के बाद परिजन भड़क उठे और उपकेंद्र के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम और क्षेत्राधिकारी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह डीएम को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे।
दूधराई गांव निवासी हरिओम सिंह (30) और बोदना थाना कोतवाली ठूठीबारी निचलौल निवासी फिरोज (28) विद्युत उपकेंद्र पर संविदा पर तैनात थे। शुक्रवार शाम करीब चार बजे विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर पर कुछ तकनीकी दिक्कत ठीक कर रहे थे। तभी दोनों करंट की चपेट में आ गए। विद्युत कर्मियों ने लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने हरिओम को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे की हालत नाजुक देख प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिरोज जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
अस्पताल पर लोगों की भीड़ जुटते देख विद्युत उपकेंद्र के कर्मी वहां से निकल लिए। शाम करीब 4.30 चार बजे हरिओम के परिजनों के साथ सरकारी अस्पताल पर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण विद्युत कर्मियों के खिलाफ आक्रोशित हो उठे। उन लोगों ने अस्पताल में स्ट्रेचर पर पड़े हरिओम के शव को करीब दो किलोमीटर दूर तक खींचते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए।
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विद्युत उपकेंद्र के जिम्मेदारों को दोषी ठहराते हुए करीब 5.30 बजे परिजनों ने शव निचलौल सिंदुरिया मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। बगल में रखे विद्युत पोल को सड़क पर रख दिया। हादसे की सूचना पाकर उपकेंद्र पर निचलौल और चौके थाने की पुलिस भी पहुंच गई। भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करने लगी, लेकिन आक्रोशित लोगों के आगे पुलिस बेबस नजर आई। एसडीएम और क्षेत्राधिकारी लोगों को मनाने पर लगे रहे, लेकिन वह विद्युत उपकेंद्र के जिम्मेदारों के खिलाफ केस दर्ज करने और डीएम को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। देर रात तक लोगों ने जाम लगाए रखा।
बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कर रहे थे लाइनमैन
हरिओम सिंह की पत्नी गुड्डन सिंह ने पुलिस के नाम से लिखे तहरीर में बताया कि पति विद्युत उपकेंद्र पर थर्ड क्लास सर्विसेज लिमिटेड के द्वारा संविदा लाइनमैन कर्मी के पद पर तैनात थे। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। पति अधिकारियों के बुलाने पर शुक्रवार को विद्युत उपकेंद्र पहुंचे थे। जहां पर जिम्मेदार बगैर सुरक्षा उपकरण के पति से उपकेंद्र में तकनीकी दिक्कत ठीक कराने लगे। तभी पति हरिओम की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया की मामले में परिजनों और लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह लोग अपनी जिद के आगे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित
उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर पर तकनीकी दिक्कत ठीक कर रहे लाइनमैन की मौत के बाद उपकेंद्र पर लोगों की भीड़ जुट गई। उपकेंद्र पर तैनात सभी कर्मी आक्रोशित लोगों की भीड़ को देख मौके से भाग निकले। उपकेंद्र की सुरक्षा में पुलिस टीम मुस्तैद रही। ऐसे में उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर से जुड़े सैंकड़ों गांवों में शाम करीब चार बजे से देर रात तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
ग्रामीण फीडर में कुछ तकनीकी दिक्कत थी। जिसे दोनों लाइनमैन ठीक कर रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। विद्युत उपकेंद्र के कर्मी दुखी हैं। वह लोग लाइनमैन के परिजनों के साथ खड़े हैं। परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
-आशीष विष्ट, एसडीओ, विद्युत उपकेंद्र
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दूधराई गांव निवासी हरिओम सिंह (30) और बोदना थाना कोतवाली ठूठीबारी निचलौल निवासी फिरोज (28) विद्युत उपकेंद्र पर संविदा पर तैनात थे। शुक्रवार शाम करीब चार बजे विद्युत उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर पर कुछ तकनीकी दिक्कत ठीक कर रहे थे। तभी दोनों करंट की चपेट में आ गए। विद्युत कर्मियों ने लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने हरिओम को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे की हालत नाजुक देख प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिरोज जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
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अस्पताल पर लोगों की भीड़ जुटते देख विद्युत उपकेंद्र के कर्मी वहां से निकल लिए। शाम करीब 4.30 चार बजे हरिओम के परिजनों के साथ सरकारी अस्पताल पर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण विद्युत कर्मियों के खिलाफ आक्रोशित हो उठे। उन लोगों ने अस्पताल में स्ट्रेचर पर पड़े हरिओम के शव को करीब दो किलोमीटर दूर तक खींचते हुए विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए।
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विद्युत उपकेंद्र के जिम्मेदारों को दोषी ठहराते हुए करीब 5.30 बजे परिजनों ने शव निचलौल सिंदुरिया मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। बगल में रखे विद्युत पोल को सड़क पर रख दिया। हादसे की सूचना पाकर उपकेंद्र पर निचलौल और चौके थाने की पुलिस भी पहुंच गई। भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करने लगी, लेकिन आक्रोशित लोगों के आगे पुलिस बेबस नजर आई। एसडीएम और क्षेत्राधिकारी लोगों को मनाने पर लगे रहे, लेकिन वह विद्युत उपकेंद्र के जिम्मेदारों के खिलाफ केस दर्ज करने और डीएम को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। देर रात तक लोगों ने जाम लगाए रखा।
बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कर रहे थे लाइनमैन
हरिओम सिंह की पत्नी गुड्डन सिंह ने पुलिस के नाम से लिखे तहरीर में बताया कि पति विद्युत उपकेंद्र पर थर्ड क्लास सर्विसेज लिमिटेड के द्वारा संविदा लाइनमैन कर्मी के पद पर तैनात थे। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। पति अधिकारियों के बुलाने पर शुक्रवार को विद्युत उपकेंद्र पहुंचे थे। जहां पर जिम्मेदार बगैर सुरक्षा उपकरण के पति से उपकेंद्र में तकनीकी दिक्कत ठीक कराने लगे। तभी पति हरिओम की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया की मामले में परिजनों और लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह लोग अपनी जिद के आगे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित
उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर पर तकनीकी दिक्कत ठीक कर रहे लाइनमैन की मौत के बाद उपकेंद्र पर लोगों की भीड़ जुट गई। उपकेंद्र पर तैनात सभी कर्मी आक्रोशित लोगों की भीड़ को देख मौके से भाग निकले। उपकेंद्र की सुरक्षा में पुलिस टीम मुस्तैद रही। ऐसे में उपकेंद्र के ग्रामीण फीडर से जुड़े सैंकड़ों गांवों में शाम करीब चार बजे से देर रात तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
ग्रामीण फीडर में कुछ तकनीकी दिक्कत थी। जिसे दोनों लाइनमैन ठीक कर रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। विद्युत उपकेंद्र के कर्मी दुखी हैं। वह लोग लाइनमैन के परिजनों के साथ खड़े हैं। परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
-आशीष विष्ट, एसडीओ, विद्युत उपकेंद्र