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Maharajganj News: हत्या के छह दोषियों को आजीवन कारावास
Tue, 23 Jul 2024 09:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 23 Jul 2024 09:47 PM IST
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महराजगंज। न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनन्य न्यायालय एससी एसटी एक्ट शाकिर हसन ने हत्या के छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 19-19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मुकदमे के दौरान तीन अभियुक्तों की मौत हो गई।
अभियोजन के कथन के अनुसार वादी मुकदमा तेजे ने 27 मई 1999 को थाना कोल्हुई में तहरीर देकर बताया था कि उसके गांव के दक्षिण उसके गांव के ही पारस यादव के परिवार का चक है। कब्रिस्तान के हद में आम का दो पेड़ है। दोनों पेड़ों का फल परिवार के लोग खाते चले आ रहे हैं। उसकी पत्नी विधावती देवी, मां कोइली, चाचा छोटेलाल, बेटा सूर्यनाथ, भाई यशवंत व उसके भाई की बहु चंद्रावती आम तोड़ रही थी।
दिन के करीब 12 बजे पारस यादव, हरी यादव, सुरेश यादव, रामनरेश यादव, भूपेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, योगेंद्र यादव उर्फ योगी, चिनका उर्फ रमेश, दिनेश यादव तथा घनश्याम यादव लाठी लेकर पहुंचे। विरोध करते हुए पारसनाथ ने जाती सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि सभी को जान से मार डालो। आरोपी एकमत होकर लाठी-डंडों से पिटाई करने लगे। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कराया। घर पहुंचने के बाद चाचा छोटेलाल की मौत हो गई। जबकि महिलाएं भी घायल हो गईं।
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घटना के संबंध में थाना कोल्हुई में केस दर्ज कराया गया। विवेचना के उपरांत नौ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। मुकदमे के दौरान पारस यादव, हरी यादव, रामनरेश यादव की मौत हो गई। शेष लोगों के विरुद्ध गवाही कराने के उपरांत अभियुक्तों को कड़ी सजा देने की मांग की।
न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनन्य विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट ने सुरेश यादव, भूपेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, योगेंद्र यादव उर्फ योगी, चिनका उर्फ रमेश यादव, घनश्याम यादव निवासी पिपरा बाजार थाना कोल्हुई जनपद महराजगंज को हत्या के मामले में आजीवन कारावास व 19-19 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
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अभियोजन के कथन के अनुसार वादी मुकदमा तेजे ने 27 मई 1999 को थाना कोल्हुई में तहरीर देकर बताया था कि उसके गांव के दक्षिण उसके गांव के ही पारस यादव के परिवार का चक है। कब्रिस्तान के हद में आम का दो पेड़ है। दोनों पेड़ों का फल परिवार के लोग खाते चले आ रहे हैं। उसकी पत्नी विधावती देवी, मां कोइली, चाचा छोटेलाल, बेटा सूर्यनाथ, भाई यशवंत व उसके भाई की बहु चंद्रावती आम तोड़ रही थी।
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दिन के करीब 12 बजे पारस यादव, हरी यादव, सुरेश यादव, रामनरेश यादव, भूपेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, योगेंद्र यादव उर्फ योगी, चिनका उर्फ रमेश, दिनेश यादव तथा घनश्याम यादव लाठी लेकर पहुंचे। विरोध करते हुए पारसनाथ ने जाती सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि सभी को जान से मार डालो। आरोपी एकमत होकर लाठी-डंडों से पिटाई करने लगे। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कराया। घर पहुंचने के बाद चाचा छोटेलाल की मौत हो गई। जबकि महिलाएं भी घायल हो गईं।
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घटना के संबंध में थाना कोल्हुई में केस दर्ज कराया गया। विवेचना के उपरांत नौ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। मुकदमे के दौरान पारस यादव, हरी यादव, रामनरेश यादव की मौत हो गई। शेष लोगों के विरुद्ध गवाही कराने के उपरांत अभियुक्तों को कड़ी सजा देने की मांग की।
न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनन्य विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट ने सुरेश यादव, भूपेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, योगेंद्र यादव उर्फ योगी, चिनका उर्फ रमेश यादव, घनश्याम यादव निवासी पिपरा बाजार थाना कोल्हुई जनपद महराजगंज को हत्या के मामले में आजीवन कारावास व 19-19 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।