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काली पट्टी बांध लेखपालों ने धरना दिया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:10 AM IST
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सदर तहसील में काली पट्टी बांधकर धरना देते लेखपाल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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महराजगंज। मंगलवार को लेखपाल संघ सदर तहसील के लोगों ने छह सूत्री मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर तहसील परिसर में धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर कार्रवाई की मांग की। सदर तहसील अध्यक्ष लोकपति त्रिपाठी ने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर पहले भी आंदोलित रहा।
लेखपालों ने शैक्षिक योग्यता स्नातक और उपनिरीक्षक का पदनाम देने की मांग की। वेतन विसंगतियों को दूर कर 2000 से बढ़ाकर 2800 रुपये ग्रेड किए जाने पर बल दिया। विशिष्ट परिस्थितियों में लेखपाल के निजी अनुरोध पर प्रदेश के किसी भी जिले में स्थानांतरण के लिए लेखपाल सेवा नियमावली में परिवर्तन की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि सभी लेखपालों को लैपटॉप और स्मार्टफोन दिया जाए, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप कार्य किया जा सके। अप्रैल 2006 के बाद नियुक्त लेखपालों को प्रशिक्षण के समय प्रभावी सेवा शर्तों के अनुसार पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ देने की मांग की।
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तहसील अध्यक्ष ने कहा कि संगठन के पदाधिकारियों ने मई में मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगें रखी थी। मुख्यमंत्री ने लेखपालों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया था। सीएम के आश्वासन के पांच माह बीत गए लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मौके पर जिला संरक्षक किशोर प्रसाद, मुकेश सिंह, रामबचन, कतवारू चंद्र निराला, सुनील यादव, जय प्रकाश, ओमप्रकाश मिश्रा, सराफ अली, अनवर अली, रामसेवक, जुलकरनैन, गंगा जायसवाल, शिल्पी केसरी, अभिषेक सिंह, समीउल्लाह, मगरू प्रसाद, अंजील गुप्ता, विजय मौर्य, ब्रजभूषण शर्मा, त्रिलोकी शर्मा, फेंकू प्रसाद आदि मौजूद रहे।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्णय के क्रम में पांच सूत्री मांगो को लेकर लेखपाल संघ ने काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ ने 17 अक्टूबर से ई ड्रिस्ट्रिक्ट के संपूर्ण कार्यों को अनिश्चितकाल तक बंद करते हुए मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया और सीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। तहसील अध्यक्ष कृष्ण मोहन यादव ने कहा कि जब तक 27 अगस्त के निर्णय के क्रम में शासन से सकारात्मक परिणाम नहीं मिलता है, विरोध प्रदर्शन का क्रम जारी रहेगा। इस दौरान मंत्री जयराम, कोषाध्यक्ष पंकज कुमार, उपेंद्र तिवारी, अशोक मिश्रा, टीपू सुल्तान, रामजतन यादव, हरिहर यादव, सत्यप्रकाश, दीन दयाल यादव, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
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लेखपालों ने शैक्षिक योग्यता स्नातक और उपनिरीक्षक का पदनाम देने की मांग की। वेतन विसंगतियों को दूर कर 2000 से बढ़ाकर 2800 रुपये ग्रेड किए जाने पर बल दिया। विशिष्ट परिस्थितियों में लेखपाल के निजी अनुरोध पर प्रदेश के किसी भी जिले में स्थानांतरण के लिए लेखपाल सेवा नियमावली में परिवर्तन की मांग उठाई।
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उन्होंने कहा कि सभी लेखपालों को लैपटॉप और स्मार्टफोन दिया जाए, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप कार्य किया जा सके। अप्रैल 2006 के बाद नियुक्त लेखपालों को प्रशिक्षण के समय प्रभावी सेवा शर्तों के अनुसार पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ देने की मांग की।
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तहसील अध्यक्ष ने कहा कि संगठन के पदाधिकारियों ने मई में मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगें रखी थी। मुख्यमंत्री ने लेखपालों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया था। सीएम के आश्वासन के पांच माह बीत गए लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मौके पर जिला संरक्षक किशोर प्रसाद, मुकेश सिंह, रामबचन, कतवारू चंद्र निराला, सुनील यादव, जय प्रकाश, ओमप्रकाश मिश्रा, सराफ अली, अनवर अली, रामसेवक, जुलकरनैन, गंगा जायसवाल, शिल्पी केसरी, अभिषेक सिंह, समीउल्लाह, मगरू प्रसाद, अंजील गुप्ता, विजय मौर्य, ब्रजभूषण शर्मा, त्रिलोकी शर्मा, फेंकू प्रसाद आदि मौजूद रहे।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्णय के क्रम में पांच सूत्री मांगो को लेकर लेखपाल संघ ने काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ ने 17 अक्टूबर से ई ड्रिस्ट्रिक्ट के संपूर्ण कार्यों को अनिश्चितकाल तक बंद करते हुए मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया और सीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। तहसील अध्यक्ष कृष्ण मोहन यादव ने कहा कि जब तक 27 अगस्त के निर्णय के क्रम में शासन से सकारात्मक परिणाम नहीं मिलता है, विरोध प्रदर्शन का क्रम जारी रहेगा। इस दौरान मंत्री जयराम, कोषाध्यक्ष पंकज कुमार, उपेंद्र तिवारी, अशोक मिश्रा, टीपू सुल्तान, रामजतन यादव, हरिहर यादव, सत्यप्रकाश, दीन दयाल यादव, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।