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Maharajganj News: ई-नीलामी से उद्यमियों को आवंटित की जाएगी जमीन
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महराजगंज। जनपद में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए विभाग ने ई-आक्शन प्रक्रिया प्रभावी की है। प्रदेश के उद्योग निदेशालय के निर्देश पर उद्योग विभाग रिक्त पड़े भूखंड का आवंटन जेम पोर्टल के ई-आक्शन प्रक्रिया के तहत करेगा। उद्योग विभाग के पास मौजूदा समय में जनपद के विभिन्न हिस्सों में 150 से अधिक भूखंड हैं। इनका कुल क्षेत्रफल 10 एकड़ से अधिक है।
कृषि बाहुल्य जिले को उद्यमियों के लिए भी सहूलियत भरा बनाने की दिशा में काम हो रहा है। बीते दो वर्ष की बात करें तो जिले में 2,576 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला। 2025 में 10 प्रमुख परियोजनाओं में 387 करोड़ का निवेश हुआ। साथ ही कुल 702 करोड़ की परियोजनाएं धरातल पर उतरीं। इस वर्ष परिवहन विस्तार से औद्योगिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। जनपद को 1,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव का लक्ष्य दिया गया था। इसमें आधे से अधिक मूल्य का निवेश विभाग फाइनल कर चुका है। अब निवेशकों का आकर्षण और बढ़ाने के लिए ई-आक्शन के जरिये भूखंड आवंटन प्रक्रिया प्रभावी की गई है।
फिसड्डी औद्योगिक संस्थानों से वापस लिया जाएगा भूखंड : जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के पास मौजूदा समय में 10 एकड़ क्षेत्रफल के 198 भूखंड खाली हैं। सर्वाधिक भूखंड 75 सदर तहसील के बागापार, परतावल, कोठीभार में है। दूसरे नंबर पर भूखंड उपलब्धता नेपाल से सटे नौतनवां तहसील में तो फरेंदा में 50 से अधिक भूखंड धानी, बृजमनगंज, लेहड़ा में है। इसके अलावा लगभग इतनी ही जमीन विभाग की ऐसी है जो उद्योग यूनिट के लिए औद्योगिक संस्थानों को पूर्व में आवंटित हुई लेकिन संबंधित इकाई यूनिट स्थापना में विफल रही। डीआईसी ऐसी इकाइयों से भूखंड वापस लेकर नए सिरे से आवेदकों को उपलब्ध कराएगी।
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कृषि बाहुल्य जिले को उद्यमियों के लिए भी सहूलियत भरा बनाने की दिशा में काम हो रहा है। बीते दो वर्ष की बात करें तो जिले में 2,576 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला। 2025 में 10 प्रमुख परियोजनाओं में 387 करोड़ का निवेश हुआ। साथ ही कुल 702 करोड़ की परियोजनाएं धरातल पर उतरीं। इस वर्ष परिवहन विस्तार से औद्योगिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। जनपद को 1,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव का लक्ष्य दिया गया था। इसमें आधे से अधिक मूल्य का निवेश विभाग फाइनल कर चुका है। अब निवेशकों का आकर्षण और बढ़ाने के लिए ई-आक्शन के जरिये भूखंड आवंटन प्रक्रिया प्रभावी की गई है।
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फिसड्डी औद्योगिक संस्थानों से वापस लिया जाएगा भूखंड : जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के पास मौजूदा समय में 10 एकड़ क्षेत्रफल के 198 भूखंड खाली हैं। सर्वाधिक भूखंड 75 सदर तहसील के बागापार, परतावल, कोठीभार में है। दूसरे नंबर पर भूखंड उपलब्धता नेपाल से सटे नौतनवां तहसील में तो फरेंदा में 50 से अधिक भूखंड धानी, बृजमनगंज, लेहड़ा में है। इसके अलावा लगभग इतनी ही जमीन विभाग की ऐसी है जो उद्योग यूनिट के लिए औद्योगिक संस्थानों को पूर्व में आवंटित हुई लेकिन संबंधित इकाई यूनिट स्थापना में विफल रही। डीआईसी ऐसी इकाइयों से भूखंड वापस लेकर नए सिरे से आवेदकों को उपलब्ध कराएगी।
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