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Maharajganj News: 13 गांवों में भूमि अधिग्रहण पूरा रेलवे को मिला अधिकार प्रमाणपत्र
Mon, 31 Mar 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 31 Mar 2025 12:48 AM IST
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रेल लाइन के लिए लगाया गया पिलर।
महराजगंज। जिले में आनंदनगर-महराजगंज-घुघली रेलवे लाइन परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। चयनित गांवों में भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण किया जा रहा है।
इसमें 13 गांवों की अधिग्रहित भूमि का अधिकार प्रमाणपत्र भूमि अध्याप्ति विभाग की ओर से रेलवे विभाग को सौंप दिया गया है। जल्द ही इन क्षेत्रों में रेल लाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, जिले में प्रस्तावित नई रेलवे लाइन 52.70 किलोमीटर लंबी होगी, जो घुघली-महराजगंज-आनंदनगर को जोड़ेगी। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से संचालित की जा रही है। इस सूची में पिपरा मुंडेरी, घघरुआ खड़ेसर, जोगिया, रामपुर बल्डिहा, मटकोपा, बरवा, चमैनिया, घुघली खुर्द, धरमपुर, विशुनपुर गबडुआ, पिपराइच उर्फ पचरुखिया, लक्ष्मीपुर, हरपुर, शिकारपुर, भिसवा, दरौली, बरवा विद्यापति, पड़री खुर्द, सिसवा बाबू, मनियार छपरा, रामपुर मजुहना, अगया, तरकुलवा, गौनरिया बाबू, कोदइला, बांस पार, बैजौली, सवना और पिपरदेवरा शामिल हैं।
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भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत कुल 698 गाटे और 3897 किसानों की 98.9394 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। 13 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और किसानों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। वहीं, जिन गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसमें धरमपुर, घघरुआ खड़ेसर, लक्ष्मीपुर, विशुनपुर गबडुआ, हरपुर, अगया, घुघली खुर्द, रामपुर, बरवा विद्यापति, सिसवा बाबू, पिपराइच उर्फ पचरुखिया, मटकोपा और पिपरा मुंडेरी शामिल हैं। इन गांवों के प्रभावित किसानों से सहमति लेकर भूमि अध्याप्ति विभाग ने रेलवे विभाग को अधिकार प्रमाण पत्र सौंप दिया है।
सबसे पहले, अधिग्रहित भूमि का सीमांकन किया जाएगा, इसके बाद मिट्टी भराई और अन्य आवश्यक निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। इसके बाद रेल लाइन के दायरे में आने वाले पुलों और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद रेलवे लाइन बिछाने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। भूमि अध्याप्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है शेष 16 गांवों में यह प्रक्रिया जारी है। जल्द ही अन्य गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी।
वहीं जिले में रेल लाइन निर्माण के लिए 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। अब तक अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को 2,96,28,80,418 रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।
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इसमें 13 गांवों की अधिग्रहित भूमि का अधिकार प्रमाणपत्र भूमि अध्याप्ति विभाग की ओर से रेलवे विभाग को सौंप दिया गया है। जल्द ही इन क्षेत्रों में रेल लाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, जिले में प्रस्तावित नई रेलवे लाइन 52.70 किलोमीटर लंबी होगी, जो घुघली-महराजगंज-आनंदनगर को जोड़ेगी। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से संचालित की जा रही है। इस सूची में पिपरा मुंडेरी, घघरुआ खड़ेसर, जोगिया, रामपुर बल्डिहा, मटकोपा, बरवा, चमैनिया, घुघली खुर्द, धरमपुर, विशुनपुर गबडुआ, पिपराइच उर्फ पचरुखिया, लक्ष्मीपुर, हरपुर, शिकारपुर, भिसवा, दरौली, बरवा विद्यापति, पड़री खुर्द, सिसवा बाबू, मनियार छपरा, रामपुर मजुहना, अगया, तरकुलवा, गौनरिया बाबू, कोदइला, बांस पार, बैजौली, सवना और पिपरदेवरा शामिल हैं।
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भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत कुल 698 गाटे और 3897 किसानों की 98.9394 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। 13 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और किसानों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। वहीं, जिन गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसमें धरमपुर, घघरुआ खड़ेसर, लक्ष्मीपुर, विशुनपुर गबडुआ, हरपुर, अगया, घुघली खुर्द, रामपुर, बरवा विद्यापति, सिसवा बाबू, पिपराइच उर्फ पचरुखिया, मटकोपा और पिपरा मुंडेरी शामिल हैं। इन गांवों के प्रभावित किसानों से सहमति लेकर भूमि अध्याप्ति विभाग ने रेलवे विभाग को अधिकार प्रमाण पत्र सौंप दिया है।
सबसे पहले, अधिग्रहित भूमि का सीमांकन किया जाएगा, इसके बाद मिट्टी भराई और अन्य आवश्यक निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। इसके बाद रेल लाइन के दायरे में आने वाले पुलों और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद रेलवे लाइन बिछाने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। भूमि अध्याप्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है शेष 16 गांवों में यह प्रक्रिया जारी है। जल्द ही अन्य गांवों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी।
वहीं जिले में रेल लाइन निर्माण के लिए 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। अब तक अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को 2,96,28,80,418 रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है।