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Maharajganj News: कंडम गाड़ियों का रंगरोगन कर कमा रहे लाखों

Sun, 04 Feb 2024 02:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 04 Feb 2024 02:57 AM IST
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Kandam is earning lakhs by painting vehicles.
एंटिक गाड़ी। 
महराजगंज। नए जमाने के लोगों का आकर्षण अब पुराने जमाने के सामानों की तरफ होने लगा है। यही वजह है कि जहां कुछ साल पहले युवाओं को शादियों में महंगी व लक्जरी गाड़ियों का शौक था, अब वह पहले के राजा महाराजा की तरह रथ का इस्तेमाल कर रहे हैं। युवाओं के शौक को देखते हुए कंडम हो चुकीं गाड़ियों का इंजन लगाकर पुराने जमाने की कार चमचमाती हुई बना दी जा रही है। जिले में ऐसी करीब 100 से अधिक गाड़ियां होंगी। इस पर विभाग की नजर नहीं पड़ रही है। इससे वाहन मालिक बुकिंग कर जहां लाखों की आमदनी कर रहे हैं, वहीं परिवहन विभाग को राजस्व का चूना लग रहा है।
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जानकारी के अनुसार, शादी विवाह में इन दिनों पुराने जमाने की कारों को पसंद किया जा रहा है। जिले में इसकी मांग को देखते हुए अंग्रेजों के जमाने की गाड़ियाें का ढांचा तैयार कर पुराने इंजन व चेचिस पर सेट कर दिया जा रहा है। इसमें ज्यादा खर्चा भी नहीं है। कबाड़ से पुराना इंजन लेकर उसे नया रूप दे दिया जा रहा है। यह किसी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इन गाड़ियों की बुकिंग आठ से 15 हजार के बीच हो रही है। इससे लाखों की आमदनी हो रही है। परिवहन विभाग की नजर से ओझल यह कारनामा विभाग को चूना लगा रहा है। युवाओं के पसंद के अनुसार इस समय लगभग हर शादी में दुल्हा रथों पर ही सवार हो रहा है। विगत कुछ वर्षों से रथ की मांग बढ़ गई है। इस रोजगार से जुडे लोग भी एक से बढ़कर एक आकर्षक रथ बना रहे हैं। रथ बनाने में पुरानी व खटारा गाड़ियों का प्रयोग किया जा रहा है।
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न टैक्स का डर न परमिट का झंझट

पुरानी व कंड़म गाड़ियों को मोडिफाई कर उसे रथ या अंग्रेजों के जमाने की गाड़ियों का आकार दिया गया है। इन गाड़ियों के बदल जाने से विभाग को काफी नुकसान हो रहा है। गाड़ियों पर न तो नंबर लगा रहता है और न ही उसका कहीं पंजीकरण है। हैरत की बात यह है कि विभाग भी इन पर उतना ही मेहरबान है जितना की उसका प्रयोग करने वाले लोग। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी तमाम गाड़ियां देखी जा रही हैं जिनकी रूपरेखा बदलकर उससे लाखों रुपये का आय किया जा रहा है। इसके लिए विभाग को न तो टैक्स जमा करना है और ना ही परमिट बनवाना है।
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अभियान चलाकर ऐसी गाड़ियों की जांच की जाएगी। नियम के विपरित गाड़ियों का संचालन किसी भी दशा में नहीं होने दिया जाएगा।
-आरडी प्रसाद, संभागीय निरीक्षक
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