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Maharajganj News: सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहा काली माता मंदिर हुआ शिफ्ट
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सुकरौली के काली माता मंदिर के पुराने ढांचे पर चला बुलडोजर
नए स्थान पर मंदिर निर्माण व प्राण प्रतिष्ठा के बाद हटाया गया पुराना ढांचा
सोनौली। राष्ट्रीय राजमार्ग-24 के चौड़ीकरण कार्य के तहत सोनौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुकरौली स्थित प्राचीन काली माता मंदिर सड़क निर्माण की जद में आ रहा था। धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले को संवेदनशील मानते हुए प्रशासन एवं एनएचएआई की टीम ने आपसी समन्वय से मंदिर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करा दिया।
सड़क निर्माण एजेंसी ने पहले ही मंदिर के नए स्थान का चयन कर वहां विधिवत निर्माण कार्य पूरा करा लिया था। स्थानीय ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां काली की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। इसके बाद पुराने मंदिर ढांचे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मंगलवार को नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव व एनएचएआई के लैंड एक्विजिशन अधिकारी कलीम खान की देखरेख में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेसीबी मशीन की सहायता से पुराने मंदिर के जर्जर ढांचे को हटाया गया। इस दौरान स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
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अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को पूर्ण सम्मान देते हुए ही पूरी प्रक्रिया अपनाई गई है। ग्रामीणों से पूर्व में वार्ता कर सहमति ली गई थी, जिसके बाद स्थानांतरण की कार्रवाई की गई। अब मंदिर नए स्थान पर सुचारु रूप से संचालित होगा और राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य भी निर्बाध गति से आगे बढ़ सकेगा।
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नए स्थान पर मंदिर निर्माण व प्राण प्रतिष्ठा के बाद हटाया गया पुराना ढांचा
सोनौली। राष्ट्रीय राजमार्ग-24 के चौड़ीकरण कार्य के तहत सोनौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुकरौली स्थित प्राचीन काली माता मंदिर सड़क निर्माण की जद में आ रहा था। धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले को संवेदनशील मानते हुए प्रशासन एवं एनएचएआई की टीम ने आपसी समन्वय से मंदिर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करा दिया।
सड़क निर्माण एजेंसी ने पहले ही मंदिर के नए स्थान का चयन कर वहां विधिवत निर्माण कार्य पूरा करा लिया था। स्थानीय ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां काली की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। इसके बाद पुराने मंदिर ढांचे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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मंगलवार को नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव व एनएचएआई के लैंड एक्विजिशन अधिकारी कलीम खान की देखरेख में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेसीबी मशीन की सहायता से पुराने मंदिर के जर्जर ढांचे को हटाया गया। इस दौरान स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
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अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को पूर्ण सम्मान देते हुए ही पूरी प्रक्रिया अपनाई गई है। ग्रामीणों से पूर्व में वार्ता कर सहमति ली गई थी, जिसके बाद स्थानांतरण की कार्रवाई की गई। अब मंदिर नए स्थान पर सुचारु रूप से संचालित होगा और राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य भी निर्बाध गति से आगे बढ़ सकेगा।