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Maharajganj News: पांच ट्रैक्टर-ट्राॅली पर नेपाल से लाया गया कबाड़ सीज
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फोटो
- मौके से प्लास्टिक और स्टील के कबाड़ बरामद तीन गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत नेपाल के भगवानपुर चौकी स्थित सीमावर्ती गांव जसवल में सूचना के आधार पर नेपाल से तस्करी कर भारत में लाया गया पांच ट्रैक्टर ट्राली को एसएसबी ने पकड़ कर सीज कर दिया है। मौके से प्लास्टिक और स्टील के कबाड़ सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय नौतनवां को सुपुर्द कर दिया गया।
एसएसबी 22वीं वाहिनी के उप कमांडेंट राकेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात करीब आठ बजे सूचना मिली कि पिलर संख्या 516/22 जसवल गांव के रास्ते नेपाल से बड़े पैमाने पर तस्करी का कबाड़ आने वाला है। सूचना के बाद जवानों के साथ उक्त स्थान की घेराबंदी की गई। रात करीब 11 बजे जसवल टोला के निकट नेपाल से ट्रैक्टर ट्राॅली आती दिखाई दी। जैसे ही ट्रैक्टर ट्रॉली भारतीय सीमा में प्रवेश की तो उनके ड्राइवरों को रुकने को कहा गया, जिस पर चालक ट्रैक्टर ट्राली छोड़कर भागने लगे। जवानों ने दौड़ा कर तीन लोगों को पकड़ लिया, लेकिन दो नेपाल की ओर भाग गए। जवानों ने जब ट्रैक्टर की जांच की तो उसमें प्लास्टिक के 1400 किलो और स्टील के 2550 किलो स्क्रैप बरामद हुए। मौके से दो नेपाली ट्रैक्टर और तीन भारतीय नंबर की ट्रैक्टर ट्राॅली को सीज कर मोहरत और जय प्रकाश केवल निवासी नवलपरासी नेपाल व अजय पांडेय निवासी नेवुआ नोरंगिया कुशीनगर को अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम के सुपुर्द कर दिया।
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कायदे कानून को दरकिनार कर सीमावर्ती क्षेत्र में चल रही कबाड़ का धंधा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज l जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में कबाड़ का धंधा पनप रहा है। नियमों को दरकिनार कर जगह-जगह दुकानें संचालित हो रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों से कबाड़ सरहद पार कर आमदनी करने में तस्कर जुटे हैं। सुरक्षा कर्मी अक्सर कबाड़ बरामद करते रहते हैं। बीते वर्ष से लेकर अब तक कई बार बरामदगी हुई है। कबाड़ की दुकानों पर चोरी का कबाड़ बिकने का खुलासा भी हो चुका है। जनपद महराजगंज की 84 किलोमीटर खुली भारत-नेपाल सीमा का फायदा तस्कर उठाते रहते हैं। सीमा पर कबाड़ लाने के दौरान उनकी गिरफ्तारी भी होती है। 84 किलोमीटर की सीमा में करीब 98 पगडंडियां हैं। नौ सीमा चौकियों के साथ 10 बॉर्डर आउट पोस्ट चौकी स्थापित हैं। इनके जरिए निगहबानी होती।
सूत्रों ने बताया कि पगडंडियों में सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर और झुलनीपुर नदी के रास्ते कबाड़ सीमा पार कर दिया जाता है। नेपाल में सस्ती दर पर कबाड़ मिलने के कारण वहां से लाया जाता है। घर से निकला हुआ कबाड़ जैसे कि लोहा, टीना, एल्युमिनियम, कूलर और पंखे का खराब मोटर खराब टीवी, बड़ी-बड़ी गाड़ियों का मजबूत लोहा, तेल का टीना, कूलर, पंखा, खराब फ्रिज, फर्नीचर, अलमारी, तांबा, इलेक्ट्रॉनिक चीजें खराब लैपटॉप, खराब कंप्यूटर खराब मोबाइल, खराब साइकिल, खराब बाइक, टायर आदि लाए जाते हैं। निचलौल कस्टम अधीक्षक रविंद्र तिवारी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में राजाबारी, नौवाबारी, जमुई से ईंटहिया मार्ग पर बेलवा और करमहिया गांव में चलने वाली कबाड़ की दुकानों के लाइसेंस हैं।
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तस्करों का बड़ा सिंडिकेट है शामिल
भारत और नेपाल के तस्करों का एक बड़ा सिंडिकेट नेपाल के विभिन्न स्थानों पर जर्जर फैक्ट्रियों को खरीद रहा हैं। उन फैक्ट्रियों को तोड़कर लोहे के छोटे-छोटे टुकड़े कर कैरियर के माध्यम से भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाली गांव में पहले कबाड़ को डंप कराते हैं, फिर मौका मिलते ही भारतीय सीमावर्ती गांव में भेज देते हैं। कबाड़ के इस तस्करी के धंधे में भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली कोतवाली क्षेत्र में करीब एक दर्जन से अधिक दुकानें खुली हैं। किसी भी दुकान का लाइसेंस भी नहीं है। बावजूद इसके एसएसबी, पुलिस और कस्टम की साठगांठ से यह दुकानें धड़ल्ले से चल रहीं है। सोनौली कोतवाली के फरेंदा तिवारी, तिलहवा, खनुवा, श्यामकाट, भगवानपुर आदि पगडंडी रास्ते से बड़े पैमाने पर ठेले पर लादकर कबाड़ लाया जा रहा है। इस पगडंडी मार्ग के कुछ दूरी पर ही एसएसबी कैंप भी है, जहां जवान गश्त भी करते हैं।
कब, कहां, कितना बरामद हुआ कबाड़
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28 दिसंबर 2022 को कस्टम और एसएसबी की संयुक्त टीम भारत नेपाल बॉर्डर के लालपुर गांव के पास से चार ट्रॉली कबाड़ बरामद कर चार लोगों को पकड़ा था।
12 नवंबर 2022 को एसएसबी और कस्टम की संयुक्त टीम शीतलापुर के निकट से दो ट्रॉली कबाड़ बरामद करते हुए दो लोगों को पकड़ लिया था। 30 सितंबर 2022 को एसएसबी और कस्टम की संयुक्त टीम झुलनीपुर बॉर्डर से एक ट्रक पर लदे 16 क्विंटल कबाड़ को बरामद करते हुए एक को पकड़ लिया था।
20 सितंबर 2022 को एसडीएम ने इटहिया मार्ग से कंटेनर पर लदे आठ टन कबाड़ बरामद कर एक को पकड़ा था। 14 जुलाई 2022 को एसडीएम और कस्टम ने ठूठीबारी मार्ग से एक कंटेनर पर लदे 10 टन कबाड़ बरामद कर एक को पकड़ा था।
तीन जुलाई 2022 को एसएसबी जवानों ने इटहिया गांव के पास से एक ट्रॉली पर लदे कबाड़ को बरामद करते हुए चालक को पकड़ लिया। सात मार्च 2022 को एसएसबी जवानों ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर दो ट्रॉली कबाड़ बरामद कर एक व्यक्ति को पकड़ लिया।
30 जून 2022 को एक ट्रॉली कबाड़ ठूठीबारी एसएसबी ने बरामद किया था 12 अप्रैल 2023 को ठूठीबारी एसएसबी के जवान राजाबारी गांव समीप एक ट्रॉली कबाड़ के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया था।
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कारोबार के लिए लाइसेंस जरूरी
कस्टम अधीक्षक के अनुसार, कबाड़ व्यवसाय के लिए शासन ने कोई स्पष्ट नियम नहीं बनाए है पर इसके लिए लाइसेंस होना जरूरी है। नियम के मुताबिक कबाड़ के व्यवसाय के लिए लाइसेंस बना होना चाहिए।
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नेपाल में कम कीमत पर मिलता है कबाड़
शहर के एक कारोबारी ने बातचीत में बताया कि नेपाल में प्रति किलो सात से 10 रुपये सस्ता कबाड़ मिलता है। जहां से खरीदारी कर भारत नेपाल बॉर्डर की खुली सीमा से आसानी से पहुंचा दिया जाता है। उसके बाद भारत के कई राज्यों में संचालित कारखानों को अच्छी कीमत में बेच दिया जाता है।
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50 से अधिक हैं कबाड़ कारोबारी
इस धंधे में कोई रोकटोक नहीं होने के कारण शहर से लेकर बॉर्डर तक कहीं भी कोई भी व्यक्ति आकर कबाड़ की दुकान चलाना शुरू कर दे रहा है। शुरू-शुरू में एक-दो एजेंट रखकर कबाड़ इकट्ठा करवा कर खरीदते हैं। बाद में इनके एजेंट बढ़ जाते हैं। फिर यह धंधा बड़े पैमाने पर शुरू हो जाता है। खास बात तो यह है कि पूरे जिले में इस तरह के कितने कबाड़ी हैं, यह भी किसी के पास रिकॉर्ड में नहीं है। ये कबाड़ी कम दिनों में लाखों रुपये का धंधा कर रहे हैं।
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कबाड़ की दुकान पर मिला था चोरी का कबाड़
कई मामले ऐसे भी आए हैं। जिनमें कबाड़ी चोरी के माल भी खरीदते हैं। इसका खुलासा 21 फरवरी 2021 को पुलिस ने पकड़े दो युवकों से पूछताछ करने के बाद किया था। इतना ही नहीं पांच अगस्त 2022 को निचलौल शहर के चमनगंज पुल के पास सड़क निर्माण के लिए लगे एक प्लांट से दो युवकों ने मशीन के पुर्जे चोरी कर घोड़हवा चौराहे के आगे कबाड़ की एक दुकान पर बेचे थे। इसका निचलौल पुलिस ने खुलासा करते हुए दोनों युवकों को जेल भेज दिया था।
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- मौके से प्लास्टिक और स्टील के कबाड़ बरामद तीन गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत नेपाल के भगवानपुर चौकी स्थित सीमावर्ती गांव जसवल में सूचना के आधार पर नेपाल से तस्करी कर भारत में लाया गया पांच ट्रैक्टर ट्राली को एसएसबी ने पकड़ कर सीज कर दिया है। मौके से प्लास्टिक और स्टील के कबाड़ सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय नौतनवां को सुपुर्द कर दिया गया।
एसएसबी 22वीं वाहिनी के उप कमांडेंट राकेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात करीब आठ बजे सूचना मिली कि पिलर संख्या 516/22 जसवल गांव के रास्ते नेपाल से बड़े पैमाने पर तस्करी का कबाड़ आने वाला है। सूचना के बाद जवानों के साथ उक्त स्थान की घेराबंदी की गई। रात करीब 11 बजे जसवल टोला के निकट नेपाल से ट्रैक्टर ट्राॅली आती दिखाई दी। जैसे ही ट्रैक्टर ट्रॉली भारतीय सीमा में प्रवेश की तो उनके ड्राइवरों को रुकने को कहा गया, जिस पर चालक ट्रैक्टर ट्राली छोड़कर भागने लगे। जवानों ने दौड़ा कर तीन लोगों को पकड़ लिया, लेकिन दो नेपाल की ओर भाग गए। जवानों ने जब ट्रैक्टर की जांच की तो उसमें प्लास्टिक के 1400 किलो और स्टील के 2550 किलो स्क्रैप बरामद हुए। मौके से दो नेपाली ट्रैक्टर और तीन भारतीय नंबर की ट्रैक्टर ट्राॅली को सीज कर मोहरत और जय प्रकाश केवल निवासी नवलपरासी नेपाल व अजय पांडेय निवासी नेवुआ नोरंगिया कुशीनगर को अग्रिम कार्रवाई के लिए कस्टम के सुपुर्द कर दिया।
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कायदे कानून को दरकिनार कर सीमावर्ती क्षेत्र में चल रही कबाड़ का धंधा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज l जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में कबाड़ का धंधा पनप रहा है। नियमों को दरकिनार कर जगह-जगह दुकानें संचालित हो रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों से कबाड़ सरहद पार कर आमदनी करने में तस्कर जुटे हैं। सुरक्षा कर्मी अक्सर कबाड़ बरामद करते रहते हैं। बीते वर्ष से लेकर अब तक कई बार बरामदगी हुई है। कबाड़ की दुकानों पर चोरी का कबाड़ बिकने का खुलासा भी हो चुका है। जनपद महराजगंज की 84 किलोमीटर खुली भारत-नेपाल सीमा का फायदा तस्कर उठाते रहते हैं। सीमा पर कबाड़ लाने के दौरान उनकी गिरफ्तारी भी होती है। 84 किलोमीटर की सीमा में करीब 98 पगडंडियां हैं। नौ सीमा चौकियों के साथ 10 बॉर्डर आउट पोस्ट चौकी स्थापित हैं। इनके जरिए निगहबानी होती।
सूत्रों ने बताया कि पगडंडियों में सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर और झुलनीपुर नदी के रास्ते कबाड़ सीमा पार कर दिया जाता है। नेपाल में सस्ती दर पर कबाड़ मिलने के कारण वहां से लाया जाता है। घर से निकला हुआ कबाड़ जैसे कि लोहा, टीना, एल्युमिनियम, कूलर और पंखे का खराब मोटर खराब टीवी, बड़ी-बड़ी गाड़ियों का मजबूत लोहा, तेल का टीना, कूलर, पंखा, खराब फ्रिज, फर्नीचर, अलमारी, तांबा, इलेक्ट्रॉनिक चीजें खराब लैपटॉप, खराब कंप्यूटर खराब मोबाइल, खराब साइकिल, खराब बाइक, टायर आदि लाए जाते हैं। निचलौल कस्टम अधीक्षक रविंद्र तिवारी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में राजाबारी, नौवाबारी, जमुई से ईंटहिया मार्ग पर बेलवा और करमहिया गांव में चलने वाली कबाड़ की दुकानों के लाइसेंस हैं।
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तस्करों का बड़ा सिंडिकेट है शामिल
भारत और नेपाल के तस्करों का एक बड़ा सिंडिकेट नेपाल के विभिन्न स्थानों पर जर्जर फैक्ट्रियों को खरीद रहा हैं। उन फैक्ट्रियों को तोड़कर लोहे के छोटे-छोटे टुकड़े कर कैरियर के माध्यम से भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाली गांव में पहले कबाड़ को डंप कराते हैं, फिर मौका मिलते ही भारतीय सीमावर्ती गांव में भेज देते हैं। कबाड़ के इस तस्करी के धंधे में भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली कोतवाली क्षेत्र में करीब एक दर्जन से अधिक दुकानें खुली हैं। किसी भी दुकान का लाइसेंस भी नहीं है। बावजूद इसके एसएसबी, पुलिस और कस्टम की साठगांठ से यह दुकानें धड़ल्ले से चल रहीं है। सोनौली कोतवाली के फरेंदा तिवारी, तिलहवा, खनुवा, श्यामकाट, भगवानपुर आदि पगडंडी रास्ते से बड़े पैमाने पर ठेले पर लादकर कबाड़ लाया जा रहा है। इस पगडंडी मार्ग के कुछ दूरी पर ही एसएसबी कैंप भी है, जहां जवान गश्त भी करते हैं।
कब, कहां, कितना बरामद हुआ कबाड़
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28 दिसंबर 2022 को कस्टम और एसएसबी की संयुक्त टीम भारत नेपाल बॉर्डर के लालपुर गांव के पास से चार ट्रॉली कबाड़ बरामद कर चार लोगों को पकड़ा था।
12 नवंबर 2022 को एसएसबी और कस्टम की संयुक्त टीम शीतलापुर के निकट से दो ट्रॉली कबाड़ बरामद करते हुए दो लोगों को पकड़ लिया था। 30 सितंबर 2022 को एसएसबी और कस्टम की संयुक्त टीम झुलनीपुर बॉर्डर से एक ट्रक पर लदे 16 क्विंटल कबाड़ को बरामद करते हुए एक को पकड़ लिया था।
20 सितंबर 2022 को एसडीएम ने इटहिया मार्ग से कंटेनर पर लदे आठ टन कबाड़ बरामद कर एक को पकड़ा था। 14 जुलाई 2022 को एसडीएम और कस्टम ने ठूठीबारी मार्ग से एक कंटेनर पर लदे 10 टन कबाड़ बरामद कर एक को पकड़ा था।
तीन जुलाई 2022 को एसएसबी जवानों ने इटहिया गांव के पास से एक ट्रॉली पर लदे कबाड़ को बरामद करते हुए चालक को पकड़ लिया। सात मार्च 2022 को एसएसबी जवानों ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर दो ट्रॉली कबाड़ बरामद कर एक व्यक्ति को पकड़ लिया।
30 जून 2022 को एक ट्रॉली कबाड़ ठूठीबारी एसएसबी ने बरामद किया था 12 अप्रैल 2023 को ठूठीबारी एसएसबी के जवान राजाबारी गांव समीप एक ट्रॉली कबाड़ के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया था।
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कारोबार के लिए लाइसेंस जरूरी
कस्टम अधीक्षक के अनुसार, कबाड़ व्यवसाय के लिए शासन ने कोई स्पष्ट नियम नहीं बनाए है पर इसके लिए लाइसेंस होना जरूरी है। नियम के मुताबिक कबाड़ के व्यवसाय के लिए लाइसेंस बना होना चाहिए।
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नेपाल में कम कीमत पर मिलता है कबाड़
शहर के एक कारोबारी ने बातचीत में बताया कि नेपाल में प्रति किलो सात से 10 रुपये सस्ता कबाड़ मिलता है। जहां से खरीदारी कर भारत नेपाल बॉर्डर की खुली सीमा से आसानी से पहुंचा दिया जाता है। उसके बाद भारत के कई राज्यों में संचालित कारखानों को अच्छी कीमत में बेच दिया जाता है।
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50 से अधिक हैं कबाड़ कारोबारी
इस धंधे में कोई रोकटोक नहीं होने के कारण शहर से लेकर बॉर्डर तक कहीं भी कोई भी व्यक्ति आकर कबाड़ की दुकान चलाना शुरू कर दे रहा है। शुरू-शुरू में एक-दो एजेंट रखकर कबाड़ इकट्ठा करवा कर खरीदते हैं। बाद में इनके एजेंट बढ़ जाते हैं। फिर यह धंधा बड़े पैमाने पर शुरू हो जाता है। खास बात तो यह है कि पूरे जिले में इस तरह के कितने कबाड़ी हैं, यह भी किसी के पास रिकॉर्ड में नहीं है। ये कबाड़ी कम दिनों में लाखों रुपये का धंधा कर रहे हैं।
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कबाड़ की दुकान पर मिला था चोरी का कबाड़
कई मामले ऐसे भी आए हैं। जिनमें कबाड़ी चोरी के माल भी खरीदते हैं। इसका खुलासा 21 फरवरी 2021 को पुलिस ने पकड़े दो युवकों से पूछताछ करने के बाद किया था। इतना ही नहीं पांच अगस्त 2022 को निचलौल शहर के चमनगंज पुल के पास सड़क निर्माण के लिए लगे एक प्लांट से दो युवकों ने मशीन के पुर्जे चोरी कर घोड़हवा चौराहे के आगे कबाड़ की एक दुकान पर बेचे थे। इसका निचलौल पुलिस ने खुलासा करते हुए दोनों युवकों को जेल भेज दिया था।