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Maharajganj News: जेल में घंटों कसरत कर बंदी रक्षकों को परेशान करता था जार्डन

Sun, 19 Jul 2026 02:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:26 AM IST
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Jordan used to trouble the prison guards by exercising for hours in jail.
महराजगंज। आम तौर पर कारागार के नाम से अपराधी डर जाते हैं लेकिन जार्डन ब्राउन के चेहरे पर ऐसे भाव नहीं दिखे। कारागार में भी उसके चेहरे पर रहस्य भरी मुस्कान थी। कारागार में महज चार दिन के भीतर ही उसने बंदी रक्षकों की नाक में दम कर रखा था। शनिवार को कारागार से सुबह 10 बजे जार्डन को पुलिस को रिमांड पर सौंपकर जिला कारागार प्रशासन ने चैन की सांस ली।
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जिला कारागार में 2011 से संचालित है। यहां खूंखार अपराधियों से लेकर राजनीतिक अपराध करने वालों को निरुद्ध रखा जा चुका है, लेकिन कभी किसी तरह की असुविधा जेल प्रशासन को नहीं हुई। लेकिन 13 जुलाई को निरुद्ध कैदी जार्डन ब्राउन ने बंदी रक्षकों को महज चार दिन में ही परेशान कर दिया।
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जुलाई को स्तंभ संख्या 516(22) के निकट से भारतीय क्षेत्र से नेपाल जाने के प्रयास में जार्डन एसएसबी 22 वीं वाहिनी के हत्थे चढ़ा। इसके पास वीजा व पासपोर्ट न मिलने के कारण सोनौली थाने में आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई। 13 जुलाई की शाम इसे कारागार पहुंचाया गया यहां एकांत बैरक में रखा गया।
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शौचालय में तीन घंटे तक करता था कसरत : पहले दिन तो इसने विशेष गतिविधि नहीं की लेकिन मंगलवार से नियमित पुलअप व योग में घंटों का समय बिताने लगा। बंदी रक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जार्डन सुबह शौचालय जाता तो शौचालय की छत से लगे कुंडे व राड के जरिये कसरत करने लगता। कसरत भी तीन घंटे से अधिक समय तक करता था।
इस दौरान आम कैदी शौचालय का उपयोग ही नहीं कर पाते थे। बंदी रक्षकों ने कड़ाई के जरिये निकालना चाहा तो वह उनपर ही हावी होने लगा। उसे जबरिया चार से पांच बंदी रक्षक मिलकर शौचालय से निकाल पाते थे। इसी तरह शाम के वक्त वह बैरक से मैदान में पहुंच जाता और घंटों योग के विभिन्न आसान करता रहता।
बैरक में लौटने का समय पूरा होने पर भी आसन करता रहता था। पांच से छह बंदी रक्षक उसे रात के समय बैरक में जबरिया पहुंचाते थे। शुक्रवार न्यायालय से उसे कारागार लाया गया था। इसको रिमांड पर ले जाने के लिए शनिवार 10 बजे जब पुलिस पहुंची थी।
महराजगंज जिला प्रशासन की नाक में दम करने वाले अमेरिकी नागरिक जार्डन के अलावा भी जेल में 5 और विदेशी कैदी हैं, लेकिन जेल प्रशासन को कभी कोई समस्या नहीं होने पाई, लेकिन जार्डन ने महज कुछ ही दिनों में इतना उत्पात मचाया कि बंदी रक्षक निगरानी में परेशान रहते थे।

वर्जन
जिला कारागार में दुर्दांत अपराधियों के अलावा स्पेन, फ्रांस, यमन, जार्डेन, उज्बेकिस्तान, नाइजीरिया, स्वीटजरलैंड, इजराइल आदि देशों के विदेशी निरुद्ध रह चुके हैं। एक तो अमेरिकी ही है लेकिन जार्डन पहला कैदी है जिसने बंदी रक्षकों को परेशान कर दिया। 12 जुलाई से 17 जुलाई तक उसे निरुद्ध रखा गया, लेकिन हर दिन उसकी शिकायत मिलती। उस पर काबू पाने में पांच-पांच बंदी रक्षकों को लगाना पड़ रहा था।

- बीके गौतम, अधीक्षक जिला कारागार, महराजगंज
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