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Maharajganj News: बॉर्डर पर लगा जाम...ट्रकों में माल का बढ़ता जा रहा दाम
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सोनौली सीमा पर लगा मालवाहक ट्रको का जाम।
बॉर्डर पर कई दिनों से लगा है जाम, दो घंटे अधिक समय तक खोली गई सीमा
दस किलोमीटर तक लगे जाम में फंसे हैं 1500 मालवाहक वाहन
सोनौली। नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर बीते एक सप्ताह से भारतीय सीमा में जाम लगा है। जाम लगने से ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। दूर-दराज से सामान लेकर पहुंचे चालकों को रोजाना 1500 रुपये देना पड़ रहा है। इससे व्यापारियों के सामानों की लागत बढ़ गई है। ऐसे में यह सामान जब नेपाल पहुंचेगा तो इसके दाम बढ़ जाएंगे। जाम में फंसे ट्रकों में चावल, मिर्च पाउडर, धान समेत दैनिक जरूरत के अन्य सामान शामिल हैं।
होली पर्व और नेपाल में चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा दो से पांच मार्च तक सील रहेगी। इसको लेकर नेपाल के कारोबारियों ने भारत से आयातित होने वाले सामानों को ज्यादा मंगवा लिया है। यह सामान लाने वाले वाहनों की संख्या अचानक इतनी अधिक हो गई है कि बॉर्डर पर दस किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। बुधवार की रात सोनौली भारतीय सीमा में मालवाहक वाहनों की जाम की समस्या को देखते हुए भारत और नेपाल के अधिकारियों की बैठक के बाद रात्रि 10 बजे से दो घंटा बढ़ाकर 12 बजे तक सीमा को खोलने की सहमति बनी। सोनौली बार्डर से 10 किमी लंबे जाम में करीब 1500 ट्रक फंसे हैं। दिल्ली, कोलकाता, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, कानपुर, सहित दर्जनों राज्यों से आकर गड़िया फंसी हैं।
जाम में फंसे ज्यादातर ट्रकों में दैनिक सामानों को लोड किए गए हैं। इनमें चावल, मिर्च पाउडर, धान समेत अन्य सामान हैं। लेकिन गाड़िया जाम में फंसी होने के कारण नहीं जा सकी हैं। मंगलवार को 339 गाड़ी नेपाल गई थीं। बुधवार की रात 12 बजे तक 440 गाड़ियां प्रवेश कर चुकी हैं। बृहस्पतिवार को शाम 4 बजे तक सिर्फ 172 गाड़ियां ही जा सकी थीं।
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जाम कम होने का नहीं ले रहा नाम
सोनौली सीमा पर एक सप्ताह से सड़कों पर मॉलवाहक वाहनों की जाम की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रहा है। व्यापारी हो या ट्रांसपोर्टर इस जाम की समस्या से आजिज हो चुके हैं। रोजाना सोनौली गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रकों में इजाफा हो रहा है। एक लेन में वाहनों के खड़े होने से आम लोगों को आने-जाने में कठिनाइयां तो हो ही रही हैं, स्थानीय प्रशासन की भी चिंताएं बढ़ गई हैं। मामले में स्थानीय प्रशासन ने नेपाल प्रशासन से संपर्क कर स्थिति सामान्य बनाने में लगा हुआ है।
भंसार विभाग पर देरी करने का आरोप
सोनौली सीमा पर लगने वाली वाहनों की कतार का मामला अब नेपाल के उद्योगपतियों ने उद्योग वाणिज्य संघ तक पहुंचा दिया है। उनका कहना है कि नेपाल भंसार विभाग ट्रकों को एंट्री देने में देरी कर रही है, जिसके कारण ट्रक को नेपाल प्रवेश में तीन से चार दिन भारतीय सीमा सोनौली में ही लग जा रहे हैं। भारतीय वाहनों को प्रवेश नहीं मिलने से यह समस्या हुई है। भारत-नेपाल के सोनौली सीमा पर वाहनों की कतार लगने का सिलसिला जस का तस है।
बढ़ रहा है खर्च
ट्रांसपोर्ट व्यवसायी शिवम पांडेय ने बताया कि सब कुछ़ सामान्य है। फिर भी वाहनों की कतार कम नहीं हो रही है। ट्रक चालकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। भंसार में प्रवेश की प्रकिया धीमी है। पर्व और त्योहार के समय जाम लगना स्वभाविक है। नेपाल प्रशासन को इस पर समय रहते निर्णय लेना चाहिए। संख्या बढ़ने से भंसार परिसर से बाहर निकलने वाली गाड़िया भी प्रभावित हो रही हैं। बताया कि गाड़ियां रुकने से खर्च बढ़ रहा है। वाहनों को नेपाल प्रवेश में तीन से चार दिन से भी ज्यादा समय लग जा रहे है। अगर यही हाल रहा तो भारतीय सरहद से सटे नेपाली सीमा की तरफ बने फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ सकता है।
नेपाल जाने के लिए सरहद पर फंसे 24 शहरों के ट्रक
सोनौली बॉर्डर पर नेपाल जाने वाले भारत के 24 शहरों का करीब 1500 मालवाहक ट्रक फंस गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा गाड़िया बंगाल, मेरठ, उत्तराखंड, दिल्ली, गुड़गांव यूपी से आई हुई हैं। ट्रक चालक मलखान यादव निवासी गोरखपुर ने बताया कि हम लोगों के कंपनी के करीब 100 से अधिक ट्रक कोयला लोहा लेकर बॉर्डर पर चलते है। गाड़ियां तीन दिनों से फंसी हैं कुछ गड़िया नेपाल में प्रवेश कर गई हैं कुछ रास्ते में हैं। इसी तरह गोवा, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुड़गांव, दिल्ली, नोयडा, अमृतसर, चंडीगढ़, पंजाब, कोटा, जयपुर,राजस्थान, मेवाड़, बीकानेर, अलवर, अजमेर, भिवंडी, जालोर, धानगढ़, सूरज, अहमदाबाद, बड़ोदरा, राजकोट, मोरबी, जामनगर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सतना, ग्वालियर, गाजियाबाद, साहिबाबाद, आगरा, कानपुर, लखनऊ, बस्ती, गोरखपुर, बनारस, अंबेडकर नगर, आसनसोल, पश्चिम बंगाल, बर्दमान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पुणे, कुर्ला, रांची सहित अन्य शहरों के ट्रक सरहद पर फंसे हैं।
आने-जाने में हो रही परेशानी
सोनौली सीमा शून्य से लेकर आठ किलोमीटर सड़क की एक लेन पूरी तरह जाम है, जिसके कारण सोनौली कस्बा सहित, आबादी झेत्र के कुनसेरवा, नौतनवां बाईपास के ग्रामीणों को अपने धर जाने वाहन खड़ा करने में काफी परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार के कारण कठिनाई बढ़ गई है। राजकुमार, दीपक, सागर, जमशेद, सुदर्शन कुमार निवासी सोनौली ने बताया कि हम लोगों के घरों के सामने पिछले एक सप्ताह से ट्रक लगे हुए हैं। घर से निकलने और आने में काफी परेशानी हो रही है। वाहन लेकर जाना काफी मुश्किल है। ट्रक चालक गाड़ियों को सटा कर रखते हैं जिससे बाइक निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
वर्जन
पाउडर लेकर तीन दिन से सोनौली सीमा पर खड़ा हूं। ट्रांसपोर्टर के बताए पते पर बिल्टी जमा कर दिया है। नेपाल जाकर खाली करना है। लाइन बढ़ ही नहीं रही है।
-धमेंद्र जाट, ट्रक चालक, राजस्थान
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तीन दिन से लाइन में खड़े हैं। लोड के कारण ट्रक के पहिए खराब हो रहे हैं। मिर्च पाउडर लोड हैं। नेपाल एजेंट का कहना है कि लाइन में बढ़ते रहिए आज नेपाल में प्रवेश हो जाएगा।
-अरविंद सिंह, चालक, आंध प्रदेश
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चावल लोड है। भैरहवा खाली करना है। गाड़ी पास हो गई है। आज ही आए हैं दो से तीन दिन भंसार पहुंचने में लग जाएगा।
-विजय यादव, चालक, संतकबीरनगर
वर्जन
जाम को कम करने के लिए बुधवार को दो घंटे अतिरिक्त वाहनों को नेपाल भेजा गया था। नेपाल के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
-महेंद्र कुमार मिश्रा, कोतवाल
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दस किलोमीटर तक लगे जाम में फंसे हैं 1500 मालवाहक वाहन
सोनौली। नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर बीते एक सप्ताह से भारतीय सीमा में जाम लगा है। जाम लगने से ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। दूर-दराज से सामान लेकर पहुंचे चालकों को रोजाना 1500 रुपये देना पड़ रहा है। इससे व्यापारियों के सामानों की लागत बढ़ गई है। ऐसे में यह सामान जब नेपाल पहुंचेगा तो इसके दाम बढ़ जाएंगे। जाम में फंसे ट्रकों में चावल, मिर्च पाउडर, धान समेत दैनिक जरूरत के अन्य सामान शामिल हैं।
होली पर्व और नेपाल में चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा दो से पांच मार्च तक सील रहेगी। इसको लेकर नेपाल के कारोबारियों ने भारत से आयातित होने वाले सामानों को ज्यादा मंगवा लिया है। यह सामान लाने वाले वाहनों की संख्या अचानक इतनी अधिक हो गई है कि बॉर्डर पर दस किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। बुधवार की रात सोनौली भारतीय सीमा में मालवाहक वाहनों की जाम की समस्या को देखते हुए भारत और नेपाल के अधिकारियों की बैठक के बाद रात्रि 10 बजे से दो घंटा बढ़ाकर 12 बजे तक सीमा को खोलने की सहमति बनी। सोनौली बार्डर से 10 किमी लंबे जाम में करीब 1500 ट्रक फंसे हैं। दिल्ली, कोलकाता, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, कानपुर, सहित दर्जनों राज्यों से आकर गड़िया फंसी हैं।
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जाम में फंसे ज्यादातर ट्रकों में दैनिक सामानों को लोड किए गए हैं। इनमें चावल, मिर्च पाउडर, धान समेत अन्य सामान हैं। लेकिन गाड़िया जाम में फंसी होने के कारण नहीं जा सकी हैं। मंगलवार को 339 गाड़ी नेपाल गई थीं। बुधवार की रात 12 बजे तक 440 गाड़ियां प्रवेश कर चुकी हैं। बृहस्पतिवार को शाम 4 बजे तक सिर्फ 172 गाड़ियां ही जा सकी थीं।
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जाम कम होने का नहीं ले रहा नाम
सोनौली सीमा पर एक सप्ताह से सड़कों पर मॉलवाहक वाहनों की जाम की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रहा है। व्यापारी हो या ट्रांसपोर्टर इस जाम की समस्या से आजिज हो चुके हैं। रोजाना सोनौली गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रकों में इजाफा हो रहा है। एक लेन में वाहनों के खड़े होने से आम लोगों को आने-जाने में कठिनाइयां तो हो ही रही हैं, स्थानीय प्रशासन की भी चिंताएं बढ़ गई हैं। मामले में स्थानीय प्रशासन ने नेपाल प्रशासन से संपर्क कर स्थिति सामान्य बनाने में लगा हुआ है।
भंसार विभाग पर देरी करने का आरोप
सोनौली सीमा पर लगने वाली वाहनों की कतार का मामला अब नेपाल के उद्योगपतियों ने उद्योग वाणिज्य संघ तक पहुंचा दिया है। उनका कहना है कि नेपाल भंसार विभाग ट्रकों को एंट्री देने में देरी कर रही है, जिसके कारण ट्रक को नेपाल प्रवेश में तीन से चार दिन भारतीय सीमा सोनौली में ही लग जा रहे हैं। भारतीय वाहनों को प्रवेश नहीं मिलने से यह समस्या हुई है। भारत-नेपाल के सोनौली सीमा पर वाहनों की कतार लगने का सिलसिला जस का तस है।
बढ़ रहा है खर्च
ट्रांसपोर्ट व्यवसायी शिवम पांडेय ने बताया कि सब कुछ़ सामान्य है। फिर भी वाहनों की कतार कम नहीं हो रही है। ट्रक चालकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। भंसार में प्रवेश की प्रकिया धीमी है। पर्व और त्योहार के समय जाम लगना स्वभाविक है। नेपाल प्रशासन को इस पर समय रहते निर्णय लेना चाहिए। संख्या बढ़ने से भंसार परिसर से बाहर निकलने वाली गाड़िया भी प्रभावित हो रही हैं। बताया कि गाड़ियां रुकने से खर्च बढ़ रहा है। वाहनों को नेपाल प्रवेश में तीन से चार दिन से भी ज्यादा समय लग जा रहे है। अगर यही हाल रहा तो भारतीय सरहद से सटे नेपाली सीमा की तरफ बने फैक्ट्रियों को बंद करना पड़ सकता है।
नेपाल जाने के लिए सरहद पर फंसे 24 शहरों के ट्रक
सोनौली बॉर्डर पर नेपाल जाने वाले भारत के 24 शहरों का करीब 1500 मालवाहक ट्रक फंस गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा गाड़िया बंगाल, मेरठ, उत्तराखंड, दिल्ली, गुड़गांव यूपी से आई हुई हैं। ट्रक चालक मलखान यादव निवासी गोरखपुर ने बताया कि हम लोगों के कंपनी के करीब 100 से अधिक ट्रक कोयला लोहा लेकर बॉर्डर पर चलते है। गाड़ियां तीन दिनों से फंसी हैं कुछ गड़िया नेपाल में प्रवेश कर गई हैं कुछ रास्ते में हैं। इसी तरह गोवा, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुड़गांव, दिल्ली, नोयडा, अमृतसर, चंडीगढ़, पंजाब, कोटा, जयपुर,राजस्थान, मेवाड़, बीकानेर, अलवर, अजमेर, भिवंडी, जालोर, धानगढ़, सूरज, अहमदाबाद, बड़ोदरा, राजकोट, मोरबी, जामनगर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सतना, ग्वालियर, गाजियाबाद, साहिबाबाद, आगरा, कानपुर, लखनऊ, बस्ती, गोरखपुर, बनारस, अंबेडकर नगर, आसनसोल, पश्चिम बंगाल, बर्दमान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पुणे, कुर्ला, रांची सहित अन्य शहरों के ट्रक सरहद पर फंसे हैं।
आने-जाने में हो रही परेशानी
सोनौली सीमा शून्य से लेकर आठ किलोमीटर सड़क की एक लेन पूरी तरह जाम है, जिसके कारण सोनौली कस्बा सहित, आबादी झेत्र के कुनसेरवा, नौतनवां बाईपास के ग्रामीणों को अपने धर जाने वाहन खड़ा करने में काफी परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार के कारण कठिनाई बढ़ गई है। राजकुमार, दीपक, सागर, जमशेद, सुदर्शन कुमार निवासी सोनौली ने बताया कि हम लोगों के घरों के सामने पिछले एक सप्ताह से ट्रक लगे हुए हैं। घर से निकलने और आने में काफी परेशानी हो रही है। वाहन लेकर जाना काफी मुश्किल है। ट्रक चालक गाड़ियों को सटा कर रखते हैं जिससे बाइक निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
वर्जन
पाउडर लेकर तीन दिन से सोनौली सीमा पर खड़ा हूं। ट्रांसपोर्टर के बताए पते पर बिल्टी जमा कर दिया है। नेपाल जाकर खाली करना है। लाइन बढ़ ही नहीं रही है।
-धमेंद्र जाट, ट्रक चालक, राजस्थान
तीन दिन से लाइन में खड़े हैं। लोड के कारण ट्रक के पहिए खराब हो रहे हैं। मिर्च पाउडर लोड हैं। नेपाल एजेंट का कहना है कि लाइन में बढ़ते रहिए आज नेपाल में प्रवेश हो जाएगा।
-अरविंद सिंह, चालक, आंध प्रदेश
चावल लोड है। भैरहवा खाली करना है। गाड़ी पास हो गई है। आज ही आए हैं दो से तीन दिन भंसार पहुंचने में लग जाएगा।
-विजय यादव, चालक, संतकबीरनगर
वर्जन
जाम को कम करने के लिए बुधवार को दो घंटे अतिरिक्त वाहनों को नेपाल भेजा गया था। नेपाल के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
-महेंद्र कुमार मिश्रा, कोतवाल