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रकम नहीं मिली तो जगह-जगह सड़क जाम
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 01 Dec 2016 12:27 AM IST
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महराजगंज-चौक मार्ग पर ग्राहकों ने लगाया जाम, की नारेबाजी।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। लाइन लगाने के बाद भी रकम नहीं मिलने से लोगों का गुस्सा फूटने लगा है। बुधवार को दरहटा (लालपुर) एसबीआई मैनेजर के रवैए से परेशान लोगों ने चौक-महराजगंज मार्ग को जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान महिलाओं ने बैंक कर्मचारियों को काफी खरी खोटी सुनाई।
आरोप लगाया कि भारत सरकार की गाइड लाइन का उल्लंघन कर कुछ लोगों को 10-20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। बेबस किसानों को 2 हजार भी नहीं मिल पा रहे हैं। लोग सुबह छह बजे से ही लाइन लगाकर बैंक खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बैंक खुलते ही मैनेजर कैश नहीं होने की बात कह कर वापस कर दे रहे हैं। हालांकि इसके बाद कुछ लोगों को रकम दी जा रही है।
मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि जब तक बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, जाम नहीं हटेगा। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य खुर्शीद अंसारी, समाज सेवी दिवेंन्दु तिवारी, अंकित पांडेय, अमर नाथ तिवारी, पप्पू जायसवाल, राज किशोर जायसवाल, अनिल मद्धेशिया, दिनेश शर्मा, गुड्डू विश्वकर्मा, रामजतन साहनी, तबारक अली आदि मौजूद रहे। बैंक मैनेजर आरसी लाल ने कहा कि सारे आरोप बेबुनियाद हैं। बैंक कर्मचारी चाह कर भी मदद नहीं कर सकते क्योंकि बैंक में जरूरत भर की रकम नहीं आ रही है।
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उधर, एसबीआई और ग्राहक सेवा केंद्र से दो दिनों से निकासी नहीं होने से आक्रोशित खाताधारकों ने धानी-उसका हाईवे पर पौने बजे जाम लगा दिया। सड़क जाम की सूचना पर प्रभारी थानाध्यक्ष बृजमनगंज और चौकी इंचार्ज धानी पुलिस वालों के साथ पहुंच गए। बैंक मैनेजर धानी लाल पांडेय को मौके पर बुलाकर ग्रामीणों से वार्ता कराई। उसके बाद प्रशासन ने 3:30 बजे जाम हटवाया। ग्रामीणों खासकर महिलाओं का आरोप था कि वे दो दिनों से लगातार ग्राहक सेवा केंद्र कानापार और स्टेट बैंक धानी का चक्कर लगा रही हैं।
पिछले दो दिनों से कैश के लिए जूझ रहे लोग बुधवार को एसबीआई श्यामदेउरवां के मुख्य गेट पर कैश नहीं का नोटिस देख उग्र हो गए और गोरखपुर महराजगंज मार्ग जाम कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि बैंक कर्मचारी मनमाने तरीके से चुनिंदा लोगों को कैश दे रहे हैं। जबकि सुबह से शाम तक लाइन में खड़े लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। नाराज महिलाएं घंटों सड़क पर बैठी रहीं।
थानाध्यक्ष श्यामदेउरवां रमाकर यादव के समझाने के बाद महिलाओं ने जाम खत्म किया। इस दौरान गायत्री, रुक्मिणी, धर्मावती, ज्ञानती, फूलमती, सिबरता, सरसती, कुंजावती, रंगिता, बिंदू, सावित्री, इसरावती, अलिमून, माया देवी, मीरा देवी, कुसुम कुमारी, शोभा देवी, मैना देवी, उर्मिला, प्रभावती, मुन्नी, आदि महिलाओं ने कैश उपलब्ध कराने की मांग की।
उधर, हरपुर तिवारी में कैश नहीं मिलने से नाराज लोगों ने बैंक और पीएम के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ लोगों ने पीएम का पोस्टर जलाना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। बैंक में बैठी फूलमती ने बताया कि तीन दिन बाद उनकी लड़की की विदाई है। पैसे न होने से अभी तक कोई तैयारी नहीं हो पाई है।
ज्ञानती तथा सरस्वती ने कहा कि बैंक से कैश मिलने की उम्मीद से ही दो महीने पहले ब्याज पर पैसे लिए हैं लेकिन कैश नहीं होने से हमें ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा है। कुंजावती, रंगिता, उर्मिला तथा प्रभावती ने बताया कि अभी तक गेहूं की बुआई नही हो सकी है। खाद-बीज विक्रेता उधार देने से इन्कार कर दिए हैं। मुन्नी खातून ने कहा कि उनका प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। पैसे के अभाव में दवा नहीं ले पा रही हूं।
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आरोप लगाया कि भारत सरकार की गाइड लाइन का उल्लंघन कर कुछ लोगों को 10-20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। बेबस किसानों को 2 हजार भी नहीं मिल पा रहे हैं। लोग सुबह छह बजे से ही लाइन लगाकर बैंक खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बैंक खुलते ही मैनेजर कैश नहीं होने की बात कह कर वापस कर दे रहे हैं। हालांकि इसके बाद कुछ लोगों को रकम दी जा रही है।
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मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि जब तक बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, जाम नहीं हटेगा। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य खुर्शीद अंसारी, समाज सेवी दिवेंन्दु तिवारी, अंकित पांडेय, अमर नाथ तिवारी, पप्पू जायसवाल, राज किशोर जायसवाल, अनिल मद्धेशिया, दिनेश शर्मा, गुड्डू विश्वकर्मा, रामजतन साहनी, तबारक अली आदि मौजूद रहे। बैंक मैनेजर आरसी लाल ने कहा कि सारे आरोप बेबुनियाद हैं। बैंक कर्मचारी चाह कर भी मदद नहीं कर सकते क्योंकि बैंक में जरूरत भर की रकम नहीं आ रही है।
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उधर, एसबीआई और ग्राहक सेवा केंद्र से दो दिनों से निकासी नहीं होने से आक्रोशित खाताधारकों ने धानी-उसका हाईवे पर पौने बजे जाम लगा दिया। सड़क जाम की सूचना पर प्रभारी थानाध्यक्ष बृजमनगंज और चौकी इंचार्ज धानी पुलिस वालों के साथ पहुंच गए। बैंक मैनेजर धानी लाल पांडेय को मौके पर बुलाकर ग्रामीणों से वार्ता कराई। उसके बाद प्रशासन ने 3:30 बजे जाम हटवाया। ग्रामीणों खासकर महिलाओं का आरोप था कि वे दो दिनों से लगातार ग्राहक सेवा केंद्र कानापार और स्टेट बैंक धानी का चक्कर लगा रही हैं।
पिछले दो दिनों से कैश के लिए जूझ रहे लोग बुधवार को एसबीआई श्यामदेउरवां के मुख्य गेट पर कैश नहीं का नोटिस देख उग्र हो गए और गोरखपुर महराजगंज मार्ग जाम कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि बैंक कर्मचारी मनमाने तरीके से चुनिंदा लोगों को कैश दे रहे हैं। जबकि सुबह से शाम तक लाइन में खड़े लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। नाराज महिलाएं घंटों सड़क पर बैठी रहीं।
थानाध्यक्ष श्यामदेउरवां रमाकर यादव के समझाने के बाद महिलाओं ने जाम खत्म किया। इस दौरान गायत्री, रुक्मिणी, धर्मावती, ज्ञानती, फूलमती, सिबरता, सरसती, कुंजावती, रंगिता, बिंदू, सावित्री, इसरावती, अलिमून, माया देवी, मीरा देवी, कुसुम कुमारी, शोभा देवी, मैना देवी, उर्मिला, प्रभावती, मुन्नी, आदि महिलाओं ने कैश उपलब्ध कराने की मांग की।
उधर, हरपुर तिवारी में कैश नहीं मिलने से नाराज लोगों ने बैंक और पीएम के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ लोगों ने पीएम का पोस्टर जलाना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। बैंक में बैठी फूलमती ने बताया कि तीन दिन बाद उनकी लड़की की विदाई है। पैसे न होने से अभी तक कोई तैयारी नहीं हो पाई है।
ज्ञानती तथा सरस्वती ने कहा कि बैंक से कैश मिलने की उम्मीद से ही दो महीने पहले ब्याज पर पैसे लिए हैं लेकिन कैश नहीं होने से हमें ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा है। कुंजावती, रंगिता, उर्मिला तथा प्रभावती ने बताया कि अभी तक गेहूं की बुआई नही हो सकी है। खाद-बीज विक्रेता उधार देने से इन्कार कर दिए हैं। मुन्नी खातून ने कहा कि उनका प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। पैसे के अभाव में दवा नहीं ले पा रही हूं।