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Maharajganj News: सचिव से रिकवरी नहीं कर पा रहा विभाग खाद से वंचित हैं 20 हजार किसान
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महराजगंज। एक ओर सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए सुविधाएं बढ़ा रही है, वहीं जनपद के एक ब्लॉक में हकीकत इससे उलट है। यहां के किसान पिछले दो वर्षों से सोसाइटी से मिलने वाली खाद से वंचित हैं। विभाग बकाएदार सचिव से रिकवरी नहीं कर पा रहा और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। फिलहाल वहां नई नियुक्ति कर दी गई है।
मामला धानी विकास खंड के साधन सहकारी समिति बेलसड़ (बी-पैक्स) का है। यहां के सचिव लोरिक यादव पर खाद बिक्री का लाखों रुपये बकाया है। आरोप है कि सचिव ने खाद बेचकर पैसा विभाग में जमा नहीं किया। दो साल बीत जाने के बाद भी विभाग उनसे रिकवरी नहीं करा सका है। हैरानी की बात यह है कि रिकवरी कराने के बजाय विभाग ने ही समिति पर खाद भेजना बंद कर दिया है। इस वजह से बेलसड़ समिति से जुड़े आठ गांवों के लगभग 20 हजार किसान सरकारी दर पर मिलने वाली खाद से वंचित हैं।
किसानों को मजबूरन बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनकी खेती की लागत बढ़ गई है।
वर्तमान में रबी सीजन शुरू होने वाला है किसान गेहूं की कटाई में जुटेंगे, लेकिन खाद उपलब्धता एक बार फिर उन्हें परेशानी में डालेगी। समिति के सभापति ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में विभाग को कई बार पत्र लिखा और अधिकारियों से मिलकर समस्या से अवगत कराया लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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मामला धानी विकास खंड के साधन सहकारी समिति बेलसड़ (बी-पैक्स) का है। यहां के सचिव लोरिक यादव पर खाद बिक्री का लाखों रुपये बकाया है। आरोप है कि सचिव ने खाद बेचकर पैसा विभाग में जमा नहीं किया। दो साल बीत जाने के बाद भी विभाग उनसे रिकवरी नहीं करा सका है। हैरानी की बात यह है कि रिकवरी कराने के बजाय विभाग ने ही समिति पर खाद भेजना बंद कर दिया है। इस वजह से बेलसड़ समिति से जुड़े आठ गांवों के लगभग 20 हजार किसान सरकारी दर पर मिलने वाली खाद से वंचित हैं।
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किसानों को मजबूरन बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनकी खेती की लागत बढ़ गई है।
वर्तमान में रबी सीजन शुरू होने वाला है किसान गेहूं की कटाई में जुटेंगे, लेकिन खाद उपलब्धता एक बार फिर उन्हें परेशानी में डालेगी। समिति के सभापति ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में विभाग को कई बार पत्र लिखा और अधिकारियों से मिलकर समस्या से अवगत कराया लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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