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Maharajganj News: 10 रुपये के स्टांप के बदले अधिक मूल्य वसूलने के आरोप की जांच शुरू
Sun, 23 Mar 2025 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 23 Mar 2025 01:02 AM IST
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महराजगंज। सदर उप निबंधक कार्यालय में स्टांप विक्रेता की ओर से 10 रुपये के स्टांप के बदले अधिक मूल्य वसूलने का मामला प्रकाश में आया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए आईजी स्टांप, आलोक शुक्ला और एसडीएम सदर रमेश कुमार ने उप निबंधक कार्यालय का निरीक्षण किया। एक घंटे तक चली पूछताछ में उप निबंधक कमलेश चंद वर्मा और स्टांप विक्रेता से विस्तृत जानकारी ली गई, लेकिन शिकायकर्ता का बयान नहीं हुआ है।
जानकारी के अनुसार, जब एक शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र भेजकर अवगत कराया कि सदर स्थित उप निबंधक कार्यालय में स्टांप विक्रेता 10 रुपये के स्टांप के लिए तय दर से अधिक राशि वसूल रहा है। शिकायतकर्ता और स्टांप विक्रेता के बीच इसे लेकर बहस भी हुई थी। शनिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर आईजी स्टांप आलोक शुक्ला और एसडीएम सदर रमेश कुमार मौके पर पहुंचे और कार्यालय का जांच किया। उन्होंने उप निबंधक कमलेश चंद वर्मा और स्टांप विक्रेता से पूछताछ की और इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
आईजी स्टांप आलोक शुक्ला ने बताया कि शिकायत के आधार पर हमने एसडीएम सदर के साथ मिलकर जांच की है। यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्टांप विक्रेता से पूछताछ हुई है। यदि दोष सिद्ध होता है,तो दोषी स्टांप विक्रेता का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
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जानकारी के अनुसार, जब एक शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र भेजकर अवगत कराया कि सदर स्थित उप निबंधक कार्यालय में स्टांप विक्रेता 10 रुपये के स्टांप के लिए तय दर से अधिक राशि वसूल रहा है। शिकायतकर्ता और स्टांप विक्रेता के बीच इसे लेकर बहस भी हुई थी। शनिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर आईजी स्टांप आलोक शुक्ला और एसडीएम सदर रमेश कुमार मौके पर पहुंचे और कार्यालय का जांच किया। उन्होंने उप निबंधक कमलेश चंद वर्मा और स्टांप विक्रेता से पूछताछ की और इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
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आईजी स्टांप आलोक शुक्ला ने बताया कि शिकायत के आधार पर हमने एसडीएम सदर के साथ मिलकर जांच की है। यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्टांप विक्रेता से पूछताछ हुई है। यदि दोष सिद्ध होता है,तो दोषी स्टांप विक्रेता का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
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