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Maharajganj News: उपभोग प्रमाण पत्र दिए बगैर प्राप्त की किस्त, 26 स्कूलों को नोटिस
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महराजगंज। प्रोजेक्ट अलंकार के जरिये राजकीय माध्यमिक, एडेड व संस्कृत स्कूलों की दशा बदलने का कार्य किया जा रहा है। वित्तीय सत्र में लाभ पाने वाले स्कूलों ने डीआईओएस कार्यालय को भ्रम में रखते हुए प्रोजेक्ट की सभी किस्तें प्राप्त कर लीं।
राज्य स्तरीय समीक्षा में इसकी जानकारी मिलने के बाद डीआईओएस ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ठ अलंकार के तहत चयनित विद्यालयों में बिनियादी ढांचे को मानक के विकसित कराया जाता है।
वित्तीय सत्र 2025-26 में माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से 22 एडेड व 4 माध्यमिक संस्कृत स्कूलों को अब तक चार करोड़ रुपये की किस्त जारी की जा चुकी है। शासन के निर्देश के क्रम में 40-40-20 के अनुपात में स्कूलों का किस्त निर्धारित है।
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प्रत्येक किस्त तभी जारी करने का प्रावधान है जब स्कूल पहली किस्त का उपभोग प्रमाणपत्र निदेशालय प्रेषित कर दे। लेकिन जनपद के कुछ स्कूलों ने बिना उपभोग प्रमाणपत्र भेजे ही अगली किस्त प्राप्त कर ली।
राज्य स्तरीय समीक्षा में जब इस तथ्य को उच्चाधिकारियों ने पाया तो डीआईओएस को पत्र प्रेषित किया। पत्र मिलने के बाद डीआईओएस ने वित्त विभाग को निर्देश दिया है कि जिन विद्यालयों की तरफ से प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया उनके खिलाफ नोटिस जारी करें।
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राज्य स्तरीय समीक्षा में इसकी जानकारी मिलने के बाद डीआईओएस ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ठ अलंकार के तहत चयनित विद्यालयों में बिनियादी ढांचे को मानक के विकसित कराया जाता है।
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वित्तीय सत्र 2025-26 में माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से 22 एडेड व 4 माध्यमिक संस्कृत स्कूलों को अब तक चार करोड़ रुपये की किस्त जारी की जा चुकी है। शासन के निर्देश के क्रम में 40-40-20 के अनुपात में स्कूलों का किस्त निर्धारित है।
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प्रत्येक किस्त तभी जारी करने का प्रावधान है जब स्कूल पहली किस्त का उपभोग प्रमाणपत्र निदेशालय प्रेषित कर दे। लेकिन जनपद के कुछ स्कूलों ने बिना उपभोग प्रमाणपत्र भेजे ही अगली किस्त प्राप्त कर ली।
राज्य स्तरीय समीक्षा में जब इस तथ्य को उच्चाधिकारियों ने पाया तो डीआईओएस को पत्र प्रेषित किया। पत्र मिलने के बाद डीआईओएस ने वित्त विभाग को निर्देश दिया है कि जिन विद्यालयों की तरफ से प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया उनके खिलाफ नोटिस जारी करें।