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Maharajganj News: भारतीयों को पसंद आ रही बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी
Sun, 28 Apr 2024 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 28 Apr 2024 01:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
भैरहवा/सोनौली(महराजगंज)। सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। अधिकतर पर्यटक भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी जाना पसंद किए हैं। हालांकि इन पर्यटकों के जाने से स्थानीय होटल व्यवसाय को लाभ नहीं हुआ है। अधिकतर पर्यटक लुंबिनी में एक ही रात रुके, वह भी बिहारों में।
लुंबिनी विकास निधि के अनुसार, पिछले तीन महीनों में लुंबिनी आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 70 हजार से अधिक है। कोष की सूचना शाखा प्रभारी दिलीप कुलुंग ने बताया कि जनवरी 2024 में 19 हजार 36, फरवरी में 20 हजार 489 और मार्च 30 हजार 670 भारतीय पर्यटकों ने लुंबिनी आना पसंद किए।
होटल कारोबारी चंद्रप्रकाश श्रेष्ठ ने बताया कि बेलहिया सोनौली के रास्ते नेपाल आने वाले ज्यादातर पर्यटक बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी, पोखरा, मुक्तिनाथ, काठमांडो, चितवन, पाल्पा जाते हैं, जबकि युवा भारतीय पर्यटक कसीनो का आनंद लेने के लिए भैरहवा और अन्य शहरों में जाते हैं।
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वहीं, लुंबिनी होटल एसोसिएशन नेपाल के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद ग्यावली बताते हैं कि इतने विदेशी और भारतीय पर्यटक लुंबिनी आए, लेकिन उनका प्रवास एक रात का ही रहा। लुंबिनी क्षेत्र के पर्यटन व्यवसाय को इस तथ्य से कोई लाभ नहीं हुआ। पर्यटक लुंबिनी के भीतर बिहारों में रुके।
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तीन महीने में 42,474 विदेशी लुंबिनी गए
आब्रजन कार्यालय, बेलहिया के सूचना अधिकारी पुकार श्रेष्ठ ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बाद पर्यटकों की संख्या में कमी आई थी, जो धीरे-धीरे बढ़ रही है। फरवरी 2024 में 14,125 विदेशी पर्यटक सोनौली सीमा से नेपाल आए और मार्च में यह संख्या 17,214 हो गई। जनवरी, फरवरी और मार्च के महीनों में सबसे अधिक पर्यटक थाईलैंड से आए। श्रीलंका से 11,668, म्यांमार से 6,915, दक्षिण कोरिया से दो हजार 419, वियतनाम से दो हजार 419 पर्यटक सोनौली सीमा से नेपाल आए। लुंबिनी डेवलपमेंट फंड के अनुसार, 2024 के पहले तीन महीनों में 42,474 विदेशी नागरिकों ने लुंबिनी गए है।
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भैरहवा/सोनौली(महराजगंज)। सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। अधिकतर पर्यटक भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी जाना पसंद किए हैं। हालांकि इन पर्यटकों के जाने से स्थानीय होटल व्यवसाय को लाभ नहीं हुआ है। अधिकतर पर्यटक लुंबिनी में एक ही रात रुके, वह भी बिहारों में।
लुंबिनी विकास निधि के अनुसार, पिछले तीन महीनों में लुंबिनी आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या 70 हजार से अधिक है। कोष की सूचना शाखा प्रभारी दिलीप कुलुंग ने बताया कि जनवरी 2024 में 19 हजार 36, फरवरी में 20 हजार 489 और मार्च 30 हजार 670 भारतीय पर्यटकों ने लुंबिनी आना पसंद किए।
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होटल कारोबारी चंद्रप्रकाश श्रेष्ठ ने बताया कि बेलहिया सोनौली के रास्ते नेपाल आने वाले ज्यादातर पर्यटक बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी, पोखरा, मुक्तिनाथ, काठमांडो, चितवन, पाल्पा जाते हैं, जबकि युवा भारतीय पर्यटक कसीनो का आनंद लेने के लिए भैरहवा और अन्य शहरों में जाते हैं।
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वहीं, लुंबिनी होटल एसोसिएशन नेपाल के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद ग्यावली बताते हैं कि इतने विदेशी और भारतीय पर्यटक लुंबिनी आए, लेकिन उनका प्रवास एक रात का ही रहा। लुंबिनी क्षेत्र के पर्यटन व्यवसाय को इस तथ्य से कोई लाभ नहीं हुआ। पर्यटक लुंबिनी के भीतर बिहारों में रुके।
तीन महीने में 42,474 विदेशी लुंबिनी गए
आब्रजन कार्यालय, बेलहिया के सूचना अधिकारी पुकार श्रेष्ठ ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बाद पर्यटकों की संख्या में कमी आई थी, जो धीरे-धीरे बढ़ रही है। फरवरी 2024 में 14,125 विदेशी पर्यटक सोनौली सीमा से नेपाल आए और मार्च में यह संख्या 17,214 हो गई। जनवरी, फरवरी और मार्च के महीनों में सबसे अधिक पर्यटक थाईलैंड से आए। श्रीलंका से 11,668, म्यांमार से 6,915, दक्षिण कोरिया से दो हजार 419, वियतनाम से दो हजार 419 पर्यटक सोनौली सीमा से नेपाल आए। लुंबिनी डेवलपमेंट फंड के अनुसार, 2024 के पहले तीन महीनों में 42,474 विदेशी नागरिकों ने लुंबिनी गए है।