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Maharajganj News: नहरों के साथ नलकूप भी बेपानी, किसानों की बढ़ी परेशानी
Wed, 31 May 2023 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 31 May 2023 12:41 AM IST
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14,438 हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन की सिंचाई पंपिंग सेट के भरोसे
संवाद न्यूज एजेंसी
घुघली। खेतों की सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं। खेतों में नमी नहीं होने से जुताई नहीं हो रही है। क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं आने से किसान धान का बेहन नहीं डाल पा रहे हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, घुघली क्षेत्र में 16 हजार 18 हेक्टेयर भूमि पर कृषि कार्य होता है। इनमें सिंचित योग्य भूमि 12 हजार 424 हेक्टेयर है। इन कृषि योग्य भूमि पर नहरों के पानी से 1339 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। 14,438 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर पंपिंग सेट से सिंचाई होती है।
क्षेत्र में खेतों की सिंचाई के लिए नहरों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन कई नहरों, चौमुखा माइनर, मेदिनीपुर माइनर व विश्वनाथ पुर माइनर में पानी समय से नहीं आता है। यदि पानी आता है तो टेल तक नहीं पहुंचता है। क्योंकि, इन माइनरों व नहरों की सफाई हेड से टेल तक नहीं हुई है। किसान राम नरेश सिंह, राम ध्यान मल्ल, गोखुल, राम प्यारे सिंह, जनार्दन सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर समस्या का समाधान कराने की मांग की।
किसानों का कहना है कि एक सरकारी ट्यूवबेल टेडवा में लगा है, जिसमें आज तक न तो बोर्ड लगा और न नाली बनी। दूसरा ट्यूवबेल रामपुर बलडीहा में है। वहां पर भी बिजली कनेक्शन नहीं लग पाया है। तीसरा ट्यूवबेल घनी आबादी वाले गांव पकड़ियर बिशनपुर में है। यहां पर दस वर्ष पहले मोटर चोरी हो गया था। उसके बाद से मोटर लगाया गया। चौथा ट्यूवबेल विश्वनाथपुर गांव में लगा है। यहां पर बिजली तो है, लेकिन नाली नहीं है। नहर विभाग के अवर अभियंता रूपेश वर्मा ने बताया कि जो सरकार का निर्देश आता है, वही कराया जाता है। इसमें हम कुछ नहीं कह सकते।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुघली। खेतों की सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं। खेतों में नमी नहीं होने से जुताई नहीं हो रही है। क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं आने से किसान धान का बेहन नहीं डाल पा रहे हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, घुघली क्षेत्र में 16 हजार 18 हेक्टेयर भूमि पर कृषि कार्य होता है। इनमें सिंचित योग्य भूमि 12 हजार 424 हेक्टेयर है। इन कृषि योग्य भूमि पर नहरों के पानी से 1339 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। 14,438 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर पंपिंग सेट से सिंचाई होती है।
क्षेत्र में खेतों की सिंचाई के लिए नहरों का जाल बिछा हुआ है, लेकिन कई नहरों, चौमुखा माइनर, मेदिनीपुर माइनर व विश्वनाथ पुर माइनर में पानी समय से नहीं आता है। यदि पानी आता है तो टेल तक नहीं पहुंचता है। क्योंकि, इन माइनरों व नहरों की सफाई हेड से टेल तक नहीं हुई है। किसान राम नरेश सिंह, राम ध्यान मल्ल, गोखुल, राम प्यारे सिंह, जनार्दन सिंह ने डीएम को पत्र भेजकर समस्या का समाधान कराने की मांग की।
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किसानों का कहना है कि एक सरकारी ट्यूवबेल टेडवा में लगा है, जिसमें आज तक न तो बोर्ड लगा और न नाली बनी। दूसरा ट्यूवबेल रामपुर बलडीहा में है। वहां पर भी बिजली कनेक्शन नहीं लग पाया है। तीसरा ट्यूवबेल घनी आबादी वाले गांव पकड़ियर बिशनपुर में है। यहां पर दस वर्ष पहले मोटर चोरी हो गया था। उसके बाद से मोटर लगाया गया। चौथा ट्यूवबेल विश्वनाथपुर गांव में लगा है। यहां पर बिजली तो है, लेकिन नाली नहीं है। नहर विभाग के अवर अभियंता रूपेश वर्मा ने बताया कि जो सरकार का निर्देश आता है, वही कराया जाता है। इसमें हम कुछ नहीं कह सकते।
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