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Maharajganj News: रमजान के महीने में एक नेकी का 70 गुना हो जाता है पुण्य
Sun, 02 Mar 2025 08:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 02 Mar 2025 08:40 PM IST
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मिठौरा। मुसलमानों के लिए रमजान सबसे पवित्र महीना माना जाता है। जामिया रिजविया नुरुल उलूम महराजगंज मदरसे के मौलाना अमजद के अनुसार, रमजान के महीने में अपनी तमाम बुरी आदतों को छोड़ दें और इस पवित्र महीने का इस्तेमाल नेक (अच्छे) कामों में करें।
रमजान में अपने पड़ोसियों को हमेशा याद रखें और उनका ख्याल रखें। रमजान के महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, अल्लाह को राजी करना चाहिए। क्योंकि इस महीने में कर नेक काम का सवाब बढ़ा दिया जाता है। एक नेकी का सत्तर गुना सबाव (पुण्य) बढ़ा दिया जाता है। रमजान में ज्यादा से ज्यादा कुरान की तिलावत, नमाज की पाबंदी। जकात, सदका (अपने कमाई का हिस्सा निकालना) और अल्लाह का जिक्र करके इबादत करें।
रोजेदारों को इफ्तार कराना बहुत ही पुण्य माना गया है। रमजान महीने के पहले 10 दिन रहमत (दया, कृपा) के होते हैं। रोजा, नमाज पढ़ने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। रमजान के पहले अशरे (हिस्सा) में मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा दानकर गरीबों की मदद करनी चाहिए। हर एक इंसान से प्यार और नम्रता का व्यवहार करना चाहिए। संवाद
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रमजान में अपने पड़ोसियों को हमेशा याद रखें और उनका ख्याल रखें। रमजान के महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, अल्लाह को राजी करना चाहिए। क्योंकि इस महीने में कर नेक काम का सवाब बढ़ा दिया जाता है। एक नेकी का सत्तर गुना सबाव (पुण्य) बढ़ा दिया जाता है। रमजान में ज्यादा से ज्यादा कुरान की तिलावत, नमाज की पाबंदी। जकात, सदका (अपने कमाई का हिस्सा निकालना) और अल्लाह का जिक्र करके इबादत करें।
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रोजेदारों को इफ्तार कराना बहुत ही पुण्य माना गया है। रमजान महीने के पहले 10 दिन रहमत (दया, कृपा) के होते हैं। रोजा, नमाज पढ़ने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है। रमजान के पहले अशरे (हिस्सा) में मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा दानकर गरीबों की मदद करनी चाहिए। हर एक इंसान से प्यार और नम्रता का व्यवहार करना चाहिए। संवाद
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