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Maharajganj News: आयुर्वेद अस्पताल में डाक्टर नहीं, फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज
Mon, 13 Jan 2025 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 13 Jan 2025 01:23 AM IST
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निचलौल। क्षेत्र के बैठवलिया गांव स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में डॉक्टर की कमी है। ऐसे में आयुर्वेद पद्धति से इलाज करने वाले मरीजों को काफी परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
यहां डॉक्टर न रहने के कारण फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज की व्यवस्था संचालित की जा रही है। यहां पर प्रत्येक दिन 30 से 40 लोग इलाज कराने के लिए पहुंचते रहते हैं।
ग्रामीण सुभाष, नरेश, हरिलाल आदि लोगों ने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल बदहाली के दौर से गुजर रहा हैं। यहां पर वर्षों से किसी डॉक्टर की नियमित नियुक्ति नहीं हुई है। इतना ही नहीं दवाओं की आपूर्ति भी समय से नहीं हो पाती है। आयुर्वेदिक अस्पताल का यह हाल तब है, जब इलाज के लिए हर रोज मरीजों की यहां भीड़ रहती है।
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उन्होंने आगे कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में इस अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर की कमी मरीजों की मुश्किलें बढ़ा रहीं हैं।
अस्पताल को बेहतर ढंग से संचालित कराने के प्रति जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। अस्पताल में मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट सर्वजीत ने बताया कि अस्पताल में किसी डॉक्टर की नियमित नियुक्ति नहीं है।
अस्पताल में दोपहर तक 16 मरीज पहुंचे हैं। जिन्हें इलाज कर दवा दी गई है। इसके अलावा एक वार्ड ब्वाय की भी नियुक्ति है। अस्पताल में पहुंचने वाले लोगों को बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी डॉ. हरेंद्र जैसवार ने बताया कि समस्या का समाधान करने के लिए पहल की जाएगी।
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यहां डॉक्टर न रहने के कारण फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज की व्यवस्था संचालित की जा रही है। यहां पर प्रत्येक दिन 30 से 40 लोग इलाज कराने के लिए पहुंचते रहते हैं।
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ग्रामीण सुभाष, नरेश, हरिलाल आदि लोगों ने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल बदहाली के दौर से गुजर रहा हैं। यहां पर वर्षों से किसी डॉक्टर की नियमित नियुक्ति नहीं हुई है। इतना ही नहीं दवाओं की आपूर्ति भी समय से नहीं हो पाती है। आयुर्वेदिक अस्पताल का यह हाल तब है, जब इलाज के लिए हर रोज मरीजों की यहां भीड़ रहती है।
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उन्होंने आगे कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में इस अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर की कमी मरीजों की मुश्किलें बढ़ा रहीं हैं।
अस्पताल को बेहतर ढंग से संचालित कराने के प्रति जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। अस्पताल में मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट सर्वजीत ने बताया कि अस्पताल में किसी डॉक्टर की नियमित नियुक्ति नहीं है।
अस्पताल में दोपहर तक 16 मरीज पहुंचे हैं। जिन्हें इलाज कर दवा दी गई है। इसके अलावा एक वार्ड ब्वाय की भी नियुक्ति है। अस्पताल में पहुंचने वाले लोगों को बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी डॉ. हरेंद्र जैसवार ने बताया कि समस्या का समाधान करने के लिए पहल की जाएगी।