{"_id":"68b758dae0d04e3f3d0fd4c7","slug":"if-there-is-a-lack-of-feedback-from-public-representatives-then-the-beo-is-responsible-maharajganj-news-c-206-1-go11002-158616-2025-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: जनप्रतिनिधियों के फीडबैक में कमी मिली तो बीईओ जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: जनप्रतिनिधियों के फीडबैक में कमी मिली तो बीईओ जिम्मेदार
विज्ञापन
महराजगंज। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मंगलवार शाम बीएसए रिद्धि पांडेय व डीपीओ दुर्गेश की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समस्त बीईओ और सीडीपीओ शामिल हुए। बैठक में आज से शुरू जनप्रतिनिधियों के बाल वाटिका भ्रमण के मद्देनजर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि व्यवस्था में कमी मिली तो बीईओ को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की जाएगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में 109 स्कूल भवन में बाल वाटिका पिछले माह से प्रारंभ है। इन भवनों में पहले बेसिक स्कूलों का संचालन किया जाता था। विभाग के निर्देश पर सभी स्कूलों को डीएम व सीडीओ की उपस्थिति में बाल वाटिका में परिवर्तित किया जा चुका है। सभी वाटिकाओं में छोटे बच्चों को सिखाने के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। चित्रों के जरिए बच्चों को सिखाने और खेल उपकरणों से सीखने की आदत विकसित करने के प्रबंध किए गए हैं। साथ ही डिजिटल शिक्षा इंतजाम भी किए गए हैं।
सभी बीईओ को सचेत किया गया कि आज से 6 सितंबर तक शासन ने सभी जनप्रतिनिधियों को बाल वाटिका व्यवस्था के आकलन का जिम्मा सौंपा है, वह फीडबैक देंगे। सभी खंड शिक्षा अधिकारी सुनिश्चित करें कि किसी भी बाल वाटिका से गलत संदेश न जाए क्योंकि जनपद स्तर से सभी प्रबंध किए जा चुके हैं। अपने विकास क्षेत्र में इनका बेहतर संचालन बीईओ के जिम्मे है। बीएसए ने सभी को स्पष्ट किया किया कि अगर किसी बाल वाटिका की व्यवस्था से गलत संदेश गया तो खंड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में 109 स्कूल भवन में बाल वाटिका पिछले माह से प्रारंभ है। इन भवनों में पहले बेसिक स्कूलों का संचालन किया जाता था। विभाग के निर्देश पर सभी स्कूलों को डीएम व सीडीओ की उपस्थिति में बाल वाटिका में परिवर्तित किया जा चुका है। सभी वाटिकाओं में छोटे बच्चों को सिखाने के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। चित्रों के जरिए बच्चों को सिखाने और खेल उपकरणों से सीखने की आदत विकसित करने के प्रबंध किए गए हैं। साथ ही डिजिटल शिक्षा इंतजाम भी किए गए हैं।
विज्ञापन
सभी बीईओ को सचेत किया गया कि आज से 6 सितंबर तक शासन ने सभी जनप्रतिनिधियों को बाल वाटिका व्यवस्था के आकलन का जिम्मा सौंपा है, वह फीडबैक देंगे। सभी खंड शिक्षा अधिकारी सुनिश्चित करें कि किसी भी बाल वाटिका से गलत संदेश न जाए क्योंकि जनपद स्तर से सभी प्रबंध किए जा चुके हैं। अपने विकास क्षेत्र में इनका बेहतर संचालन बीईओ के जिम्मे है। बीएसए ने सभी को स्पष्ट किया किया कि अगर किसी बाल वाटिका की व्यवस्था से गलत संदेश गया तो खंड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन