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Maharajganj News: 75 प्रतिशत से कम हुई उपस्थिति, तो होगी कार्रवाई
Tue, 07 May 2024 05:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 07 May 2024 05:46 AM IST
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महराजगंज। बीएसए ने परिषदीय स्कूलों में 75 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति तय करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों के लिए आदेश निर्गत किया है। बीईओ को नोडल बनाते हुए छुट्टी के दिन भी नो बैग डे मनाते हुए बच्चों व अभिभावकों को स्कूल बुलाकर जागरूक करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। अभियान के जिम्मेदार खंड शिक्षा अधिकारी होंगे। विभागीय निर्देश का पालन न करने वाले प्रधानाध्यापकों पर वह कार्रवाई भी करेंगे।
जिले में 1705 परिषदीय स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिसमें पिछले सत्र तक 2.35 लाख बच्चे नामांकित थे। इस बार अभी बच्चों के प्रवेश का कार्य चल रहा है। लेकिन विभाग ने पाया कि नामांकित बच्चों के सापेक्ष उपस्थिति कम रहती है। अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन 75 प्रतिशत तक बच्चों की उपस्थिती करने के लिए अब अभियान चलेगा। स्कूल के प्रधानाध्यापक शिक्षकों के साथ छुट्टी के दिन अभिभावक और बच्चों को स्कूल बुलाएंगे जिसे नो बैग डे का नाम दिया गया है। अभिभावक बच्चों को स्कूल क्यों नहीं भेज रहे इसपर वार्ता की जाएगी व हर दिन पाल्य को स्कूल भेजने की शपथ दिलाई जाएगी।
साथ ही रुचिकर तरीके से बच्चों को स्कूल में विषय पढ़ाए जाएंगे और होमवर्क देकर अभिभावक से उसपर दस्तखत कराने के लिए भी कहा जाएगा। इसके पीछे मंशा है कि रुचिकर पढ़ाई के तरीकों से बच्चे खुद स्कूल आएंगे। गृहकार्य पर अभिभावक हस्ताक्षर करेंगे तो उन्हें यह जानकारी मिलेगी कि बच्चों को स्कूल में कितना बेहतर पढ़ाया जा रहा है। सोमवार को इस आशय के निर्देश सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी करते हुए ड्राप आउट बच्चों को स्कूल लाने और उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावक संवाद, प्रधान की उपस्थिती में कैंप लगाने, बेहतर तरीके से पढ़ाने तथा सफाई और इन्फ्रास्ट्रेकचर मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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सभी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम न रहे इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के लिए निर्देश जारी कर दिए गये हैं। निर्देश का अनुपालन जिस स्कूल में नहीं होगा। बीईओ उन पर कार्रवाई भी करेंगे।
-श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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जिले में 1705 परिषदीय स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिसमें पिछले सत्र तक 2.35 लाख बच्चे नामांकित थे। इस बार अभी बच्चों के प्रवेश का कार्य चल रहा है। लेकिन विभाग ने पाया कि नामांकित बच्चों के सापेक्ष उपस्थिति कम रहती है। अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन 75 प्रतिशत तक बच्चों की उपस्थिती करने के लिए अब अभियान चलेगा। स्कूल के प्रधानाध्यापक शिक्षकों के साथ छुट्टी के दिन अभिभावक और बच्चों को स्कूल बुलाएंगे जिसे नो बैग डे का नाम दिया गया है। अभिभावक बच्चों को स्कूल क्यों नहीं भेज रहे इसपर वार्ता की जाएगी व हर दिन पाल्य को स्कूल भेजने की शपथ दिलाई जाएगी।
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साथ ही रुचिकर तरीके से बच्चों को स्कूल में विषय पढ़ाए जाएंगे और होमवर्क देकर अभिभावक से उसपर दस्तखत कराने के लिए भी कहा जाएगा। इसके पीछे मंशा है कि रुचिकर पढ़ाई के तरीकों से बच्चे खुद स्कूल आएंगे। गृहकार्य पर अभिभावक हस्ताक्षर करेंगे तो उन्हें यह जानकारी मिलेगी कि बच्चों को स्कूल में कितना बेहतर पढ़ाया जा रहा है। सोमवार को इस आशय के निर्देश सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जारी करते हुए ड्राप आउट बच्चों को स्कूल लाने और उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावक संवाद, प्रधान की उपस्थिती में कैंप लगाने, बेहतर तरीके से पढ़ाने तथा सफाई और इन्फ्रास्ट्रेकचर मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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सभी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम न रहे इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के लिए निर्देश जारी कर दिए गये हैं। निर्देश का अनुपालन जिस स्कूल में नहीं होगा। बीईओ उन पर कार्रवाई भी करेंगे।
-श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी