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Maharajganj News: उमस बढ़ा रहा अस्थमा का प्रभाव, पहुंचे 23 मरीज
Fri, 11 Jul 2025 06:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 11 Jul 2025 06:16 PM IST
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महराजगंज। मौजूदा समय में नमी और उमस भरी गर्मी सांस के रोगियों की मुश्किल बढ़ा रही है। हवा में धूल व प्रदूषक श्वसन नली में संक्रमण पैदा कर रहे हैं। शुक्रवार को ओपीडी में अस्थमा के पुराने रोगियों के साथ श्वसन नली का संक्रमण लेकर 23 मरीज पहुंचे, जिन्हें चिकित्सकों ने जांच के बाद दवा दी।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 735 मरीजों का उपचार हुआ। सांस की समस्या से प्रभावित मरीज पहुंचे। जिन्हें सांस फूलने की समस्या थोड़ी दूर चलने से भी हो रही है। डाॅ. पवन कुमार ने बताया कि मानसून के दस्तक देने के चलते नमी और उमस से श्वसन नली में संक्रमण से सूजन आ जाती है।
इसके कारण सांस खींचने में असुविधा या थोड़ी दूर चलने पर सांस फूलने की समस्या होती है। इसके अलावा अस्थमा के पुराने रोगियों को भी समस्या होती है। क्योंकि इस समय चलने वाली हवा में नमी, धूल कण और प्रदूषक कण शामिल होते हैं जो श्वसन नली का संक्रमण बढ़ाते हैं।
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सांस के मरीजों को उन्होंने नियमित व्यायाम करने व मास्क लगाकर बाहर निकलने की हिदायत के साथ दवाओं का परामर्श दिया। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले अधिकतर रोगियों को संक्रमण से परेशानी है। इस मौसम में संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 735 मरीजों का उपचार हुआ। सांस की समस्या से प्रभावित मरीज पहुंचे। जिन्हें सांस फूलने की समस्या थोड़ी दूर चलने से भी हो रही है। डाॅ. पवन कुमार ने बताया कि मानसून के दस्तक देने के चलते नमी और उमस से श्वसन नली में संक्रमण से सूजन आ जाती है।
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इसके कारण सांस खींचने में असुविधा या थोड़ी दूर चलने पर सांस फूलने की समस्या होती है। इसके अलावा अस्थमा के पुराने रोगियों को भी समस्या होती है। क्योंकि इस समय चलने वाली हवा में नमी, धूल कण और प्रदूषक कण शामिल होते हैं जो श्वसन नली का संक्रमण बढ़ाते हैं।
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सांस के मरीजों को उन्होंने नियमित व्यायाम करने व मास्क लगाकर बाहर निकलने की हिदायत के साथ दवाओं का परामर्श दिया। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले अधिकतर रोगियों को संक्रमण से परेशानी है। इस मौसम में संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।