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Maharajganj News: गृहस्थी चलाने के लिए तस्करी में शामिल हो रहीं घरेलू महिलाएं
Fri, 16 Feb 2024 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 16 Feb 2024 02:40 AM IST
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महराजगंज/ठूठीबारी। तस्करी के खेल में अब घरेलू महिलाएं भी शामिल होने लगी है। बुधवार को दवा तस्करी में ऐसी ही एक महिला के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब महिलाओं पर भी विशेष सतर्कता बरतने की तैयारी में है। ऐसी महिलाएं तस्करों के लिए दोहरी फायदेमंद होती है। एक तो घरेलू वेशभूषा के कारण पुलिस और एसएसबी इन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते, जिससे ये आसानी से माल सीमा पार करा देती हैं, दूसरा ये कैरियर के रूप में ज्यादा मोलभाव नहीं करतीं। बताया जा रहा है कि एक खेप के लिए ये बहुत कम रकम में ही मान जाती हैं, जबकि उसी के लिए पुरुष कैरियर पांच से छह गुना तक रकम लेते हैं।
ठूठीबारी कस्बे में बुधवार को नशीली दवाओं की बरामदगी के मामले में पुलिस ने बुधवार को एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार महिला आरोपी कनीज ठूठीबारी कस्बे के कोहरगड्डी की रहने वाली है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि एक बार सामान सीमा पार करने पर उसे 500 रुपए तक मिल जाते हैं, जिससे उसकी गृहस्थी चलती है। उसने बताया कि उसका मायका नेपाल के सुनरी में है। उसकी शादी कोहरगड्डी में हुई थी। करीब पांच साल पहले उसके पति ने उसे और दो बेटियों को छोड़ दिया। तब से वह यही ब्यूटी पार्लर चला कर जीविकोपार्जन करती है। पर यह नाकाफी होता है। इसी दौरान उसकी पहचान ठूठीबारी कस्बे के हार्डवेयर व्यापारी अशीष अग्रहरी से हुई। उसने एक बार उसे मायके जाने के दौरान एक छोला नेपाल ले जाने के लिए दिया, जिसके बदले उसने उसे पांच सौ रुपये दिए। सिर्फ एक झोला ले जाने के बदले पांच सौ मिलने से उसे लगा कि यह आसान है। तब से वह कई बार उसका सामान पार ले जा चुकी है। वह झोले में छुपाकर आसानी से दवा सरहद पार कर देती। किसी को भनक भी नहीं लगती।
नेपाल में महिलाओं की है पहचान
सूत्र बताते हैं कि तस्करी के सिंडिकेट में शामिल महिलाओं की नेपाल में अच्छी पहचान है। सरहद पार पहुंचते ही नशीली दवाओं के धंधे में शामिल नेपाल के तस्कर उनके पास पहुंच जाते हैं। उनसे थैला लेकर चले जाते है। कम मेहनत करके ही ज्यादा लाभ मिल जाता है। इसलिए उनके लिए यह काम आसान हो गया है। नशीली दवाओं के ले जाने में उन्हें कोई परहेज नहीं रहता। साधारण तरीके से झोले पर रखकर पगडंडी से सरहद पार हो जाती हैं।
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84 किमी खुली सीमा बनी चुनौती
जनपद महराजगंज की इंडो नेपाल की 84 किमी खुली सीमा सुरक्षा एजेंसियां के लिए चुनौती बन गई है। जनपद के सभी थाने के आंकड़े को देखा जाय तो अक्सर कही न कही नशीली दवा की बरामदगी होती है। नेपाल बार्डर पर चोर नाकों की भरमार है, जिससे तस्कर बड़ी आसानी से भारतीय सीमा से कैरियर के माध्यम से नेपाल अपना माल पहुंचा देते हैं। जहां उनको मुंह मांगा रकम मिल जाता है।
दोनों आरोपी जेल भेजे गए
महराजगंज/ठूठीबारी।
ठूठीबारी कस्बे में बुधवार को नशीली दवाओं की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अशीष अग्रहरी ठूठीबारी का रहने वाला है, जबकि कनीज कोहरगड्डी की।
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ठूठीबारी कस्बे में बुधवार को नशीली दवाओं की बरामदगी के मामले में पुलिस ने बुधवार को एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार महिला आरोपी कनीज ठूठीबारी कस्बे के कोहरगड्डी की रहने वाली है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि एक बार सामान सीमा पार करने पर उसे 500 रुपए तक मिल जाते हैं, जिससे उसकी गृहस्थी चलती है। उसने बताया कि उसका मायका नेपाल के सुनरी में है। उसकी शादी कोहरगड्डी में हुई थी। करीब पांच साल पहले उसके पति ने उसे और दो बेटियों को छोड़ दिया। तब से वह यही ब्यूटी पार्लर चला कर जीविकोपार्जन करती है। पर यह नाकाफी होता है। इसी दौरान उसकी पहचान ठूठीबारी कस्बे के हार्डवेयर व्यापारी अशीष अग्रहरी से हुई। उसने एक बार उसे मायके जाने के दौरान एक छोला नेपाल ले जाने के लिए दिया, जिसके बदले उसने उसे पांच सौ रुपये दिए। सिर्फ एक झोला ले जाने के बदले पांच सौ मिलने से उसे लगा कि यह आसान है। तब से वह कई बार उसका सामान पार ले जा चुकी है। वह झोले में छुपाकर आसानी से दवा सरहद पार कर देती। किसी को भनक भी नहीं लगती।
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नेपाल में महिलाओं की है पहचान
सूत्र बताते हैं कि तस्करी के सिंडिकेट में शामिल महिलाओं की नेपाल में अच्छी पहचान है। सरहद पार पहुंचते ही नशीली दवाओं के धंधे में शामिल नेपाल के तस्कर उनके पास पहुंच जाते हैं। उनसे थैला लेकर चले जाते है। कम मेहनत करके ही ज्यादा लाभ मिल जाता है। इसलिए उनके लिए यह काम आसान हो गया है। नशीली दवाओं के ले जाने में उन्हें कोई परहेज नहीं रहता। साधारण तरीके से झोले पर रखकर पगडंडी से सरहद पार हो जाती हैं।
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84 किमी खुली सीमा बनी चुनौती
जनपद महराजगंज की इंडो नेपाल की 84 किमी खुली सीमा सुरक्षा एजेंसियां के लिए चुनौती बन गई है। जनपद के सभी थाने के आंकड़े को देखा जाय तो अक्सर कही न कही नशीली दवा की बरामदगी होती है। नेपाल बार्डर पर चोर नाकों की भरमार है, जिससे तस्कर बड़ी आसानी से भारतीय सीमा से कैरियर के माध्यम से नेपाल अपना माल पहुंचा देते हैं। जहां उनको मुंह मांगा रकम मिल जाता है।
दोनों आरोपी जेल भेजे गए
महराजगंज/ठूठीबारी।
ठूठीबारी कस्बे में बुधवार को नशीली दवाओं की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अशीष अग्रहरी ठूठीबारी का रहने वाला है, जबकि कनीज कोहरगड्डी की।