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राष्ट्रीय आकांक्षाओं की भाषा है हिंदी : प्रो. चितरंजन
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Hindi is the language of national aspirations: Prof. chitranjan
- फोटो : MAHARAJGANJ
राष्ट्रीय आकांक्षाओं की भाषा है हिंदी : प्रो. चितरंजन
महराजगंज। हिंदी राष्ट्रीय आकांक्षाओं की भाषा है। राष्ट्रीय चेतना की भाषा है। स्वतंत्रता आंदोलन एवं संस्कृत की भाषा है। कोई भी भाषा-समुदाय, भावनाओं और आवश्यकताओं की अभिव्यक्ति भाषा से ही होती है।
यह बात जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज में हिंदी दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के हिंदी विभाग के पूर्व आचार्य/विभागाध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र ने कही। प्रो. मिश्र ने कहा कि हिंदी को राष्ट्रीय भाषा के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि भाषा का सवाल राजनीति से शुरू होकर राजनीति का विषय बन गया है। कोई भी भाषा पूर्ण नहीं है जिससे संपूर्ण ज्ञान-विज्ञान परिलक्षित हो।
प्राचार्य प्रो. दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। प्रबंधक डॉ. बलराम भट्ट ने कहा कि हिंदी को तकनीक के अनुकूल नए-नए साफ्टवेयर विकसित किए जाने चाहिए जिससे बैंकों, न्यायालयों और कार्यालयों में कार्य सुगमता से संपादित हो सके। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. राणा प्रताप तिवारी, डॉ. विजय आनंद मिश्र ने किया। डॉ. धर्मेंद्र सोनकर, डॉ. अक्षय कुमार, डॉ. शैलेन्द्र उपाध्याय, गोपाल सिंह आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर पतहर पत्रिका का विमोचन किया गया।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रभाषा एवं संस्कृति पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। डॉ. राकेश कुमार यादव ने बताया कि हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा राजभाषा और संचार भाषा के रूप में अपना काम कर रही है। प्राचार्य विनोद कुमार पाल ने हिंदी की संवैधानिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में आज भी हिंदी पूरी तरह से राजभाषा का गौरव नहीं प्राप्त कर सकी है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रेरणा पाठक ने किया। वैदिक गुरुकुल इंटरमीडिएट कॉलेज में हिंदी दिवस पर प्रबंधक घनश्याम द्विवेदी की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन हुआ।
परतावल प्रतिनिधि के अनुसार हिंदी दिवस पर पंडित काशी प्रसाद दीक्षित शिक्षण एवं प्रशिक्षण स्नातकोत्तर महाविद्यालय पकड़ी दीक्षित में गोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार दुबे ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। इसका सभी को सम्मान करना चाहिए। प्राचीन इतिहास के विभागाध्यक्ष धर्मेंद्र पटेल, योगेश कुमार, हैपी सिंह, दीपक मणि त्रिपाठी, बृजेश्वर सिंह आदि रहे। ठूठीबारी प्रतिनिधि के अनुसार बृजलाल स्मारक महाविद्यालय राजाबारी ठूठीबारी में गोष्ठी के दौरान प्रधानाचार्य डॉ. शार्दूल शिवांशु ने हिंदी की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
हिंदी में सौ फीसदी अंक हासिल करनेवाली छात्रा अंशिका सम्मानित
महराजगंज। साधु शरण भारद्वाज इंटर कॉलेज बेलवा काजी महराजगंज की छात्रा अंशिका यादव ने हाई स्कूल परीक्षा 2022 में हिंदी में 100 अंक में 100 अंक प्राप्त किया था। हिंदी दिवस के अवसर पर अंशिका यादव का माल्यार्पण कर प्रधानाचार्य सुरेंद्र प्रसाद पांडेय ने स्वागत किया। संस्थापक विमल कुमार पांडेय, प्रबंधक पूनम पांडेय, दीनानाथ विश्वकर्मा, प्रदीप चौबे आदि मौजूद रहे। संवाद
विद्यार्थियों ने हिंदी को संस्कृ ति व सभ्यता का प्रतीक बताया
फरेंदा। चंद्रा चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल आनंदनगर में छात्रों ने हिंदी को संस्कृति व सभ्यता का प्रतीक बताया गया। प्रधानाचार्य जगमोहन मिश्र ने बताया कि हिंदी हमारी प्राचीन व मातृ भाषा है। जो आज केवल मात्र भाषा बनकर रह गई। हिंदी की उत्पत्ति सिंध शब्द से आई जिससे हिंद से हिंदी का सृजन हुआ। हिंदी के बारे में अभिव्यक्ति व्यक्त करने वालों में छात्र प्रतिभा यादव, साधना जायसवाल, दीपांशु पॉल, तेज प्रताप यादव, राज्य वर्धन यादव, सृष्टि यादव व मृत्युंजय सिंह सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान प्रबंधक सुधेश मोहन श्रीवास्तव, राजेश सहानी, हरि बहादुर, शिल्पा सिंह मौजूद रहे। संवाद
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महराजगंज। हिंदी राष्ट्रीय आकांक्षाओं की भाषा है। राष्ट्रीय चेतना की भाषा है। स्वतंत्रता आंदोलन एवं संस्कृत की भाषा है। कोई भी भाषा-समुदाय, भावनाओं और आवश्यकताओं की अभिव्यक्ति भाषा से ही होती है।
यह बात जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज में हिंदी दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के हिंदी विभाग के पूर्व आचार्य/विभागाध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र ने कही। प्रो. मिश्र ने कहा कि हिंदी को राष्ट्रीय भाषा के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि भाषा का सवाल राजनीति से शुरू होकर राजनीति का विषय बन गया है। कोई भी भाषा पूर्ण नहीं है जिससे संपूर्ण ज्ञान-विज्ञान परिलक्षित हो।
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प्राचार्य प्रो. दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। प्रबंधक डॉ. बलराम भट्ट ने कहा कि हिंदी को तकनीक के अनुकूल नए-नए साफ्टवेयर विकसित किए जाने चाहिए जिससे बैंकों, न्यायालयों और कार्यालयों में कार्य सुगमता से संपादित हो सके। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. राणा प्रताप तिवारी, डॉ. विजय आनंद मिश्र ने किया। डॉ. धर्मेंद्र सोनकर, डॉ. अक्षय कुमार, डॉ. शैलेन्द्र उपाध्याय, गोपाल सिंह आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर पतहर पत्रिका का विमोचन किया गया।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रभाषा एवं संस्कृति पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। डॉ. राकेश कुमार यादव ने बताया कि हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा राजभाषा और संचार भाषा के रूप में अपना काम कर रही है। प्राचार्य विनोद कुमार पाल ने हिंदी की संवैधानिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में आज भी हिंदी पूरी तरह से राजभाषा का गौरव नहीं प्राप्त कर सकी है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रेरणा पाठक ने किया। वैदिक गुरुकुल इंटरमीडिएट कॉलेज में हिंदी दिवस पर प्रबंधक घनश्याम द्विवेदी की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन हुआ।
परतावल प्रतिनिधि के अनुसार हिंदी दिवस पर पंडित काशी प्रसाद दीक्षित शिक्षण एवं प्रशिक्षण स्नातकोत्तर महाविद्यालय पकड़ी दीक्षित में गोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार दुबे ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। इसका सभी को सम्मान करना चाहिए। प्राचीन इतिहास के विभागाध्यक्ष धर्मेंद्र पटेल, योगेश कुमार, हैपी सिंह, दीपक मणि त्रिपाठी, बृजेश्वर सिंह आदि रहे। ठूठीबारी प्रतिनिधि के अनुसार बृजलाल स्मारक महाविद्यालय राजाबारी ठूठीबारी में गोष्ठी के दौरान प्रधानाचार्य डॉ. शार्दूल शिवांशु ने हिंदी की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
हिंदी में सौ फीसदी अंक हासिल करनेवाली छात्रा अंशिका सम्मानित
महराजगंज। साधु शरण भारद्वाज इंटर कॉलेज बेलवा काजी महराजगंज की छात्रा अंशिका यादव ने हाई स्कूल परीक्षा 2022 में हिंदी में 100 अंक में 100 अंक प्राप्त किया था। हिंदी दिवस के अवसर पर अंशिका यादव का माल्यार्पण कर प्रधानाचार्य सुरेंद्र प्रसाद पांडेय ने स्वागत किया। संस्थापक विमल कुमार पांडेय, प्रबंधक पूनम पांडेय, दीनानाथ विश्वकर्मा, प्रदीप चौबे आदि मौजूद रहे। संवाद
विद्यार्थियों ने हिंदी को संस्कृ ति व सभ्यता का प्रतीक बताया
फरेंदा। चंद्रा चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल आनंदनगर में छात्रों ने हिंदी को संस्कृति व सभ्यता का प्रतीक बताया गया। प्रधानाचार्य जगमोहन मिश्र ने बताया कि हिंदी हमारी प्राचीन व मातृ भाषा है। जो आज केवल मात्र भाषा बनकर रह गई। हिंदी की उत्पत्ति सिंध शब्द से आई जिससे हिंद से हिंदी का सृजन हुआ। हिंदी के बारे में अभिव्यक्ति व्यक्त करने वालों में छात्र प्रतिभा यादव, साधना जायसवाल, दीपांशु पॉल, तेज प्रताप यादव, राज्य वर्धन यादव, सृष्टि यादव व मृत्युंजय सिंह सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान प्रबंधक सुधेश मोहन श्रीवास्तव, राजेश सहानी, हरि बहादुर, शिल्पा सिंह मौजूद रहे। संवाद