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अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी वाले गुरुजी दे रहे शिक्षा
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बंजारी पट्टी स्थित प्राइमरी इंग्लिश मीडियम स्कूल में प्रार्थना करते बच्चे।
- फोटो : MAHARAJGANJ
अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी वाले गुरुजी दे रहे शिक्षा
अब तक शिक्षकों की नहीं हो सकी तैनाती, पढ़ाई में पिछड़ रहे बच्चे
निचलौल (महराजगंज)। कान्वेंट की तर्ज पर प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इनमें दाखिला लेने वाले बच्चों को हिंदी माध्यम वाले गुरुजी शिक्षा दे रहे हैं। वजह शिक्षकों की नियुक्ति ही नहीं हो पाई है। जबकि स्कूलों के रंग-रोगन के साथ बच्चों के बैठने आदि की व्यवस्था की गई है।
बेसिक शिक्षा वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रवण चौरसिया और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकेश गुप्ता ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक स्कूलों को चिह्नित कर कान्वेंट स्कूलों की तरह अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराने की योजना बनाई। इसके लिए क्षेत्र के 18 स्कूलों को चिह्नित कर इनमें अंग्रेजी माध्यम की किताबें वितरित कर कान्वेंट की तरह विकसित करने की योजना भी शुरू हो गई।
इन स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने के लिए वर्ष 2018-19 में 20 शिक्षकों की जिला मुख्यालय पर परीक्षा, इंटरव्यू सहित अन्य प्रक्रिया कराई गई।, लेकिन शिक्षकों को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में तैनाती नहीं मिल पाई। अब इन स्कूलों में चमक-दमक के अलावा कुछनहीं रह गया है। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि अभी उनकी तैनाती जल्द हुई है। यदि ऐसा है तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
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अब तक शिक्षकों की नहीं हो सकी तैनाती, पढ़ाई में पिछड़ रहे बच्चे
निचलौल (महराजगंज)। कान्वेंट की तर्ज पर प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। इनमें दाखिला लेने वाले बच्चों को हिंदी माध्यम वाले गुरुजी शिक्षा दे रहे हैं। वजह शिक्षकों की नियुक्ति ही नहीं हो पाई है। जबकि स्कूलों के रंग-रोगन के साथ बच्चों के बैठने आदि की व्यवस्था की गई है।
बेसिक शिक्षा वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रवण चौरसिया और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकेश गुप्ता ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक स्कूलों को चिह्नित कर कान्वेंट स्कूलों की तरह अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराने की योजना बनाई। इसके लिए क्षेत्र के 18 स्कूलों को चिह्नित कर इनमें अंग्रेजी माध्यम की किताबें वितरित कर कान्वेंट की तरह विकसित करने की योजना भी शुरू हो गई।
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इन स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने के लिए वर्ष 2018-19 में 20 शिक्षकों की जिला मुख्यालय पर परीक्षा, इंटरव्यू सहित अन्य प्रक्रिया कराई गई।, लेकिन शिक्षकों को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में तैनाती नहीं मिल पाई। अब इन स्कूलों में चमक-दमक के अलावा कुछनहीं रह गया है। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि अभी उनकी तैनाती जल्द हुई है। यदि ऐसा है तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
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