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Maharajganj News: सरकारी अस्पतालों में हाईटेक व्यवस्था
Mon, 04 Aug 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 04 Aug 2025 12:56 AM IST
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महराजगंज। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहल शुरू हो रही है। अब सरकारी अस्पतालों में हर मरीज का पर्चा बनते ही उससे संबंधित सारी जानकारी जैसे जांच, परामर्श और दवाएं एचआईएमएस (हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की जाएगी।
इसके साथ ही यह पूरी जानकारी मरीज की आभा आईडी से भी लिंक की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को कहीं से भी देखा जा सकेगा। जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए जिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैयारी शुरू कर दी गई है।
पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी, इमरजेंसी, दवा स्टोर और सेंट्रल लैब तक सभी विभागों को कंप्यूटरों और इंटरनेट नेटवर्क के जरिए आपस में जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि मरीज को मिले रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से वह अपनी सभी स्वास्थ्य सेवाओं का ब्योरा स्वयं देख सके। डॉक्टर भी रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए मरीज का पिछला उपचार स्थिति देख सकेंगे, जिससे इलाज में अधिक सटीकता और पारदर्शिता आएगी। इस तकनीक के जरिए अस्पतालों में पर्चा प्रणाली को भी हाईटेक किया जा रहा है। अब पर्चे पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिसे व्हाट्सएप जैसे मोबाइल एप पर स्कैन करने से मरीज की सारी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि इस हाईटेक व्यवस्था से मरीजों को इलाज में काफी सहूलियत मिलेगी। अब न तो मरीजों को बार-बार कागजी रिकॉर्ड लाने की जरूरत होगी और न ही डॉक्टरों को मरीज की पुरानी रिपोर्ट ढूंढनी पड़ेगी।
यह पूरी प्रक्रिया स्वचालित और पारदर्शी होगी। इस डिजिटल बदलाव से स्वास्थ्य विभाग को भी मरीजों की निगरानी, इलाज की समीक्षा और दवा वितरण जैसे मामलों में सटीक आंकड़े मिलेंगे।
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इसके साथ ही यह पूरी जानकारी मरीज की आभा आईडी से भी लिंक की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को कहीं से भी देखा जा सकेगा। जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए जिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैयारी शुरू कर दी गई है।
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पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी, इमरजेंसी, दवा स्टोर और सेंट्रल लैब तक सभी विभागों को कंप्यूटरों और इंटरनेट नेटवर्क के जरिए आपस में जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि मरीज को मिले रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से वह अपनी सभी स्वास्थ्य सेवाओं का ब्योरा स्वयं देख सके। डॉक्टर भी रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए मरीज का पिछला उपचार स्थिति देख सकेंगे, जिससे इलाज में अधिक सटीकता और पारदर्शिता आएगी। इस तकनीक के जरिए अस्पतालों में पर्चा प्रणाली को भी हाईटेक किया जा रहा है। अब पर्चे पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिसे व्हाट्सएप जैसे मोबाइल एप पर स्कैन करने से मरीज की सारी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने बताया कि इस हाईटेक व्यवस्था से मरीजों को इलाज में काफी सहूलियत मिलेगी। अब न तो मरीजों को बार-बार कागजी रिकॉर्ड लाने की जरूरत होगी और न ही डॉक्टरों को मरीज की पुरानी रिपोर्ट ढूंढनी पड़ेगी।
यह पूरी प्रक्रिया स्वचालित और पारदर्शी होगी। इस डिजिटल बदलाव से स्वास्थ्य विभाग को भी मरीजों की निगरानी, इलाज की समीक्षा और दवा वितरण जैसे मामलों में सटीक आंकड़े मिलेंगे।