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Maharajganj News: गर्मी में उल्टी दस्त कर रहा बच्चों को बीमार
Mon, 05 Jun 2023 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 05 Jun 2023 11:40 PM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती उल्टी दस्त के मरीज।संवाद
महराजगंज। भीषण गर्मी से हर कोई परेशान हैं। यह गर्मी बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रही है। बच्चों को डायरिया, उल्टी दस्त, तेज बुखार हो रहा है। जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में भी इन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
सुबह से गर्मी के कारण सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों को हो रही है। गर्मी और दूषित खान पान के कारण बच्चे उल्टी दस्त और पेट में दर्द के शिकार हो रहे हैं। इस समय जिला अस्पताल की ओपीडी में लू लगने, दूषित पानी, भोजन से उल्टी दस्त, बुखार, खांसी, सिरदर्द, पेट में दर्द की शिकायत वाले मरीज डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। जिन बच्चों की हालत गंभीर होती है, डॉक्टर उन्हें तुरंत भर्ती कर लेते हैं। बच्चों को बीमार होने से परिजन भी परेशान होते हैं। वहीं जिला अस्पताल के ईटीसी वार्ड में कुल 37 बीमार बच्चों का इलाज चल रहा है। इसमें डायरिया, उल्टी दस्त के कुल 15 शामिल हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने कहा कि ओपीडी में जांच के समय बच्चों में पानी की कमी मिल रही है। त्वचा शुष्क पड़ जाता है। बच्चों के बीमार पड़ने पर लापरवाही न करें। ऐसे बच्चों को तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाए। जिससे सेहत में सुधार हो सके।
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ईटीसी वार्ड में 37 मरीजों का चल रहा उपचार
मौसम की बीमारी से परेशान 17 बच्चो को ईटीसी वार्ड में भर्ती है जिनका इलाज चल रहा है। इसमें उमरा, अन्नया, दिव्यांस, यश, सान्वी, अनीस, जुनैरा, रिषभ, रेयांस, सौर्य, अर्थव, अंश, शिवागी, आरूषी, सकिकुन मरीज डायरिया और उल्टी दस्त के हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
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रखें ख्याल सेहत खराब होने पर के लिए पहुंचे अस्पताल
खाने पीने के मुकाबले उल्टी दस्त अधिक होना, बुखार के साथ उल्टी और दस्त होना, पेशाब बंद हो जाना, होठो पर पपड़ी जमना, आंख और की नमी सूख जाना, सुस्त होना कमजोरी महसूस होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
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बचाव के लिए यह करें उपाय
सुबह 10 बजे के बाद बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें। रसदार फसल जैसे तरबूज, खरबूज, अंगूर, खीरा, ककड़ी का सेवन करें। हाई प्रोटीन वाला भोजन लें, नींबू पानी, शिकंजी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी का सेवन अधिक करें। बाजार में गन्ने का जूस पिलाने फास्ट फूड खिलाने से बचें। दस्त होने पर ओआरएस का घोल लेते रहे।
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सुबह से गर्मी के कारण सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों को हो रही है। गर्मी और दूषित खान पान के कारण बच्चे उल्टी दस्त और पेट में दर्द के शिकार हो रहे हैं। इस समय जिला अस्पताल की ओपीडी में लू लगने, दूषित पानी, भोजन से उल्टी दस्त, बुखार, खांसी, सिरदर्द, पेट में दर्द की शिकायत वाले मरीज डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। जिन बच्चों की हालत गंभीर होती है, डॉक्टर उन्हें तुरंत भर्ती कर लेते हैं। बच्चों को बीमार होने से परिजन भी परेशान होते हैं। वहीं जिला अस्पताल के ईटीसी वार्ड में कुल 37 बीमार बच्चों का इलाज चल रहा है। इसमें डायरिया, उल्टी दस्त के कुल 15 शामिल हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने कहा कि ओपीडी में जांच के समय बच्चों में पानी की कमी मिल रही है। त्वचा शुष्क पड़ जाता है। बच्चों के बीमार पड़ने पर लापरवाही न करें। ऐसे बच्चों को तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाए। जिससे सेहत में सुधार हो सके।
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ईटीसी वार्ड में 37 मरीजों का चल रहा उपचार
मौसम की बीमारी से परेशान 17 बच्चो को ईटीसी वार्ड में भर्ती है जिनका इलाज चल रहा है। इसमें उमरा, अन्नया, दिव्यांस, यश, सान्वी, अनीस, जुनैरा, रिषभ, रेयांस, सौर्य, अर्थव, अंश, शिवागी, आरूषी, सकिकुन मरीज डायरिया और उल्टी दस्त के हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
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रखें ख्याल सेहत खराब होने पर के लिए पहुंचे अस्पताल
खाने पीने के मुकाबले उल्टी दस्त अधिक होना, बुखार के साथ उल्टी और दस्त होना, पेशाब बंद हो जाना, होठो पर पपड़ी जमना, आंख और की नमी सूख जाना, सुस्त होना कमजोरी महसूस होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
बचाव के लिए यह करें उपाय
सुबह 10 बजे के बाद बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें। रसदार फसल जैसे तरबूज, खरबूज, अंगूर, खीरा, ककड़ी का सेवन करें। हाई प्रोटीन वाला भोजन लें, नींबू पानी, शिकंजी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी का सेवन अधिक करें। बाजार में गन्ने का जूस पिलाने फास्ट फूड खिलाने से बचें। दस्त होने पर ओआरएस का घोल लेते रहे।