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Maharajganj News: आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, मिलेगा लाभ
Tue, 21 Jan 2025 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 21 Jan 2025 12:07 AM IST
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महराजगंज। जिले के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें बेहतर इलाज के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा। जिले के 192 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसमें आंख, नाक, कान, गला (ईएनटी), मानसिक स्वास्थ्य जैसी नई सेवाएं जोड़ी जाएंगी।
शासन ने इन मंदिरों पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और सामुदायिक स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को पांच नई सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। इसके अलावा, गंभीर मरीजों का इलाज कैसे किया जाए और किन परिस्थितियों में उन्हें रेफर करना आवश्यक होगा। इस पर भी विस्तार से चर्चा की जा रही है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मरीजों को आंख, नाक, कान, गला, वृद्धावस्था, आकस्मिक ट्रामा और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पहले से ही कई स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। जैसे गर्भावस्था और शिशु जन्म देखभाल, नवजात और शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल और किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल,परिवार नियोजन, और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल। इसके अलावा, संचारी और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग जैसी सेवाएं भी इन केंद्रों पर दी जा रही हैं।
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अब इन सेवाओं के विस्तार से मरीजों को और अधिक लाभ होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर आकस्मिक घटनाएं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं नजरअंदाज की जाती हैं।आकस्मिक ट्रामा सेवाएं शुरू होने से दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में तुरंत सहायता मिल सकेगी। वहीं, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत से मानसिक रोगों के शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार संभव होगा।
नई सेवाओं के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। गंभीर बीमारियों और आकस्मिक स्थितियों में मरीजों को अब तुरंत उपचार मिल सकेगा। गर्भावस्था, शिशु स्वास्थ्य, ईएनटी, और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जिले की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार आएगा।
जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मिलने वाली सेवाओं को और सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए सीएचओ को विशेष प्रशिक्षण देकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मरीजों को उनके घर के नजदीक ही उच्च-गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हों। यह ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी
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शासन ने इन मंदिरों पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और सामुदायिक स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को पांच नई सेवाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। इसके अलावा, गंभीर मरीजों का इलाज कैसे किया जाए और किन परिस्थितियों में उन्हें रेफर करना आवश्यक होगा। इस पर भी विस्तार से चर्चा की जा रही है।
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प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मरीजों को आंख, नाक, कान, गला, वृद्धावस्था, आकस्मिक ट्रामा और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पहले से ही कई स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। जैसे गर्भावस्था और शिशु जन्म देखभाल, नवजात और शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल और किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल,परिवार नियोजन, और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल। इसके अलावा, संचारी और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग जैसी सेवाएं भी इन केंद्रों पर दी जा रही हैं।
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अब इन सेवाओं के विस्तार से मरीजों को और अधिक लाभ होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर आकस्मिक घटनाएं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं नजरअंदाज की जाती हैं।आकस्मिक ट्रामा सेवाएं शुरू होने से दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में तुरंत सहायता मिल सकेगी। वहीं, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत से मानसिक रोगों के शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार संभव होगा।
नई सेवाओं के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। गंभीर बीमारियों और आकस्मिक स्थितियों में मरीजों को अब तुरंत उपचार मिल सकेगा। गर्भावस्था, शिशु स्वास्थ्य, ईएनटी, और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जिले की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार आएगा।
जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मिलने वाली सेवाओं को और सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए सीएचओ को विशेष प्रशिक्षण देकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मरीजों को उनके घर के नजदीक ही उच्च-गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हों। यह ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी