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Maharajganj News: धमकी देकर कराया था खामोश...हर कदम पर की डराने की कोशिश, मिला इंसाफ
Mon, 10 Mar 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 10 Mar 2025 11:57 PM IST
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महराजगंज। शहर में एक मोहल्ले में 28 अगस्त 2023 को दुष्कर्म, हत्या व छेड़छाड़ की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। सोमवार को इस प्रकरण में न्यायालय ने फैसला सुनाया तो पीड़िता फफक पड़ी। उसने कहा कि दुष्कर्मी ने धमकी दी, हर कदम पर डराया, लेकिन प्रशासन की मदद और सुरक्षा मिलने के बाद हिम्मत मिली और आखिरकार आरोपी को उसके कर्माें की सजा मिल गई, अब जाकर पापा की आत्मा को शांति मिली है।
पीड़िता ने बातचीत में बताया कि दुष्कर्मी ने शुरू में धमकी देकर खामोश करा दिया था, लेकिन हिम्मत जुटाई और आगे बढ़ी और केस दर्ज कराया। इसके बाद उसने हर कदम पर डराने की कोशिश की थी। शुरू में लगा कि कोई मदद के लिए नहीं आएगा, लेकिन मामला आगे बढ़ा तो हिम्मत मिलती गई। मीडिया ने भी आवाज आगे बढ़ाई। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मदद के साथ ही सुरक्षा भी दी। मामला न्यायालय में चलने के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस गंभीर रही। हमारे हर सुख-दुख का ख्याल रखा गया। रहने के लिए आवास मिलने के साथ ही संविदा पर नौकरी भी मिली। आज पापा इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने विरोध किया तो दुष्कर्मी ने उनको मरने के लिए विवश कर दिया था। न्यायपालिका का निर्णय आने के बाद मन को शांति मिली है। आने वाले दिनों में कोई ऐसा कृत्य करने से पहले सोचेगा। बेटियों की आबरू से खिलवाड़ करने वालों के मन में डर होगा। सख्त कानून व्यवस्था के कारण अपराधी को सजा मिली। शुरू में डर लगा था, लेकिन वक्त के साथ हौसले से आगे बढ़ती गई। छोटी बहन ने भी अपने विचारों को व्यक्त किया। उसने कहा कि हर अपराधी के साथ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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यह हुआ था पूरा मामला
संतकबीरनगर जिले के एक गांव की रहने वाले किशोरी अपने पिता के साथ महराजगंज शहर में पूर्व भाजपा नेता राही मासूम के घर में किराए पर रहती थी। किशोरी का पिता ठेला लगाकर जीवन यापन करता था। पूर्व भाजपा नेता राही मासूम रजा की नियत खराब हुई तो उसने किशोरी से दुष्कर्म, उसकी बहन से छेड़छाड़ की। उसके कृत्य को किशोरी के छोटे भाई ने देख लिया तो उसकी पिटाई कर दी। इसकी जानकारी किशोरी के पिता को हुई तो उसने विरोध किया। मामला थाने में पहुंचा तो वहां सुलह-समझौता करा दिया गया। इससे आहत होकर किशोरी के पिता ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने आनन-फानन कार्रवाई की। उस वक्त इस प्रकरण को लेकर पुलिस की कार्य प्रणाली की किरकिरी हुई थी। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो पूछताछ के लिए पूर्व भाजपा नेता को बुलाया गया। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद से पुलिस की मुश्किल बढ़ गई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद राहत की सांस ली थी।
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पुलिसकर्मियों के बीच थी अच्छी पैठ
मामला सामने आने के बाद नगर पुलिस चौकी का सिपाही निलंबित हो चुका था। वह आरोपी के घर में ही किराए पर रहता था। पूरे प्रकरण में पुलिस को लापरवाह होने का प्रमुख कारण है कि राही मासूम रजा की पुलिसकर्मियों के बीच अच्छी पैठ थी। इस वजह से उसकी गलतियों को नजरंदाज किया जाता रहा। जब पहली बार मामला पुलिस के पास आया तो किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई थी। आरोपी को कार्रवाई के हर कदम की जानकारी हो जाती थी। निलंबित पुलिसकर्मी ही उसे ने समय-समय पर जानकारी दे रहा था। दूसरा मददगार गुड्डू भी आरोपी को पल-पल की खबर देने में लगा था। जांच में पुलिस ने दोनों को दबोच लिया तो इनकी पूरी कहानी सामने आ गई थी।
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लापरवाही हुई तो नगर चौकी इंचार्ज समेत पुलिसकर्मी पर गिरी थी गाज
किशोरी से छेड़छाड़, विरोध करने पर उसके भाई की पिटाई और सदमे में पिता के खुदकुशी कर लेने के मामले में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष राही मासूम रजा की गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने के आरोप में नगर चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही तत्कालीन एसपी ने सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक समेत 14 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था।
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राही मासूम रजा ने एक शिक्षक की जिंदगी कर दी थी तबाह
एक पूर्व चौकी इंचार्ज ने बताया कि राही मासूम रजा ने इंटर कॉलेज के अध्यापक को एक लड़की के माध्यम से फर्जी दुष्कर्म के मुकदमे में फंसा कर उसकी जिंदगी बर्बाद कर डाली थी। वह एक स्कूल शिक्षक पढ़ता था। मामले की जानकारी होते ही पत्नी पागल हो गई। उसके बच्चे को भाई संभाल रहा है। उस मुकदमे की मैं विवेचना कर रहा था। आंख में आंसू आ जाता था।
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मामले में कब क्या हुआ
28 अगस्त 2023 को मामले में नगर चौकी पुलिस ने दोनों पक्षों को शांति भंग में चालान करते हुए खानापूर्ति की।
31 अगस्त को पीड़ित के पिता की मौत हो गई थी।
4 सितंबर 2023 को पीड़ित युवतियों ने नगर चौकी में शिकायत पत्र लेकर पहुंची थी। तहरीर साफ नहीं होने का हवाला देते हुए नगर चौकी पुलिस ने पीड़ित को वापस भेज दिया था।
5 सितंबर 2023 को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष राही मासूम रजा के ऊपर दुष्कर्म और हत्या के मामले में केस दर्ज किया गया।
6 सितंबर को सदर कोतवाली में पूछताछ के बाद भाजपा नेता को छोड़ दिया गया था। इसके बाद पीड़ित परिवार ने घर छोड़ दिया था।
8 सितंबर 2023 को कोतवाली पुलिस ने राही मासूम रजा के बेटे को कोतवाली में बैठाया था।
9 सितंबर को उसको पकड़ने के लिए लोकेशन के अनुसार पुलिस टीम लखनऊ पहुंची थी।
10 सितंबर 2023 को आरोपी के पकड़ने में फेल होने नगर चौकी और इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे।
11 सितंबर 2023 को राही मासूम रजा के घर पर किराए पर रहने वाले कांस्टेबल आबिद को आरोपी की मदद और सूचनाओं को पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
3 नवंबर 2023 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
17 जनवरी 2024 को आरोप की विवेचना हुई।
29 जनवरी 2024 को न्यायालय में साक्ष्य प्रारंभ हुआ।
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पीड़िता ने बातचीत में बताया कि दुष्कर्मी ने शुरू में धमकी देकर खामोश करा दिया था, लेकिन हिम्मत जुटाई और आगे बढ़ी और केस दर्ज कराया। इसके बाद उसने हर कदम पर डराने की कोशिश की थी। शुरू में लगा कि कोई मदद के लिए नहीं आएगा, लेकिन मामला आगे बढ़ा तो हिम्मत मिलती गई। मीडिया ने भी आवाज आगे बढ़ाई। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मदद के साथ ही सुरक्षा भी दी। मामला न्यायालय में चलने के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस गंभीर रही। हमारे हर सुख-दुख का ख्याल रखा गया। रहने के लिए आवास मिलने के साथ ही संविदा पर नौकरी भी मिली। आज पापा इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने विरोध किया तो दुष्कर्मी ने उनको मरने के लिए विवश कर दिया था। न्यायपालिका का निर्णय आने के बाद मन को शांति मिली है। आने वाले दिनों में कोई ऐसा कृत्य करने से पहले सोचेगा। बेटियों की आबरू से खिलवाड़ करने वालों के मन में डर होगा। सख्त कानून व्यवस्था के कारण अपराधी को सजा मिली। शुरू में डर लगा था, लेकिन वक्त के साथ हौसले से आगे बढ़ती गई। छोटी बहन ने भी अपने विचारों को व्यक्त किया। उसने कहा कि हर अपराधी के साथ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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यह हुआ था पूरा मामला
संतकबीरनगर जिले के एक गांव की रहने वाले किशोरी अपने पिता के साथ महराजगंज शहर में पूर्व भाजपा नेता राही मासूम के घर में किराए पर रहती थी। किशोरी का पिता ठेला लगाकर जीवन यापन करता था। पूर्व भाजपा नेता राही मासूम रजा की नियत खराब हुई तो उसने किशोरी से दुष्कर्म, उसकी बहन से छेड़छाड़ की। उसके कृत्य को किशोरी के छोटे भाई ने देख लिया तो उसकी पिटाई कर दी। इसकी जानकारी किशोरी के पिता को हुई तो उसने विरोध किया। मामला थाने में पहुंचा तो वहां सुलह-समझौता करा दिया गया। इससे आहत होकर किशोरी के पिता ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने आनन-फानन कार्रवाई की। उस वक्त इस प्रकरण को लेकर पुलिस की कार्य प्रणाली की किरकिरी हुई थी। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो पूछताछ के लिए पूर्व भाजपा नेता को बुलाया गया। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद से पुलिस की मुश्किल बढ़ गई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद राहत की सांस ली थी।
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पुलिसकर्मियों के बीच थी अच्छी पैठ
मामला सामने आने के बाद नगर पुलिस चौकी का सिपाही निलंबित हो चुका था। वह आरोपी के घर में ही किराए पर रहता था। पूरे प्रकरण में पुलिस को लापरवाह होने का प्रमुख कारण है कि राही मासूम रजा की पुलिसकर्मियों के बीच अच्छी पैठ थी। इस वजह से उसकी गलतियों को नजरंदाज किया जाता रहा। जब पहली बार मामला पुलिस के पास आया तो किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई थी। आरोपी को कार्रवाई के हर कदम की जानकारी हो जाती थी। निलंबित पुलिसकर्मी ही उसे ने समय-समय पर जानकारी दे रहा था। दूसरा मददगार गुड्डू भी आरोपी को पल-पल की खबर देने में लगा था। जांच में पुलिस ने दोनों को दबोच लिया तो इनकी पूरी कहानी सामने आ गई थी।
लापरवाही हुई तो नगर चौकी इंचार्ज समेत पुलिसकर्मी पर गिरी थी गाज
किशोरी से छेड़छाड़, विरोध करने पर उसके भाई की पिटाई और सदमे में पिता के खुदकुशी कर लेने के मामले में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष राही मासूम रजा की गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने के आरोप में नगर चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही तत्कालीन एसपी ने सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक समेत 14 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था।
राही मासूम रजा ने एक शिक्षक की जिंदगी कर दी थी तबाह
एक पूर्व चौकी इंचार्ज ने बताया कि राही मासूम रजा ने इंटर कॉलेज के अध्यापक को एक लड़की के माध्यम से फर्जी दुष्कर्म के मुकदमे में फंसा कर उसकी जिंदगी बर्बाद कर डाली थी। वह एक स्कूल शिक्षक पढ़ता था। मामले की जानकारी होते ही पत्नी पागल हो गई। उसके बच्चे को भाई संभाल रहा है। उस मुकदमे की मैं विवेचना कर रहा था। आंख में आंसू आ जाता था।
मामले में कब क्या हुआ
28 अगस्त 2023 को मामले में नगर चौकी पुलिस ने दोनों पक्षों को शांति भंग में चालान करते हुए खानापूर्ति की।
31 अगस्त को पीड़ित के पिता की मौत हो गई थी।
4 सितंबर 2023 को पीड़ित युवतियों ने नगर चौकी में शिकायत पत्र लेकर पहुंची थी। तहरीर साफ नहीं होने का हवाला देते हुए नगर चौकी पुलिस ने पीड़ित को वापस भेज दिया था।
5 सितंबर 2023 को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष राही मासूम रजा के ऊपर दुष्कर्म और हत्या के मामले में केस दर्ज किया गया।
6 सितंबर को सदर कोतवाली में पूछताछ के बाद भाजपा नेता को छोड़ दिया गया था। इसके बाद पीड़ित परिवार ने घर छोड़ दिया था।
8 सितंबर 2023 को कोतवाली पुलिस ने राही मासूम रजा के बेटे को कोतवाली में बैठाया था।
9 सितंबर को उसको पकड़ने के लिए लोकेशन के अनुसार पुलिस टीम लखनऊ पहुंची थी।
10 सितंबर 2023 को आरोपी के पकड़ने में फेल होने नगर चौकी और इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे।
11 सितंबर 2023 को राही मासूम रजा के घर पर किराए पर रहने वाले कांस्टेबल आबिद को आरोपी की मदद और सूचनाओं को पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
3 नवंबर 2023 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
17 जनवरी 2024 को आरोप की विवेचना हुई।
29 जनवरी 2024 को न्यायालय में साक्ष्य प्रारंभ हुआ।