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Maharajganj News: जीएसटी चोरी ! ऑफिस-गोदाम का पता नहीं...धंधा करोड़ों में
Tue, 22 Jul 2025 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 22 Jul 2025 12:57 AM IST
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महराजगंज। भारत नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र में जीएसटी चोरी की आशंका जताई जा रही है। इसे लेकर विभाग की टीम जांच कर रही है। बीते दिन टीम ने तीन युवकों से पूछताछ कर अहम जानकारी हासिल की।
कुछ तो ऐसे हैं जिनके ऑफिस व पंजीकृत गोदाम का पता ही नहीं है। उनका कारोबार करोड़ों में होता है। सूत्रों के मुताबिक, राजस्व खुफिया निदेशालय डीआरआई की खुफिया टीम जीएसटी चोरी सहित अन्य अवैध व्यापार की शिकायत पर जांच कर रही है। रविवार को टीम ने सोनौली के तीन युवकों से करीब चार घंटे तक पूछताछ की।
करीब एक सप्ताह पहले सोनौली के एजेंट और नौतनवा के कारोबारी के यहां छापेमारी कर टीम दस्तावेज ले गई थी। राजस्व की टीम की सोनौली सीमा का यह दूसरा दौरा है। करीब 27 लोगों की सूची बनने की बात कही जा रही है। इसमें जीएसटी चोरी सहित अन्य धंधा करने वाले शामिल हैं।
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सूत्रों की माने तो दिल्ली सहित अन्य महानगरों से कच्चे बिल पर ओरिजनल जीएसटी नंबर पर सामानों की बुकिंग होती है। नेपाल में कपड़ा तस्करी के लिए एक गिरोह लगा हुआ है। नेपाल बुटवल के कपड़ा कारोबारी ने बताया कि कपड़ा तस्करों के कारण कारोबार चौपट हो गया है। उन्होंने बताया कि गुजरात और दिल्ली से कच्चे बिल पर रेलवे और बस में कपड़ों की बुकिंग होती है।
कपड़ा नेपाल सीमा पर पहुंचने के बाद नेपाल के प्रमुख सीमावर्ती क्षेत्र तक ट्रकों से गोरखपुर और फिर नौतनवा, सोनौली, ठूठीबारी और सिसवा के गोदाम में डंप किया जाता है। एक से दो बंडल कपड़े को कैरियर नेपाल के सीमावर्ती गांव में डंप करते हैं।
सूत्रों की माने तो जीएसटी के अधिकारियों ने एक माह में दो बार सोनौली बॉर्डर का दौरा किया है। नौतनवा की कुछ ट्रेडिंग कंपनियों ने गाड़ियों को पास कराया जिसमें लाखों रुपये की जीएसटी की चोरी की।
इसके बाद विभाग से क्लेम भी मांग लिया जिसकी जांच के लिए टीम ने सीमावर्ती क्षेत्र के जीएसटी नंबर के लिए युवक की तलाश कर रही है। सोनौली और नौतनवा के ऐसे 27 जीएसटी धारक को चिह्नित किया है जो नेपाल माल एक्सपोर्ट करते हैं। उनके बैंक डिटेल की जांच की जा रही है।
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कुछ तो ऐसे हैं जिनके ऑफिस व पंजीकृत गोदाम का पता ही नहीं है। उनका कारोबार करोड़ों में होता है। सूत्रों के मुताबिक, राजस्व खुफिया निदेशालय डीआरआई की खुफिया टीम जीएसटी चोरी सहित अन्य अवैध व्यापार की शिकायत पर जांच कर रही है। रविवार को टीम ने सोनौली के तीन युवकों से करीब चार घंटे तक पूछताछ की।
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करीब एक सप्ताह पहले सोनौली के एजेंट और नौतनवा के कारोबारी के यहां छापेमारी कर टीम दस्तावेज ले गई थी। राजस्व की टीम की सोनौली सीमा का यह दूसरा दौरा है। करीब 27 लोगों की सूची बनने की बात कही जा रही है। इसमें जीएसटी चोरी सहित अन्य धंधा करने वाले शामिल हैं।
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सूत्रों की माने तो दिल्ली सहित अन्य महानगरों से कच्चे बिल पर ओरिजनल जीएसटी नंबर पर सामानों की बुकिंग होती है। नेपाल में कपड़ा तस्करी के लिए एक गिरोह लगा हुआ है। नेपाल बुटवल के कपड़ा कारोबारी ने बताया कि कपड़ा तस्करों के कारण कारोबार चौपट हो गया है। उन्होंने बताया कि गुजरात और दिल्ली से कच्चे बिल पर रेलवे और बस में कपड़ों की बुकिंग होती है।
कपड़ा नेपाल सीमा पर पहुंचने के बाद नेपाल के प्रमुख सीमावर्ती क्षेत्र तक ट्रकों से गोरखपुर और फिर नौतनवा, सोनौली, ठूठीबारी और सिसवा के गोदाम में डंप किया जाता है। एक से दो बंडल कपड़े को कैरियर नेपाल के सीमावर्ती गांव में डंप करते हैं।
सूत्रों की माने तो जीएसटी के अधिकारियों ने एक माह में दो बार सोनौली बॉर्डर का दौरा किया है। नौतनवा की कुछ ट्रेडिंग कंपनियों ने गाड़ियों को पास कराया जिसमें लाखों रुपये की जीएसटी की चोरी की।
इसके बाद विभाग से क्लेम भी मांग लिया जिसकी जांच के लिए टीम ने सीमावर्ती क्षेत्र के जीएसटी नंबर के लिए युवक की तलाश कर रही है। सोनौली और नौतनवा के ऐसे 27 जीएसटी धारक को चिह्नित किया है जो नेपाल माल एक्सपोर्ट करते हैं। उनके बैंक डिटेल की जांच की जा रही है।